Magh Mela Viral Girl: संगम की रेती पर माला बेचने वाली माही निषाद बनी सोशल मीडिया सेंसेशन
Prayagraj की संगम रेती पर लगे देश के सबसे बड़े वार्षिक धार्मिक आयोजन Magh Mela में इस बार आस्था के साथ-साथ सोशल मीडिया का रंग भी खूब देखने को मिल रहा है।साधु-संतों, कल्पवासियों और श्रद्धालुओं की भीड़ के बीच माला बेचने वाली एक साधारण सी लड़की माही निषाद इन दिनों इंटरनेट पर जमकर वायरल हो रही हैं।
माला बेचते-बेचते बनीं ‘Magh Mela Viral Girl’
माही निषाद माघ मेले में अपने हाथों से बनी मालाएं बेचती हैं।लेकिन सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद अब हालात यह हैं कि जब भी वह माला लेकर मेले में निकलती हैं, लोग उन्हें घेर लेते हैं—
कोई सेल्फी लेना चाहता है
कोई रील बनाता है
देखते ही देखते उनके चारों ओर भीड़ जमा हो जाती है।
पहचान के साथ बढ़ीं परेशानियां
माही का कहना है कि पहचान मिलना अच्छा लगता है, लेकिन इसके साथ परेशानियां भी बढ़ गई हैं। लगातार फोटो और वीडियो बनवाने की वजह से उनका काम प्रभावित हो रहा है।
माही बताती हैं—“लोग अब ग्राहक बनने की बजाय सिर्फ सेल्फी लेने आते हैं। कई बार पूरा दिन निकल जाता है, लेकिन पहले जितनी मालाएं बिकती थीं, अब उतनी नहीं बिक पा रहीं।”
सलमान खान की जबरदस्त फैन हैं माही
माही निषाद प्रयागराज की रहने वाली हैं और माघ मेले में माला बेचकर अपने परिवार का गुजारा करती हैं।बातचीत में उन्होंने बताया कि वह बॉलीवुड सुपरस्टार Salman Khan की बड़ी फैन हैं।
उन्होंने कहा—
सलमान खान की लगभग सभी फिल्में देखी हैं
उनकी सादगी और स्टाइल उन्हें बहुत पसंद है
इसके अलावा माही को भोजपुरी फिल्मों की मशहूर अभिनेत्री Amrapali Dubey भी काफी पसंद हैं।
फिल्मों में काम करने की इच्छा, लेकिन अभी रोजी-रोटी पहली प्राथमिकता
माही का कहना है कि अगर कभी मौका मिला तो वह फिल्मों में काम करना जरूर चाहेंगी, लेकिन फिलहाल उनका पूरा ध्यान अपनी रोजी-रोटी पर है।
वह कहती हैं— “वायरल होना अच्छा है, लेकिन सम्मान के साथ अपना काम कर पाना ज्यादा जरूरी है।”
मोनालिसा से होने लगी तुलना
इससे पहले कुंभ मेले के दौरान माला बेचने वाली मोनालिसा भी सोशल मीडिया पर वायरल हुई थीं और बाद में उन्हें फिल्मों में काम करने का मौका मिला था।अब माघ मेले में माही निषाद को देखकर लोग उनकी तुलना मोनालिसा से करने लगे हैं।हालांकि माही साफ कहती हैं कि वह किसी सपने के पीछे नहीं भाग रहीं—बस चाहती हैं कि शांति और सम्मान के साथ अपना काम कर सकें।








