बस्ती में लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की 151वीं जयंती के अवसर पर राष्ट्रीय एकता और राष्ट्रसेवा का संदेश दिया गया। भाजपा प्रदेश कार्यसमिति के सदस्य एवं वरिष्ठ समाजसेवी मनीष मिश्रा ने सरदार पटेल की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। इस दौरान प्रतिमा का विधि-विधान से दुग्धाभिषेक भी किया गया। कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने सरदार वल्लभभाई पटेल के आदर्शों को आत्मसात करने और राष्ट्रीय एकता, सामाजिक समरसता तथा भाईचारे को मजबूत करने का संकल्प लिया।
31 अक्टूबर को देशभर में सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती राष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में मनाई जाती है। उत्तर प्रदेश सरकार भी इस दिन राष्ट्रीय एकता और अखंडता से जुड़े कार्यक्रमों के आयोजन को लेकर दिशा-निर्देश जारी करती रही है।
बस्ती में आयोजित कार्यक्रम के दौरान परिसर राष्ट्रभक्ति के नारों से गूंज उठा। उपस्थित लोगों ने ‘सरदार वल्लभभाई पटेल अमर रहें’ और ‘भारत माता की जय’ के नारे लगाए। कार्यक्रम में सरदार पटेल के व्यक्तित्व, उनके नेतृत्व और देश के एकीकरण में निभाई गई भूमिका को याद किया गया।
सरदार पटेल की प्रतिमा पर अर्पित किए पुष्प
मनीष मिश्रा ने सरदार वल्लभभाई पटेल की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित किए और उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी। इसके बाद प्रतिमा का दुग्धाभिषेक कर राष्ट्र निर्माण में सरदार पटेल के योगदान को नमन किया गया।
कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि सरदार पटेल का जीवन दृढ़ इच्छाशक्ति, अनुशासन, दूरदर्शी नेतृत्व और राष्ट्र के प्रति समर्पण का उदाहरण है। स्वतंत्रता के बाद देश के सामने सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक विभिन्न रियासतों को भारतीय संघ के साथ जोड़कर एक मजबूत और एकीकृत राष्ट्र का निर्माण करना था। सरदार पटेल ने इस प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर देशभर में सरदार पटेल के योगदान को याद करते हुए एकता और अखंडता की शपथ तथा विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। 2026 में उनकी 151वीं जयंती के अवसर पर भी देश के विभिन्न हिस्सों में ऐसे आयोजन किए गए।
नारों से गूंजा कार्यक्रम स्थल
श्रद्धांजलि कार्यक्रम के दौरान माहौल पूरी तरह राष्ट्रभक्ति से सराबोर रहा। लोगों ने सरदार वल्लभभाई पटेल अमर रहें और भारत माता की जय के नारे लगाए। उपस्थित लोगों ने देश की एकता और अखंडता को मजबूत बनाए रखने का संकल्प लिया।
मनीष मिश्रा ने कहा कि सरदार पटेल का व्यक्तित्व केवल इतिहास का हिस्सा नहीं है, बल्कि उनके विचार आज भी देश और समाज के लिए प्रासंगिक हैं। उन्होंने कहा कि राष्ट्र की मजबूती के लिए सामाजिक एकता, आपसी भाईचारा और देशहित की भावना को सर्वोच्च प्राथमिकता देना जरूरी है।
उन्होंने कहा कि सरदार पटेल की सच्ची श्रद्धांजलि तभी होगी, जब उनके बताए आदर्शों को केवल समारोहों तक सीमित न रखकर उन्हें व्यवहार में उतारा जाए। समाज के प्रत्येक वर्ग को साथ लेकर चलने, आपसी मतभेदों को दूर करने और सामाजिक समरसता को मजबूत करने की दिशा में सामूहिक प्रयास जरूरी हैं।
राष्ट्र निर्माण में सरदार पटेल की भूमिका को किया याद
कार्यक्रम में सरदार पटेल के राष्ट्र निर्माण में योगदान पर भी चर्चा हुई। वक्ताओं ने कहा कि आजादी के बाद देश के राजनीतिक एकीकरण की चुनौती बेहद बड़ी थी। सरदार पटेल ने दृढ़ राजनीतिक इच्छाशक्ति और प्रशासनिक कौशल के साथ रियासतों के एकीकरण की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने में ऐतिहासिक भूमिका निभाई।
आकाशवाणी के अनुसार, सरदार पटेल स्वतंत्र भारत के प्रथम उप प्रधानमंत्री और गृह मंत्री रहे तथा 560 से अधिक रियासतों को भारतीय संघ में शामिल कराने की प्रक्रिया में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही। इसी ऐतिहासिक योगदान की स्मृति में 31 अक्टूबर को राष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में मनाया जाता है।
कार्यक्रम में कहा गया कि सरदार पटेल के विचारों में राष्ट्र की एकता, अखंडता और आंतरिक सुरक्षा को विशेष महत्व प्राप्त था। यही कारण है कि उनकी जयंती पर आयोजित होने वाले कार्यक्रमों में राष्ट्रीय एकता और सामाजिक सद्भाव का संदेश प्रमुखता से दिया जाता है।
आपसी भाईचारा और सामाजिक समरसता मजबूत करने का आह्वान
मनीष मिश्रा ने कहा कि आज के समय में सरदार पटेल के आदर्शों को आत्मसात करना और भी महत्वपूर्ण है। उन्होंने लोगों से आपसी भाईचारा बनाए रखने, सामाजिक समरसता को मजबूत करने और राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने की अपील की।
उन्होंने कहा कि देश की एकता केवल प्रशासनिक या राजनीतिक व्यवस्था से मजबूत नहीं होती, बल्कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति की जिम्मेदारी से भी राष्ट्रीय एकता मजबूत होती है। जब लोग अपने व्यक्तिगत मतभेदों से ऊपर उठकर समाज और राष्ट्र के हित में काम करते हैं, तभी एक मजबूत और समरस समाज का निर्माण संभव होता है।
उन्होंने कहा कि सरदार पटेल ने जिस मजबूत और एकीकृत भारत की नींव रखने में योगदान दिया, उसकी विरासत को आगे बढ़ाना वर्तमान पीढ़ी की जिम्मेदारी है। उनके विचार आने वाली पीढ़ियों को राष्ट्रसेवा, अनुशासन और एकता के लिए प्रेरित करते रहेंगे।
बड़ी संख्या में लोग रहे मौजूद
कार्यक्रम में ओम जी पांडेय, संजय मिश्रा, जीडी मिश्रा, अमित चौबे, अंजनी पाठक, विमल पांडेय, राकेश राजभर, संध्या दीक्षित, अमित कुमार शर्मा सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। सभी ने सरदार वल्लभभाई पटेल को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया।
राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम में सरदार पटेल के जीवन और राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान को याद करने के साथ-साथ सामाजिक एकता का संदेश भी दिया गया। कार्यक्रम का मुख्य संदेश यही रहा कि देश की एकता और अखंडता को मजबूत रखना केवल किसी एक संस्था या सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का साझा दायित्व है।