बस्ती के नगर थाना क्षेत्र में एटीएम से रुपये निकालने पहुंचे एक युवक के साथ बैंकिंग लेनदेन से जुड़ी परेशानी का मामला सामने आया है। युवक का आरोप है कि एसबीआई के एटीएम ने उसका कार्ड वापस नहीं किया। वहीं, खाते से 10 हजार रुपये भी कट गए, जबकि मशीन से नकदी बाहर नहीं आई। पीड़ित ने इस मामले में थाना नगर में लिखित शिकायत देकर जांच और कार्रवाई की मांग की है।
शिकायतकर्ता की पहचान विकास कुमार पुत्र रमेश चंद के रूप में हुई है। वह रखौना गांव के निवासी हैं। उनका थाना लालगंज क्षेत्र से संबंध है। विकास कुमार के मुताबिक, वह 29 अक्टूबर को दोपहर करीब 4:12 बजे शान ए गौसिया स्कूल के पास स्थित एसबीआई एटीएम पर रुपये निकालने पहुंचे थे। उन्होंने मशीन में अपना एटीएम कार्ड डाला और पिन दर्ज किया। इसके बाद 10 हजार रुपये निकालने का प्रयास किया।
विकास कुमार के अनुसार, लेनदेन की प्रक्रिया पूरी करने के बावजूद एटीएम से नकदी बाहर नहीं आई। इसी दौरान उनका कार्ड भी मशीन में फंस गया। काफी देर तक इंतजार करने के बाद भी कार्ड वापस नहीं मिला। इस स्थिति में वह न तो एटीएम से रुपये निकाल सके और न ही अपना कार्ड वापस प्राप्त कर पाए।
पीड़ित का कहना है कि एटीएम में कार्ड फंसने और नकदी नहीं मिलने के बाद उन्होंने वहां दिए गए हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क किया। फोन पर दूसरी ओर से उन्हें नजदीकी बैंक शाखा से संपर्क करने की सलाह दी गई। इसके बाद उन्होंने आगे की प्रक्रिया जानने का प्रयास किया।
हेल्पलाइन से दोबारा आया फोन
शिकायत में विकास कुमार ने बताया कि कुछ देर बाद उसी नंबर से दोबारा फोन आया। फोन करने वाले व्यक्ति ने कहा कि एटीएम से रुपये निकल जाएंगे। इसी बीच उनके खाते से रकम कटने की जानकारी मिली। पीड़ित के मुताबिक, उनके खाते से 10 हजार रुपये निकल गए, जबकि उन्हें एटीएम से नकदी प्राप्त नहीं हुई थी।
इस घटनाक्रम के बाद युवक को खाते से रकम कटने और कार्ड मशीन में फंसे रहने की चिंता हुई। उन्होंने पूरे मामले को संदिग्ध बताते हुए पुलिस से जांच कराने की मांग की है। हालांकि, हेल्पलाइन पर बातचीत करने वाले व्यक्ति की पहचान और फोन कॉल की वास्तविकता अभी स्पष्ट नहीं है। इसकी पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
संदिग्ध नंबर और सीसीटीवी फुटेज की जांच की मांग
विकास कुमार ने अपनी शिकायत में एटीएम पर मौजूद हेल्पलाइन नंबर की जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि इस नंबर से हुई बातचीत और उसके बाद खाते से रकम कटने की घटना की जांच जरूरी है। उन्होंने एटीएम परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी जांचने का अनुरोध किया है।
सीसीटीवी फुटेज से यह पता लगाने में मदद मिल सकती है कि घटना के समय एटीएम के आसपास कौन मौजूद था। साथ ही, मशीन में कार्ड फंसने और लेनदेन के दौरान हुई गतिविधियों की जानकारी भी मिल सकती है। हालांकि, फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि कार्ड मशीन की तकनीकी खराबी के कारण फंसा या इसके पीछे कोई अन्य वजह थी।
पीड़ित ने पुलिस से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है। खाते से कटी रकम वापस मिलने को लेकर भी वह जांच और संबंधित बैंकिंग प्रक्रिया का इंतजार कर रहे हैं।
थानाध्यक्ष ने जांच का दिया भरोसा
इस मामले में थानाध्यक्ष राम प्रसाद यादव ने बताया कि युवक की ओर से तहरीर प्राप्त हुई है। पुलिस मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई करेगी। फिलहाल शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच की जानी है। इसके बाद ही घटना से जुड़े तथ्यों की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
इस तरह के मामलों में बैंक के लेनदेन रिकॉर्ड, एटीएम मशीन के तकनीकी विवरण और सीसीटीवी फुटेज महत्वपूर्ण हो सकते हैं। खाते से रकम कटने के बावजूद नकदी नहीं मिलने की स्थिति में संबंधित बैंक से भी लेनदेन की जांच कराना जरूरी होता है। इसके लिए पीड़ित को बैंक में शिकायत दर्ज कराकर ट्रांजैक्शन की जानकारी सुरक्षित रखनी चाहिए।
विकास कुमार के मामले में अब पुलिस जांच के साथ बैंकिंग लेनदेन की स्थिति स्पष्ट होना महत्वपूर्ण है। शिकायत के अनुसार, 10 हजार रुपये खाते से कटे हैं, लेकिन एटीएम से नकदी नहीं मिली। वहीं, कार्ड भी मशीन में फंसा रह गया। पुलिस ने तहरीर मिलने की पुष्टि करते हुए जांच का आश्वासन दिया है।