उत्तर प्रदेश एसटीएफ (Noida Unit) और आगरा पुलिस की संयुक्त टीम ने 27 फरवरी को आगरा के थाना एकता क्षेत्र में हुई मुठभेड़ में 50 हजार रुपये के इनामी गैंगस्टर पवन उर्फ कल्लू को मार गिराया।मुठभेड़ के दौरान पवन गंभीर रूप से घायल हुआ था। उसे इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।
50 हजार का इनामी था, पहले भी रह चुका है एक लाख का इनाम
पवन पुत्र संतराम, निवासी सिरौली थाना लोनी (गाजियाबाद) का रहने वाला था। वह आगरा कमिश्नरेट के थाना ताजगंज में दर्ज रंगदारी के मुकदमे में वांछित था।शासन की ओर से उस पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित था। इससे पहले वर्ष 2021 में हत्या के एक मामले में उस पर एक लाख रुपये का इनाम भी रह चुका था। वह दिल्ली से जेल भी जा चुका था।
18 से ज्यादा मुकदमों में था वांछित
पुलिस के अनुसार, पवन शासन द्वारा चिन्हित रणदीप भाटी-अमित कसाना गैंग का सक्रिय शूटर था।
उस पर:
4 हत्या के मामले
2 रंगदारी के केस
कुल 18 से अधिक आपराधिक मुकदमे दर्ज थे।
जांच एजेंसियों के मुताबिक उसका संपर्क अमेरिका में बैठे गैंगस्टर हिमांशु भाऊ से भी बताया गया है।
2016 में जज के गनर से लूटी गई पिस्टल बरामद
UP STF Encounter के बाद मौके से 9 एमएम की पिस्टल और कई जिंदा कारतूस बरामद किए गए।जांच में सामने आया कि यह पिस्टल वर्ष 2016 में थाना बिसरख (गौतमबुद्ध नगर) क्षेत्र में एक कांस्टेबल मोनू धीमन से लूटी गई थी। उस समय वह एडिशनल सेशन जज के पीएसओ ड्यूटी पर तैनात थे।
इस मामले में थाना बिसरख में केस नंबर 247/16 धारा 279, 337, 392 और 427 आईपीसी के तहत मुकदमा दर्ज है।एसटीएफ के अनुसार, बरामद पिस्टल वही है जिसे ग्रेटर नोएडा में जज के गनर से लूटा गया था।








