उत्तर प्रदेश में गैंगस्टर रवि काना की रिहाई को लेकर उठे विवाद के बाद बड़ा प्रशासनिक एक्शन सामने आया है। बांदा जेल के जेलर विक्रम सिंह यादव को निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई जेल अधीक्षक की प्रारंभिक रिपोर्ट के आधार पर डीजी जेल द्वारा की गई है। साथ ही मामले में विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है।
रिहाई प्रक्रिया में अनियमितताओं के संकेत
गैंगस्टर रवि काना की रिहाई से जुड़े मामले की जांच डीआईजी जेल, प्रयागराज रेंज राजेश श्रीवास्तव को सौंपी गई है। प्रारंभिक जांच में रिहाई प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताओं के संकेत मिले हैं, जिसके बाद जेल प्रशासन पर सवाल खड़े हो गए हैं।
2024 से जेल में बंद था रवि काना
जानकारी के मुताबिक, गैंगस्टर रवि काना वर्ष 2024 से बांदा जेल में बंद था। 29 जनवरी 2026 को उसे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कोर्ट में पेश किया गया, लेकिन हैरानी की बात यह रही कि उसी दिन शाम को उसे बांदा जेल से रिहा कर दिया गया।
कोर्ट ने मांगी रिपोर्ट, 6 दिन की डेडलाइन
इस मामले को गंभीरता से लेते हुए कोर्ट ने जेल अधीक्षक से छह दिनों के भीतर विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी और प्रशासनिक कार्रवाई तय की जाएगी।








