Lucknow Water Metro Project: गोमती नदी में सेवा की तैयारी तेज, कोच्चि मॉडल पर मंथन
लखनऊ में गोमती नदी पर वाटर मेट्रो सेवा शुरू करने की दिशा में सरकार ने रफ्तार बढ़ा दी है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना को लेकर परिवहन राज्य मंत्री के सरकारी आवास, कालीदास मार्ग पर एक अहम बैठक आयोजित की गई। बैठक में कोच्चि मेट्रो रेल लिमिटेड के निदेशक भी शामिल रहे और तकनीकी पहलुओं पर विस्तार से चर्चा हुई।
Gomti River Water Metro Feasibility Report पर चर्चा
बैठक के दौरान लखनऊ की गोमती नदी में वाटर मेट्रो चलाने की तकनीकी व्यवहारिकता पर मंथन किया गया। कोच्चि मेट्रो की ओर से तैयार की गई स्टडी रिपोर्ट पेश की गई, जिसमें बताया गया कि गोमती नदी में जल परिवहन की पर्याप्त संभावनाएं हैं। रिपोर्ट के अनुसार, सही योजना और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ यह परियोजना सफलतापूर्वक लागू की जा सकती है।
UP Water Transport Project: कई शहरों तक पहुंचेगी वाटर मेट्रो
परिवहन विभाग के अनुसार, प्रदेश के कई प्रमुख जल स्रोतों पर भी वाटर मेट्रो और जल परिवहन सेवा विकसित करने की योजना है।
लखनऊ की गोमती नदी के अलावा—
मथुरा में यमुना नदी (आगरा–मथुरा रूट)
गोरखपुर का रामगढ़ ताल
बलिया का सुरहा ताल
गंगा नदी के चुनिंदा हिस्से
इन सभी स्थानों की तकनीकी व्यवहारिकता रिपोर्ट पहले ही तैयार की जा चुकी है।
Tourism और Employment को मिलेगा बढ़ावा
सरकार का मानना है कि वाटर मेट्रो परियोजना से न केवल यातायात सुविधाएं बेहतर होंगी, बल्कि इससे पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। लखनऊ को इससे एक नई पहचान मिलने की उम्मीद है।
Water Metro DPR Process: पहले स्टडी, फिर टेंडर
परियोजना को लागू करने से पहले कई अहम बिंदुओं पर अध्ययन किया जाएगा, जिनमें शामिल हैं—
नेविगेशनल एड्स
इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम
पैसेंजर काउंटिंग सिस्टम
पर्यावरणीय और सामाजिक प्रभाव अध्ययन
टर्मिनल और जेट्टी निर्माण
रोड कनेक्टिविटी और पॉन्टून
ऑटोमेटिक फेयर कलेक्शन सिस्टम
इलेक्ट्रिकल इंफ्रास्ट्रक्चर, बोट चार्जिंग
फायर प्रोटेक्शन और HVAC सिस्टम
इन सभी पहलुओं के आधार पर DPR तैयार की जाएगी, जिसके बाद लागत तय कर अलग-अलग कार्यों के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू होगी।








