लखनऊ में गुरुवार की रात 12 बजते ही ‘मैरी क्रिसमस’ की गूंज सुनाई देने लगी। शहर के प्रमुख धार्मिक स्थल कैथेड्रल चर्च में क्रिसमस के अवसर पर विशेष प्रार्थना सभा का आयोजन किया गया। बड़ी संख्या में श्रद्धालु चर्च पहुंचे और प्रभु यीशु मसीह के जन्म का उत्सव मनाया।
कैरोल गायन से गूंजा चर्च परिसर
प्रार्थना के बाद चर्च परिसर में कैरोल गायन हुआ, जिसमें बच्चों और युवाओं ने प्रभु यीशु के जन्म से जुड़े गीत गाए। श्रद्धालुओं ने मोमबत्तियां जलाकर शांति, प्रेम और भाईचारे की कामना की।
बिशप जेराल्ड ने दिया शांति और प्रेम का संदेश
क्रिसमस कार्यक्रम के दौरान बिशप जेराल्ड ने सभी को ‘मैरी क्रिसमस’ की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने अपने संदेश में कहा कि यीशु मसीह का जीवन प्रेम, करुणा और दया का प्रतीक है, जिसे हर व्यक्ति को अपने जीवन में अपनाना चाहिए।उन्होंने कहा कि समाज में शांति और सौहार्द बनाए रखने के लिए आपसी प्रेम और मानवता सबसे बड़ा संदेश है।
श्रद्धालुओं में दिखा उत्साह
क्रिसमस को लेकर चर्च को आकर्षक लाइटों से सजाया गया था। आधी रात के बाद चर्च परिसर में खुशी और उल्लास का माहौल देखने को मिला। लोगों ने एक-दूसरे को गले लगाकर क्रिसमस की बधाइयां दीं।








