कोडीन कफ सिरप केस: वाराणसी कोर्ट ने पूर्व IPS अमिताभ ठाकुर को 1 जनवरी तक न्यायिक हिरासत में भेजा
कोडीन कफ सिरप मामले में मानहानिकारक आरोप लगाने के केस में पूर्व IPS अधिकारी और आजाद सेना के अध्यक्ष अमिताभ ठाकुर को शुक्रवार को कड़ी सुरक्षा के बीच वाराणसी की स्पेशल CJM कोर्ट में पेश किया गया। सुनवाई के बाद अदालत ने उन्हें 1 जनवरी तक न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया, जिसके बाद पुलिस उन्हें देवरिया जेल लेकर रवाना हो गई।
कोर्ट की टिप्पणी: ऐसे मामलों में पुलिस रिमांड नहीं बनती
यह मामला वाराणसी के चौक थाना क्षेत्र में दर्ज किया गया था, जिसकी सुनवाई प्रभारी विशेष मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट राजीव मुकुल पांडे की अदालत में हुई।सुनवाई के दौरान पुलिस ने न्यायिक रिमांड की मांग की, लेकिन अदालत ने टिप्पणी करते हुए कहा कि इस तरह के मामलों में पुलिस रिमांड नहीं बनाई जा सकती। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और केस डायरी का अवलोकन करने के बाद अदालत ने अमिताभ ठाकुर को न्यायिक अभिरक्षा में भेजने का फैसला सुनाया।
क्या है पूरा मामला
चौक थाना क्षेत्र के बड़ी पियरी निवासी अम्बरीश सिंह भोला ने 9 दिसंबर को अमिताभ ठाकुर और उनकी पत्नी नूतन ठाकुर के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था।अम्बरीश सिंह भोला का आरोप है कि 30 नवंबर को अमिताभ ठाकुर ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो पोस्ट कर उन्हें आपराधिक मामलों में संलिप्त बताया और कोडीन कफ सिरप केस में बिना ठोस सबूत उनका नाम जोड़ते हुए भ्रामक और मानहानिकारक जानकारी प्रसारित की।
वकीलों ने किया पुलिस रिमांड का विरोध
पेशी के दौरान अमिताभ ठाकुर के अधिवक्ताओं ने पुलिस रिमांड का कड़ा विरोध किया। उनके वकील अनुज यादव ने दलील दी कि जिन धाराओं में मुकदमा दर्ज है, उनमें अधिकतम सजा सात साल से कम है और ऐसे मामलों में गिरफ्तारी और रिमांड पर सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देश लागू होते हैं।हालांकि, अदालत ने सभी दलीलों पर विचार करने के बाद न्यायिक हिरासत का आदेश दिया।
कचहरी परिसर में कड़ी सुरक्षा
अमिताभ ठाकुर की पेशी को देखते हुए कचहरी परिसर में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। अदालत के अंदर-बाहर और पूरे परिसर में भारी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा।








