लखनऊ। लगभग साढ़े चार साल की बच्ची के साथ दुष्कर्म करने वाले ताहिर अली को पॉक्सो एक्ट के विशेष न्यायाधीश मोहम्मद कमरुज्जमा खान ने दोषी ठहराते हुए 20 साल की कैद और 20 हजार रुपये के जुर्माने से दंडित किया है। कोर्ट ने पीड़िता के पुनर्वास के लिए जुर्माने की सारी रकम उसको देने का आदेश दिया है।
कोर्ट में अभियोजन की ओर से बताया गया कि नाबालिग के पिता और मामले के वादी ने सुशांत गोल्फ सिटी थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। एफआईआर के मुताबिक वह परिवार के साथ किराये पर रहकर पेंटिंग का काम करते हैं। दो जून 2024 को किराये के मकान में रहने वाला आरोपी ताहिर अली वादी के घर आया और उनकी साढ़े चार साल की बेटी को अपने कमरे में ले जाकर दुष्कर्म किया। थोड़ी देर बात मासूम रोते हुए घर आई और सारी बात अपनी मां को बताई। इसके बाद नाबालिग को अस्पताल ले जाया गया। पुलिस ने मामला दर्ज होने के बाद तेजी से विवेचना की और 22 दिन में 24 जून 2024 को आरोपी ताहिर अली के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दायर कर दी। कोर्ट ने इस मामले में त्वरित सुनवाई करते हुए जहां 23 जुलाई 2024 को आरोपी पर आरोप तय किया, वहीं 28 अगस्त 2024 से गवाही शुरू कर दी और घटना होने के लगभग 14 महीने के अंदर सुनवाई पूरी करके आरोपी को सजा सुनाई।
यह केस मिशन शक्ति के तहत महिला सुरक्षा के लिए पुलिस का एक प्रत्यक्ष उदाहरण है इसमें ख़ास बात यह है कि इसमें विवेचक भी एक महिला IPS ऑफ़िसर किरन यादव द्वारा इसकी विवेचना की गई यह केस पुलिस, अभियोजन विभाग और न्यायपालिका के बीच बेहतर संबंध का एक उत्कृष्ट उदाहरण है जिसने एक मासूम बच्ची को न्याय दिलाने और एक दोषी अपराधी को रिकार्ड समय में सजा दिलाने में सफलता प्राप्त की है घटित घटना के समय थाना सुशांत गोल्फ सिटी क्षेत्र की ACP IPS किरन यादव थी और एक महिला होने के नाते इनके द्वारा इस केस में त्वरित गति से विवेचना की कार्रवाई पूरी कराई गई और मात्र 22 दिन में न्यायालय में चार्जशीट दाख़िल की गई। IPS किरन यादव की गिनती लखनऊ में तेजतर्रार अधिकारियों में होती है और वर्तमान में ADCP क्राइम के पद पे हैं।
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