40 साल बाद बेटी का जन्म, DJ और 12 गाड़ियों के काफिले संग जश्न; बुंदेलखंड में बदली सोच
उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले के मौदहा कस्बे में 40 साल बाद परिवार में बेटी के जन्म पर ऐसा जश्न मनाया गया, जिसने पूरे इलाके का ध्यान खींच लिया। बेटी के जन्म की खुशी में परिवार ने DJ की धुनों और 12 स्कार्पियो गाड़ियों के काफिले के साथ नवजात को घर लाकर अनोखा सेलिब्रेशन किया। इस मौके पर न सिर्फ परिवार, बल्कि पूरा मोहल्ला जश्न में शामिल नजर आया।
बताया गया कि यह आयोजन बुंदेलखंड क्षेत्र में बेटी के जन्म पर मनाए गए दुर्लभ सार्वजनिक जश्नों में से एक है। आमतौर पर इस इलाके में बेटों के जन्म पर अधिक खुशी मनाई जाती है, जबकि बेटियों के जन्म पर सामाजिक सोच अभी भी पूरी तरह सकारात्मक नहीं मानी जाती। खेती और मजदूरी पर निर्भर इस क्षेत्र में ऐसे जश्न कम ही देखने को मिलते हैं।
परिवार का कहना है कि “बेटियां अल्लाह की रहमत होती हैं” और 40 साल के लंबे इंतजार के बाद बेटी का जन्म उनके लिए किसी नेमत से कम नहीं है। इसी खुशी को उन्होंने खुले दिल से मनाने का फैसला किया और मोहल्ले के लोगों को भी इस जश्न में शामिल किया।
स्थानीय डॉक्टरों और सामाजिक लोगों ने इस पहल को समाज के लिए सकारात्मक संदेश बताया। उनका कहना है कि हाल के वर्षों में पहली बार इस तरह का सार्वजनिक उत्सव देखने को मिला है, जो न सिर्फ परिवार के लिए गर्व की बात है, बल्कि पूरे बुंदेलखंड में बेटी बचाओ, बेटी सम्मान जैसी सोच को मजबूती देता है।
DJ की धुनों, कारों के काफिले और लोगों की खुशियों के बीच नवजात को घर लाया गया। यह जश्न इस बात का प्रतीक बना कि बेटी का जन्म भी उतना ही गर्व और खुशी का अवसर है, जितना किसी भी अन्य खुशी का पल।








