• Home  
  • बार-नाइट क्लब में खेल पड़ा भारी, 3 आबकारी अधिकारी निलंबित
- local news - UttarPradesh

बार-नाइट क्लब में खेल पड़ा भारी, 3 आबकारी अधिकारी निलंबित

प्रयागराज। जिले में अवैध तरीके से शराब परोसे जाने और आबकारी नियमों के उल्लंघन से जुड़े मामले में शासन ने बड़ी कार्रवाई की है। जिला आबकारी अधिकारी संजय कुमार सिंह को निलंबित कर दिया गया है। उनके साथ आबकारी निरीक्षक अखिलेश सिंह और चमन सिंह पर भी निलंबन की कार्रवाई की गई है। निलंबन के […]

प्रयागराज में आबकारी अधिकारियों पर कार्रवाई

प्रयागराज। जिले में अवैध तरीके से शराब परोसे जाने और आबकारी नियमों के उल्लंघन से जुड़े मामले में शासन ने बड़ी कार्रवाई की है। जिला आबकारी अधिकारी संजय कुमार सिंह को निलंबित कर दिया गया है। उनके साथ आबकारी निरीक्षक अखिलेश सिंह और चमन सिंह पर भी निलंबन की कार्रवाई की गई है। निलंबन के बाद जिला आबकारी अधिकारी को प्रयागराज मुख्यालय से संबद्ध कर दिया गया है।

यह कार्रवाई जिले में बार, नाइट क्लब और अन्य स्थानों पर कथित तौर पर बिना वैध लाइसेंस शराब परोसे जाने तथा शराब और मॉडल शॉप से अवैध वसूली के आरोपों की जांच के बाद की गई है। मामले में जिलाधिकारी की ओर से तीन सदस्यीय जांच समिति गठित की गई थी। अपर जिलाधिकारी नगर की अध्यक्षता में हुई जांच के बाद शासन स्तर पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की गई।

जांच के दौरान रात के समय शराब बिक्री और परोसे जाने से जुड़े नियमों के उल्लंघन की शिकायतों को गंभीरता से लिया गया। आरोप था कि कुछ बार और नाइट क्लबों में निर्धारित नियमों और लाइसेंस की शर्तों के विपरीत शराब परोसी जा रही थी। इसके अलावा कुछ शराब दुकानों और मॉडल शॉप से कथित अवैध वसूली की शिकायतें भी सामने आई थीं।

डीएम ने गठित की थी तीन सदस्यीय जांच टीम

मामले की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने तीन सदस्यीय जांच टीम गठित की थी। टीम को पूरे प्रकरण की जांच कर रिपोर्ट देने की जिम्मेदारी दी गई थी। जांच की निगरानी अपर जिलाधिकारी नगर की अध्यक्षता में की गई।

जांच का दायरा केवल शराब की बिक्री तक सीमित नहीं रहा, बल्कि लाइसेंस की शर्तों, बार और नाइट क्लब में शराब परोसने की अनुमति, निर्धारित समय के बाद शराब परोसे जाने और आबकारी विभाग के अधिकारियों की निगरानी व्यवस्था से जुड़े पहलुओं तक रखा गया।

जांच समिति ने उपलब्ध शिकायतों और संबंधित तथ्यों की पड़ताल के बाद अपनी रिपोर्ट अधिकारियों के समक्ष प्रस्तुत की। इसके बाद शासन स्तर पर जिला आबकारी अधिकारी और दो आबकारी निरीक्षकों के खिलाफ कार्रवाई का निर्णय लिया गया।

बिना लाइसेंस शराब परोसने का आरोप

मामले में सामने आए आरोपों का एक प्रमुख हिस्सा बिना लाइसेंस बार में शराब परोसे जाने से जुड़ा है। आरोप है कि कुछ स्थानों पर वैध अनुमति के बिना शराब परोसने का काम किया जा रहा था। इसके अलावा रात में भी शराब परोसे जाने की शिकायतें जांच के दायरे में थीं।

आबकारी व्यवस्था में शराब की बिक्री और परोसने के लिए लाइसेंस और निर्धारित शर्तों का पालन जरूरी होता है। बार, रेस्टोरेंट, क्लब या अन्य प्रतिष्ठान में शराब परोसने के लिए संबंधित श्रेणी का वैध लाइसेंस होना आवश्यक है। लाइसेंस की शर्तों का उल्लंघन पाए जाने पर विभागीय और कानूनी कार्रवाई का प्रावधान है।

ऐसे में जांच समिति के सामने यह महत्वपूर्ण सवाल था कि संबंधित प्रतिष्ठानों पर शराब परोसने की अनुमति थी या नहीं और यदि अनुमति थी तो क्या निर्धारित शर्तों के अनुसार ही शराब परोसी जा रही थी।

रात में शराब परोसने की शिकायत भी जांच में

मामले में रात के समय शराब परोसे जाने की शिकायत भी सामने आई थी। जांच के दौरान यह देखा गया कि संबंधित प्रतिष्ठानों में शराब परोसने का समय निर्धारित नियमों के अनुरूप था या नहीं।

बार और नाइट क्लबों में देर रात तक गतिविधियां चलने के कारण आबकारी विभाग की निगरानी व्यवस्था महत्वपूर्ण हो जाती है। यदि किसी प्रतिष्ठान में निर्धारित समय के बाद शराब परोसी जाती है तो यह लाइसेंस की शर्तों का उल्लंघन माना जा सकता है और संबंधित प्रतिष्ठान के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।

इस मामले में जांच समिति ने इसी तरह की शिकायतों और विभागीय निगरानी से जुड़े पहलुओं की भी जांच की।

शराब और मॉडल शॉप से अवैध वसूली के आरोप

जांच में शराब की दुकानों और मॉडल शॉप से कथित अवैध वसूली के आरोप भी शामिल थे। इन आरोपों को लेकर भी विभागीय स्तर पर जांच की गई।

हालांकि अवैध वसूली से जुड़े आरोपों को जांच में सामने आए निष्कर्षों और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ तय की गई विभागीय कार्रवाई के संदर्भ में ही देखा जाना चाहिए। निलंबन अपने आप में किसी व्यक्ति के खिलाफ आरोपों को अंतिम रूप से सिद्ध नहीं करता। संबंधित अधिकारियों के खिलाफ विभागीय प्रक्रिया के दौरान उनका पक्ष भी सामने आ सकता है।

शासन की कार्रवाई का उद्देश्य विभागीय जवाबदेही तय करना और आबकारी व्यवस्था में नियमों के पालन को सुनिश्चित करना माना जा रहा है।

जिला आबकारी अधिकारी पर शासन की कार्रवाई

शासन ने जिला आबकारी अधिकारी संजय कुमार सिंह के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की है। निलंबन के बाद उन्हें प्रयागराज मुख्यालय से संबद्ध किया गया है। वहीं आबकारी निरीक्षक अखिलेश सिंह और चमन सिंह को भी निलंबित किया गया है।

जिला स्तर पर आबकारी विभाग की जिम्मेदारी शराब की बिक्री, लाइसेंस व्यवस्था, राजस्व संग्रह और नियमों के अनुपालन की निगरानी से जुड़ी होती है। ऐसे में जिले के वरिष्ठ आबकारी अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई को विभागीय निगरानी व्यवस्था के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

विभागीय निगरानी पर भी उठे सवाल

इस पूरे प्रकरण ने आबकारी विभाग की निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े किए हैं। यदि किसी क्षेत्र में बिना लाइसेंस शराब परोसे जाने या निर्धारित समय के बाद शराब परोसे जाने की शिकायतें लंबे समय तक सामने आती हैं, तो स्थानीय स्तर पर निरीक्षण और निगरानी की भूमिका महत्वपूर्ण हो जाती है।

जांच में यदि नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है तो संबंधित प्रतिष्ठानों के साथ-साथ निगरानी में लापरवाही के लिए जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही भी तय की जा सकती है। इसी क्रम में जिला आबकारी अधिकारी और दो निरीक्षकों के निलंबन को देखा जा रहा है।

आगे विभागीय कार्रवाई की प्रक्रिया

निलंबन के बाद अब संबंधित अधिकारियों के खिलाफ विभागीय प्रक्रिया आगे बढ़ सकती है। जांच के दौरान सामने आए तथ्यों और रिपोर्ट के आधार पर शासन संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय करेगा।

वहीं शराब परोसने वाले प्रतिष्ठानों के स्तर पर भी यदि नियमों का उल्लंघन पाया गया है तो आबकारी विभाग उनके लाइसेंस और संचालन के संबंध में नियमानुसार कार्रवाई कर सकता है। इसमें जुर्माना, लाइसेंस के खिलाफ कार्रवाई या अन्य वैधानिक कदम शामिल हो सकते हैं, लेकिन अंतिम कार्रवाई संबंधित जांच और रिकॉर्ड पर निर्भर करेगी।

प्रयागराज में इस कार्रवाई के बाद आबकारी विभाग की निगरानी व्यवस्था पर भी नजर रहेगी। खासकर बार, नाइट क्लब, मॉडल शॉप और अन्य शराब बिक्री केंद्रों पर लाइसेंस और निर्धारित समय की शर्तों का पालन सुनिश्चित करना विभाग के सामने महत्वपूर्ण जिम्मेदारी होगी।

फिलहाल शासन की कार्रवाई में जिला आबकारी अधिकारी संजय कुमार सिंह के साथ आबकारी निरीक्षक अखिलेश सिंह और चमन सिंह को निलंबित किया गया है। तीन सदस्यीय जांच समिति की रिपोर्ट के बाद हुई इस कार्रवाई से साफ है कि शराब कारोबार में नियमों के उल्लंघन और विभागीय निगरानी से जुड़ी शिकायतों को शासन ने गंभीरता से लिया है।

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

About Us

We are a trusted news portal delivering the latest updates, breaking news, and in-depth stories from around the world. Our goal is to keep you informed, every time.

 

Address : 18/587, behind : Hanuman Mandir, opposite :Lucknow, Uttar Pradesh, India , 226016

Email Us: up24networkk@gmail.com

Contact: +91 95111 50055

Quick Link

Top Categories

UP24Network. All Rights Reserved.