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CM Yogi का हमला: कौन है Alok Sipahi, जिसे बताया सपाई?

उत्तर प्रदेश विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दौरान कोडिन कफ सिरप तस्करी का मुद्दा जोर-शोर से उठा। इसी बीच CM Yogi Adityanath ने “आलोक सिपाही है, सपाई है” वाला बयान देकर समाजवादी पार्टी को सीधे कटघरे में खड़ा कर दिया। इसके बाद सवाल उठने लगा कि आखिर कौन है यह Alok Sipahi, जिसकी तस्वीर Akhilesh […]

CM Yogi का हमला: कौन है Alok Sipahi, जिसे बताया सपाई?

उत्तर प्रदेश विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दौरान कोडिन कफ सिरप तस्करी का मुद्दा जोर-शोर से उठा। इसी बीच CM Yogi Adityanath ने “आलोक सिपाही है, सपाई है” वाला बयान देकर समाजवादी पार्टी को सीधे कटघरे में खड़ा कर दिया। इसके बाद सवाल उठने लगा कि आखिर कौन है यह Alok Sipahi, जिसकी तस्वीर Akhilesh Yadav के साथ सामने आने पर सियासी घमासान शुरू हो गया।

धनंजय सिंह से करीबी, आलीशान कोठी से पहचान

पूर्व सांसद Dhananjay Singh आलोक सिंह को अपना छोटा भाई बताते रहे हैं। आलोक सिंह की आलीशान कोठी धनंजय सिंह के आवास के ठीक सामने बनी है। इसी कोठी पर ED ने कोडिन कफ सिरप तस्करी मामले में करीब 36–38 घंटे तक छापेमारी और वैल्यूएशन किया था।आलोक प्रताप सिंह मूल रूप से चंदौली के कैथी गांव का रहने वाला बताया जाता है। उसके पिता रेलवे मेल सर्विस में कार्यरत थे।

सिपाही से विवादों तक का सफर

आलोक प्रताप सिंह वर्ष 1997 में उत्तर प्रदेश पुलिस में सिपाही के रूप में भर्ती हुआ। शुरुआती पोस्टिंग गोंडा में हुई, जहां से उसका आपराधिक नेटवर्क बढ़ने की चर्चा रही। वर्ष 2005 में लखनऊ क्राइम ब्रांच में तैनाती के दौरान उस पर प्रयागराज के एक व्यापारी से 3 किलो सोना लूटने का आरोप लगा। मामले में FIR, चार्जशीट और लंबी अदालती प्रक्रिया के बाद वर्ष 2022 में उसे बरी कर दिया गया, लेकिन इस केस के चलते वह जेल भी जा चुका था।

बर्खास्तगी, हाईकोर्ट और वापसी

सोना लूट कांड के बाद आलोक सिंह को विभाग से बर्खास्त किया गया, लेकिन हाईकोर्ट से राहत मिलने पर उसकी पुलिस में वापसी हो गई। इसके बावजूद उसका नाम लगातार विवादों में आता रहा।
वर्ष 2019 में नाका क्षेत्र में व्यापारी से लूट और हजरतगंज फायरिंग केस में भी उसका नाम उछला। बाद में विभागीय जांच के बाद उसे दोबारा बर्खास्त कर दिया गया।

STF में रहते हुए मुखबिरी का आरोप

सूत्रों के मुताबिक, STF में तैनाती के दौरान भी आलोक सिंह पर अपराधियों को सूचना देने के आरोप लगे। इसी वजह से बाद में STF की कार्यप्रणाली में बदलाव किया गया और ऑपरेशन की लोकेशन को गोपनीय रखने की व्यवस्था लागू की गई।

ED रेड और कोडिन कफ सिरप कनेक्शन

हाल के दिनों में Enforcement Directorate ने लखनऊ के सुल्तानपुर रोड स्थित आलोक सिंह की करीब 20 हजार वर्गफुट में बनी कोठी पर छापा मारा। जांच में कई कीमती प्रॉपर्टी के दस्तावेज सामने आने की बात कही जा रही है।
सूत्रों के अनुसार, कोडिन कफ सिरप तस्करी से हुई कमाई को रियल एस्टेट में निवेश किया गया। इसी कड़ी में सपा से जुड़े कुछ अन्य नाम भी सामने आए।

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