देवरिया जेल में पूर्व IPS अमिताभ ठाकुर आमरण अनशन पर, CCTV फुटेज को लेकर विवाद
उत्तर प्रदेश की देवरिया जेल में बंद पूर्व IPS अधिकारी अमिताभ ठाकुर 1 जनवरी से आमरण अनशन कर रहे हैं। शुक्रवार को सीजेएम कोर्ट में पेशी के दौरान उन्होंने शाहजहांपुर से गिरफ्तारी के समय की CCTV फुटेज और कॉल डिटेल रिकॉर्ड उपलब्ध न कराए जाने पर कड़ा विरोध जताया। इस पूरे मामले को लेकर अब प्रशासन और पुलिस की भूमिका पर सवाल उठने लगे हैं।
गिरफ्तारी के CCTV फुटेज पर विवाद
अमिताभ ठाकुर का आरोप है कि उनकी गिरफ्तारी से जुड़े महत्वपूर्ण सबूत जानबूझकर गायब किए जा रहे हैं, ताकि जिम्मेदार पुलिसकर्मियों को बचाया जा सके। उनका कहना है कि गिरफ्तारी के तरीके और कथित मानवाधिकार उल्लंघन को साबित करने के लिए CCTV फुटेज और CDR बेहद जरूरी हैं।
अनशन जारी रखने का ऐलान
अदालत परिसर में मीडिया से बातचीत के दौरान पूर्व IPS अधिकारी ने साफ कहा कि जब तक गिरफ्तारी से संबंधित CCTV फुटेज उन्हें नहीं दी जाती, तब तक उनका आमरण अनशन जारी रहेगा। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें न्यायालय पर पूरा भरोसा है और वहीं से उन्हें न्याय मिलेगा।
कोर्ट का आदेश: जांच अधिकारी तलब
अमिताभ ठाकुर के अधिवक्ता ने कोर्ट को बताया कि यह मामला वर्ष 1999 से लंबित है, लेकिन अब तक जांच में कोई ठोस सबूत सामने नहीं आया है। इस पर संज्ञान लेते हुए अदालत ने जांच अधिकारी (IO) को सभी दस्तावेजों के साथ 3 जनवरी को पेश होने के निर्देश दिए हैं।
क्या है पूरा मामला
यह मामला 1999 का है, जब अमिताभ ठाकुर देवरिया में तैनात थे। आरोप है कि उन्होंने पद का दुरुपयोग करते हुए औद्योगिक क्षेत्र में जमीन का आवंटन कराया और बाद में उसे बेच दिया। एक शिकायत के आधार पर दर्ज इस मामले में उन्हें दिसंबर में शाहजहांपुर से ट्रेन के जरिए गिरफ्तार किया गया था। फिलहाल वे जेल में बंद हैं और उनकी जमानत याचिका पर सुनवाई चल रही है।








