Akhilesh Yadav: अमेरिका से डील नहीं ढील, बाजार सौंपने का आरोप, सनातन व्रत पर जताई चिंता
समाजवादी पार्टी (SP) के सांसद अखिलेश यादव ने अमेरिका के साथ हुए कथित समझौते को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने इस समझौते को ‘डील’ नहीं बल्कि ‘ढीलापन’ करार देते हुए आरोप लगाया कि इसके जरिए भारत ने अपना पूरा बाजार अमेरिका को सौंप दिया है।
अखिलेश यादव ने विशेष रूप से डेयरी उत्पादों के आयात को लेकर चिंता जताई और इसे सनातन धर्म की परंपराओं से जोड़ते हुए गंभीर सवाल खड़े किए।
Dairy Import और Sanatan Vrat पर सवाल
अखिलेश यादव ने कहा कि यदि अमेरिका से डेयरी उत्पादों का आयात बढ़ता है, तो इसका सीधा असर सनातन धर्म के व्रत और धार्मिक परंपराओं पर पड़ेगा। उन्होंने सवाल उठाया कि ऐसे हालात में सनातन परंपराओं का पालन कैसे संभव होगा।उनका कहना था कि देश के लोगों को यह सोचने की जरूरत है कि भारतीय संस्कृति और धार्मिक रीति-रिवाजों पर इस तरह के समझौते का क्या प्रभाव पड़ेगा।
China Issue और National Security पर भी सरकार को घेरा
अखिलेश यादव ने इस मौके पर चीन के साथ भारत के संबंधों और राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे पर भी सरकार को घेरा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार इन संवेदनशील विषयों पर चर्चा से बचती रही है।
उनका कहना था कि जब विपक्ष ने चीन से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से जानकारी मांगी, तो सरकार पीछे हट गई। उन्होंने जोर देकर कहा कि सीमा सुरक्षा और राष्ट्रीय हित सर्वोपरि हैं और इन पर किसी भी तरह की अस्पष्टता स्वीकार्य नहीं है।
Market Loss और Land Loss का दावा
अखिलेश यादव ने दावा किया कि भारत न सिर्फ चीन के सामने अपनी जमीन, बल्कि अपना बाजार भी खो रहा है। उन्होंने कहा कि देश के नागरिकों को यह जानने का पूरा अधिकार है कि सेना का रुख क्या है और देश किस दिशा में जा रहा है।







