प्रयागराज में IAS अधिकारी के किराए के मकान से सेक्स रैकेट का खुलासा, 15 हजार रेंट पर चल रहा था गोरखधंधा
प्रयागराज। शहर के पुराने और घनी आबादी वाले कीडगंज इलाके में उस समय सनसनी फैल गई, जब पुलिस ने एक महिला आईएएस अधिकारी के किराए के मकान में चल रहे सेक्स रैकेट का भंडाफोड़ किया। मकान मात्र 15 हजार रुपये मासिक किराए पर दिया गया था और एग्रीमेंट में परिवार के साथ रहने की शर्त दर्ज थी, लेकिन हकीकत इससे बिल्कुल अलग निकली।
पड़ोसियों के शक से शुरू हुई कहानी
शुरुआत में सब कुछ सामान्य नजर आया। दिन में भीड़भाड़ नहीं थी, लेकिन रात के वक्त लड़कों और लड़कियों की बढ़ती आवाजाही ने पड़ोसियों का ध्यान खींचा। धीरे-धीरे यह शक गहराता गया और आखिरकार स्थानीय लोगों ने पुलिस को सूचना दी। स्थानीय लोगों का कहना है कि पहले किराएदार ने परिवार के साथ रहने का दावा किया था, इसलिए किसी ने सवाल नहीं उठाया। लेकिन कुछ समय बाद माहौल बदल गया और हर रात नए-नए चेहरे दिखने लगे।
गोपनीय निगरानी के बाद पुलिस का छापा
शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने सीधे कार्रवाई करने के बजाय गोपनीय निगरानी शुरू की। संदिग्ध गतिविधियों की पुष्टि होते ही एक विशेष टीम गठित की गई। तय योजना के तहत रविवार रात पुलिस ने मकान पर अचानक छापा मारा।
पुलिस के मुताबिक, दरवाजा खोलने के लिए कई बार आवाज दी गई, लेकिन अंदर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। इसके बाद दरवाजा जबरन खुलवाया गया। जैसे ही पुलिस अंदर दाखिल हुई, हर कमरे का नजारा चौंकाने वाला था।
हर कमरे से युवक-युवतियां आपत्तिजनक हालत में मिले
छापेमारी के दौरान मकान के अलग-अलग कमरों से चार युवतियां और चार युवक आपत्तिजनक स्थिति में पाए गए। कमरों से कुछ संदिग्ध और आपत्तिजनक सामग्री भी बरामद की गई, जिसे पुलिस ने जब्त कर लिया है।
इसी दौरान मकान के बाहर खड़ा एक व्यक्ति पुलिस को संदिग्ध लगा। पूछताछ में उसकी पहचान नेटवर्क के सरगना के रूप में हुई, जो बाहर रहकर पूरे संचालन पर नजर रख रहा था।
IAS अधिकारी का मकान, परिवार के नाम पर लिया गया था किराया
पुलिस जांच में सामने आया कि मकान एक महिला आईएएस अधिकारी का है। उन्होंने यह मकान करीब तीन महीने पहले किराए पर दिया था। किराए का एग्रीमेंट साफ तौर पर परिवार के साथ रहने के लिए किया गया था।शुरुआती दिनों में किराएदार ने अपने परिवार को कुछ समय तक मकान में रखा, जिससे मोहल्ले वालों को कोई संदेह नहीं हुआ। बाद में परिवार को दूसरे स्थान पर भेज दिया गया और इसके बाद ही मकान में अवैध गतिविधियां तेज हो गईं।
अलग-अलग शहरों से लाई गई थीं युवतियां
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि पकड़ी गई युवतियां पश्चिम बंगाल, वाराणसी और प्रयागराज की रहने वाली हैं, जबकि युवक स्थानीय बताए जा रहे हैं। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि युवतियों को किस माध्यम से यहां लाया गया और क्या यह नेटवर्क अन्य शहरों तक फैला हुआ है।








