नई दिल्ली। समाजवादी पार्टी (सपा) के बागी विधायक अभय सिंह को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। जानलेवा हमले के एक पुराने मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट द्वारा दिए गए फैसले को सुप्रीम कोर्ट ने बरकरार रखा है, जिसमें उनके खिलाफ दर्ज केस को रद्द कर दिया गया था। अब शीर्ष अदालत के फैसले से उनकी राजनीतिक राह और अधिक स्पष्ट हो गई है।

हाईकोर्ट ने पहले ही माना था कि अभय सिंह के खिलाफ लगाए गए आरोप राजनीतिक द्वेष पर आधारित हैं और पर्याप्त सबूतों के अभाव में मामला नहीं बनता। सुप्रीम कोर्ट ने भी इस पर सहमति जताते हुए याचिका खारिज कर दी, जिससे हाईकोर्ट का फैसला प्रभावी बना रहा।

राजनीतिक गलियारों में इस फैसले के कई मायने निकाले जा रहे हैं। माना जा रहा है कि अब अभय सिंह के लिए किसी दूसरी पार्टी में शामिल होना और सक्रिय राजनीति में आगे बढ़ना आसान हो गया है। सूत्रों के मुताबिक, वो निकट भविष्य में भाजपा या किसी अन्य दल में शामिल हो सकते हैं।

इस मामले ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या देश में राजनैतिक विरोधियों को झूठे मामलों में फंसाना अब भी एक आम रणनीति है? सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला निश्चित ही राजनीतिक दृष्टिकोण से अहम माना जा रहा है।

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