• Home  
  • Lucknow AQI: 490 या 174? UP सरकार का आंकड़ा
- उत्तरप्रदेश - खेल - लखनऊ

Lucknow AQI: 490 या 174? UP सरकार का आंकड़ा

लखनऊ में बुधवार को भारत बनाम दक्षिण अफ्रीका चौथा T20 मैच घने कोहरे और खराब दृश्यता  के कारण रद्द कर दिया गया। मैच रद्द होते ही Lucknow AQI को लेकर सोशल मीडिया पर तरह-तरह के दावे सामने आने लगे। कई सोशल मीडिया पोस्ट में दावा किया गया कि लखनऊ का AQI 490 तक पहुंच गया, […]

Lucknow Match Cancelled: BCCI करेगा टिकट रिफंड

लखनऊ में बुधवार को भारत बनाम दक्षिण अफ्रीका चौथा T20 मैच घने कोहरे और खराब दृश्यता  के कारण रद्द कर दिया गया। मैच रद्द होते ही Lucknow AQI को लेकर सोशल मीडिया पर तरह-तरह के दावे सामने आने लगे।

कई सोशल मीडिया पोस्ट में दावा किया गया कि लखनऊ का AQI 490 तक पहुंच गया, जिससे शहर की हवा को Severe Category में बताया गया। हालांकि, इन दावों के बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने Lucknow AQI को लेकर आधिकारिक बयान जारी किया।

UP सरकार का दावा: Lucknow AQI 174, हवा मॉडरेट श्रेणी में

UP सरकार के अनुसार, लखनऊ का AQI 174 दर्ज किया गया, जो Moderate Air Quality को दर्शाता है। सरकार ने स्पष्ट किया कि सोशल मीडिया और अन्य प्लेटफॉर्म पर प्रसारित हो रहे AQI आंकड़े भ्रामक हैं और अधिकतर निजी एप्स  से लिए गए हैं।

US-EPA बनाम NAQI: अलग-अलग मानकों से पैदा होता है भ्रम

सरकारी बयान में कहा गया कि कई विदेशी प्लेटफॉर्म US-EPA मानकों का उपयोग करते हैं, जबकि भारत में National Air Quality Index को अपनाया जाता है। दोनों प्रणालियों के मापन मानक अलग-अलग होने के कारण AQI आंकड़ों में बड़ा अंतर नजर आता है।

सरकारी स्टेशन अधिक प्रमाणिक

सरकार के अनुसार लालबाग, तालकटोरा और अलीगंज जैसे सरकारी AQI मॉनिटरिंग स्टेशन प्रमाणित और कैलिब्रेटेड उपकरणों से डेटा एकत्र करते हैं। वहीं निजी संस्थाएं अक्सर सैटेलाइट डेटा या अनकैलिब्रेटेड सेंसर का उपयोग करती हैं, जिनमें त्रुटि की संभावना अधिक रहती है।

CPCB डेटा 24 घंटे के औसत पर आधारित

सरकार ने बताया कि केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड  द्वारा जारी AQI डेटा पिछले 24 घंटों के औसत वैज्ञानिक मूल्यांकन पर आधारित होता है, जिससे शहर की वास्तविक और समग्र वायु गुणवत्ता सामने आती है। इसके विपरीत, कई निजी ऐप्स क्षणिक और स्थानीय धूल-कणों को दिखाते हैं, जो पूरे शहर की स्थिति को नहीं दर्शाते।

धूल और धुएं में अंतर नहीं कर पाते निजी ऐप्स

विशेषज्ञों के मुताबिक कई निजी ऐप्स धूल कण और धुएं के बीच अंतर नहीं कर पाते। भारतीय शहरों में धूल की मात्रा स्वाभाविक रूप से अधिक होती है, लेकिन विदेशी मॉडल इसे सीधे प्रदूषण मान लेते हैं। इसी कारण AQI वास्तविकता से अधिक दिखाया जाता है और अनावश्यक डर का माहौल बनता है।

अन्य ख़बर पढ़े।

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

About Us

We are a trusted news portal delivering the latest updates, breaking news, and in-depth stories from around the world. Our goal is to keep you informed, every time.

 

Address : 18/587, behind : Hanuman Mandir, opposite :Lucknow, Uttar Pradesh, India , 226016

Email Us: up24networkk@gmail.com

Contact: +91 95111 50055

Quick Link

Top Categories

Pushpa Technosoft  @2024. All Rights Reserved.