उत्तर प्रदेश के मऊ जिले में शीतला माता मंदिर विवाद मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। मंदिर परिसर में भाई-बहन से ऑन कैमरा पूछताछ और परिजनों को फोन करवाने के मामले में महिला दारोगा मंजू सिंह को उनके पद से हटा दिया गया है। एसपी मऊ इलामारन जी के निर्देश पर महिला थाना प्रभारी को तत्काल प्रभाव से थाने से हटाकर पुलिस कार्यालय से अटैच कर दिया गया है।
वायरल वीडियो के बाद पुलिस पर उठे सवाल
भाई-बहन से पूछताछ का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठने लगे थे। लोग इसे अनावश्यक दखल और सार्वजनिक अपमान बता रहे थे। मामला तूल पकड़ने के बाद पुलिस प्रशासन ने तुरंत संज्ञान लिया।
मिशन शक्ति के तहत बताई गई पूछताछ
जानकारी के अनुसार, वायरल वीडियो 14 दिसंबर का है और यह कोतवाली नगर क्षेत्र स्थित शीतला माता मंदिर का बताया जा रहा है। महिला थाना प्रभारी मंजू सिंह ने सफाई में कहा कि वह ‘मिशन शक्ति’ अभियान के तहत अपनी टीम के साथ मंदिर परिसर में मौजूद थीं। इसी दौरान वहां घूम रही कुछ नाबालिग लड़कियों और उनके साथ मौजूद एक युवक से पूछताछ की गई।
परिजनों से फोन पर हुई थी बात
पूछताछ के दौरान एक लड़की ने बताया कि वह अपने भाई के साथ मंदिर आई है। इसके बाद महिला दारोगा ने परिजनों का मोबाइल नंबर लेकर उनसे फोन पर बात की। परिजनों ने पुष्टि की कि लड़की अपने भाई के साथ ही मंदिर गई थी और उन्हें इसकी जानकारी थी। यह भी सामने आया कि लड़कियां गाजीपुर जिले से आई थीं।
SP का सख्त रुख, अनावश्यक पूछताछ पर रोक
हालांकि, मिशन शक्ति के तहत जानकारी लेने के बावजूद वीडियो वायरल होने पर एसपी मऊ इलामारन जी ने सख्त कार्रवाई की। उन्होंने स्पष्ट कहा कि
बिना जरूरत किसी को रोककर पूछताछ करना उचित नहीं
पूछताछ का वीडियो बनाना और सार्वजनिक करना गलत है
बेवजह नसीहत देना भी सही नहीं है
दरअसल, वीडियो में महिला दारोगा परिजनों से फोन पर यह कहते सुनी गई थीं—
“अकेले क्यों बाहर भेजते हो, कोई गार्जियन साथ भेजा करो।”








