उत्तर प्रदेश में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने लखनऊ, आगरा, मेरठ सहित राज्य के 30 से अधिक जिलों में भारी बारिश, गरज-चमक और वज्रपात का अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले 24 से 48 घंटों के दौरान कई जिलों में तेज बारिश होने की संभावना है। प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है।
मौसम विभाग के मुताबिक, लखनऊ, आगरा, मेरठ, कानपुर, नोएडा, गाजियाबाद, अलीगढ़, बरेली, मुरादाबाद, सहारनपुर, बिजनौर, मुजफ्फरनगर, बुलंदशहर, मथुरा, फिरोजाबाद, एटा, बदायूं, शाहजहांपुर, सीतापुर, हरदोई, उन्नाव, बाराबंकी, रायबरेली, अमेठी और आसपास के कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। कई स्थानों पर बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की भी संभावना जताई गई है।
आगरा में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के कारण एक बड़ा हादसा टल गया। शहर के एक क्षेत्र में नाले के किनारे बनी दुकान अचानक भरभरा कर नाले में गिर गई। घटना के समय दुकान के अंदर और आसपास कई लोग मौजूद थे। सूचना मिलते ही पुलिस, फायर ब्रिगेड और स्थानीय प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंचीं और तत्काल राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया गया।
रेस्क्यू अभियान के दौरान मलबे और नाले में फंसे पांच लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। इनमें एक महिला सिपाही भी शामिल थीं। अधिकारियों के अनुसार, सभी लोगों को प्राथमिक उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया, जहां उनकी हालत खतरे से बाहर बताई गई। समय रहते राहत दल के पहुंचने से बड़ा हादसा टल गया।
स्थानीय प्रशासन ने बताया कि लगातार बारिश के कारण नालों का जलस्तर तेजी से बढ़ गया था। प्रारंभिक जांच में माना जा रहा है कि पानी के तेज बहाव और भूमि के कटाव के कारण दुकान की नींव कमजोर हो गई, जिससे वह नाले में गिर गई। घटना के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए संबंधित विभागों द्वारा जांच की जा रही है।
भारी बारिश का असर प्रदेश के कई शहरों में देखने को मिला है। लखनऊ, मेरठ, गाजियाबाद और नोएडा सहित कई जिलों में जलभराव के कारण यातायात प्रभावित हुआ। कई प्रमुख सड़कों पर पानी भरने से वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। नगर निगम और स्थानीय प्रशासन की टीमें जलनिकासी के कार्य में जुटी हुई हैं ताकि लोगों को जल्द राहत मिल सके।
भारत मौसम विज्ञान विभाग ने लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है। मौसम विभाग ने कहा है कि गरज-चमक के दौरान खुले स्थानों, पेड़ों के नीचे और बिजली के खंभों के पास खड़े होने से बचें। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहने और स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है।
राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण और जिला प्रशासन ने सभी संबंधित विभागों को अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए हैं। राहत एवं बचाव दलों को संवेदनशील क्षेत्रों में तैनात किया गया है। बाढ़ संभावित इलाकों और जलभराव वाले क्षेत्रों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके।
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि सक्रिय मानसूनी प्रणाली और कम दबाव के क्षेत्र के प्रभाव के कारण अगले कुछ दिनों तक उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है। किसानों को भी मौसम विभाग की सलाह के अनुसार कृषि कार्य करने और फसलों की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाने की सलाह दी गई है।
फिलहाल पूरे उत्तर प्रदेश में प्रशासन मौसम की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। भारी बारिश के मद्देनजर लोगों से अपील की गई है कि वे केवल आधिकारिक मौसम बुलेटिन और जिला प्रशासन द्वारा जारी सूचनाओं पर ही भरोसा करें। यदि वर्षा का दौर जारी रहता है तो आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त एहतियाती कदम भी उठाए जा सकते हैं।