• Home  
  • चक्रवात अर्नब का असर, पूर्वांचल में अलर्ट
- Latest - UttarPradesh

चक्रवात अर्नब का असर, पूर्वांचल में अलर्ट

गोरखपुर। बंगाल की खाड़ी से उठे चक्रवात ‘अर्नब’ के प्रभाव से पूर्वांचल में मौसम ने करवट ले ली है। संभावित तेज हवाओं, गरज-चमक और भारी बारिश को देखते हुए प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। गोरखपुर समेत पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में खराब मौसम की आशंका के बीच आपदा प्रबंधन से जुड़ी […]

चक्रवात अर्नब के असर से पूर्वांचल में अलर्ट

गोरखपुर। बंगाल की खाड़ी से उठे चक्रवात ‘अर्नब’ के प्रभाव से पूर्वांचल में मौसम ने करवट ले ली है। संभावित तेज हवाओं, गरज-चमक और भारी बारिश को देखते हुए प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। गोरखपुर समेत पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में खराब मौसम की आशंका के बीच आपदा प्रबंधन से जुड़ी व्यवस्थाओं को सक्रिय कर दिया गया है। गोरखपुर, चंदौली, देवरिया, कुशीनगर, महाराजगंज, बलिया, मऊ और आजमगढ़ में विशेष सतर्कता बरती जा रही है। गुरुवार को कई इलाकों में आसमान में बादल छाए रहे और कुछ स्थानों पर हल्की बूंदाबांदी भी हुई।

मौसम की स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने राहत और बचाव कार्यों के लिए अधिकारियों तथा कर्मचारियों को अलर्ट रहने के निर्देश दिए हैं। गोरखपुर में जलभराव की समस्या से निपटने के लिए नगर निगम ने विशेष इंतजाम किए हैं। शहर में जलनिकासी के लिए 59 स्थायी पंपों को दुरुस्त कर तैयार रखा गया है। इसके साथ ही करीब 3,000 अधिकारियों और कर्मचारियों को आपदा प्रबंधन से जुड़े कार्यों में लगाया गया है। प्रशासन का जोर है कि बारिश के दौरान किसी भी क्षेत्र में जलभराव होने पर तत्काल कार्रवाई की जा सके।

गोरखपुर में कंट्रोल रूम सक्रिय, छुट्टियां रद्द

चक्रवात के संभावित प्रभाव को देखते हुए गोरखपुर जिले की सभी तहसीलों में कंट्रोल रूम स्थापित किए गए हैं। इन कंट्रोल रूम के माध्यम से संबंधित क्षेत्रों की स्थिति पर नजर रखी जाएगी। किसी भी आपात स्थिति, जलभराव, पेड़ गिरने, बिजली आपूर्ति बाधित होने या अन्य समस्या की सूचना मिलने पर संबंधित विभागों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।

प्रशासन ने अगले 24 घंटे के लिए संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के अवकाश भी रद्द कर दिए हैं। उन्हें अपने कार्यस्थलों पर उपलब्ध रहने और जरूरत पड़ने पर तत्काल मौके पर पहुंचने के निर्देश दिए गए हैं। इस व्यवस्था का उद्देश्य यह है कि खराब मौसम के दौरान प्रशासनिक कामकाज प्रभावित न हो और राहत-बचाव कार्यों में देरी न हो।

नगर निगम को शहर के उन इलाकों पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं, जहां बारिश के दौरान जलभराव की समस्या सामने आती है। निचले इलाकों, प्रमुख सड़कों, नालों और जलनिकासी के संवेदनशील स्थानों पर कर्मचारियों की तैनाती की गई है। 59 स्थायी पंपों को तैयार रखने के साथ जलनिकासी व्यवस्था की जांच भी की गई है, ताकि बारिश का पानी जमा होने पर उसे जल्द निकाला जा सके।

करीब 3,000 अधिकारियों और कर्मचारियों की तैनाती को आपदा प्रबंधन की बड़ी तैयारी के तौर पर देखा जा रहा है। इनमें संबंधित विभागों के कर्मचारी और अधिकारी शामिल हैं, जिन्हें अपने-अपने क्षेत्रों में स्थिति पर नजर रखने तथा आवश्यकता पड़ने पर कार्रवाई करने की जिम्मेदारी दी गई है।

चंदौली में 24 घंटे सक्रिय रहेगा आपदा कंट्रोल रूम

चक्रवात के प्रभाव को देखते हुए चंदौली जिला प्रशासन ने भी अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। कलेक्ट्रेट स्थित जिला आपदा कंट्रोल रूम को 24 घंटे सक्रिय कर दिया गया है। कंट्रोल रूम में अधिकारियों और कर्मचारियों की अलग-अलग पालियों में ड्यूटी लगाई गई है, ताकि किसी भी समय मिलने वाली सूचना पर तत्काल कार्रवाई की जा सके।

प्रशासन ने सिंचाई, बिजली, स्वास्थ्य, पुलिस और स्थानीय निकायों को आपसी समन्वय के साथ अलर्ट रहने के निर्देश दिए हैं। संबंधित विभागों को अपने क्षेत्र की परिस्थितियों पर नजर रखने और किसी भी आपात स्थिति में एक-दूसरे से संपर्क बनाए रखने को कहा गया है।

सिंचाई विभाग को जलस्तर और जलनिकासी से संबंधित परिस्थितियों पर निगरानी रखने की जिम्मेदारी दी गई है। बिजली विभाग को संभावित तेज हवाओं और बारिश के दौरान विद्युत आपूर्ति से जुड़ी समस्याओं पर तत्काल कार्रवाई के लिए तैयार रहने को कहा गया है। स्वास्थ्य विभाग को भी आपात स्थिति में चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं।

पुलिस और स्थानीय निकायों को भी अपने-अपने क्षेत्रों में सतर्कता बरतने के लिए कहा गया है। प्रशासन का प्रयास है कि मौसम खराब होने पर किसी भी तरह की सूचना संबंधित विभाग तक जल्द पहुंचे और राहत कार्यों में विभागों के बीच समन्वय बना रहे।

पूर्वांचल के कई जिलों में बारिश और तेज हवाओं की आशंका

चक्रवात ‘अर्नब’ के प्रभाव से पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में मौसम खराब रहने की संभावना जताई गई है। गोरखपुर, देवरिया, कुशीनगर, महाराजगंज, बलिया, मऊ, आजमगढ़ और चंदौली सहित आसपास के क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ बारिश और तेज हवाएं चलने की आशंका है।

मौसम विभाग के 30 अक्टूबर के पूर्वानुमान में पूर्वी उत्तर प्रदेश के लिए बहुत भारी बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं से संबंधित चेतावनी जारी की गई है। गोरखपुर मंडल के जिलों में मौसम की स्थिति पर विशेष नजर रखी जा रही है। हालांकि, हर जिले और प्रत्येक स्थान पर बारिश की तीव्रता एक जैसी होना जरूरी नहीं है। कुछ क्षेत्रों में हल्की बारिश हो सकती है, जबकि दूसरे स्थानों पर तेज बारिश और हवाओं का असर अधिक दिखाई दे सकता है।

गुरुवार को कई इलाकों में बादल छाए रहने और हल्की बूंदाबांदी होने से मौसम में बदलाव महसूस किया गया। आने वाले समय में बारिश की स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है।

लोगों से सतर्क रहने की अपील

चंदौली प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि मौसम खराब होने की स्थिति में अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलें। विशेष रूप से तेज हवा, बिजली चमकने और गरज-चमक के दौरान खुले स्थानों पर जाने से बचें। खेतों, पेड़ों, बिजली के खंभों और कमजोर निर्माण वाले स्थानों से दूरी बनाए रखने की सलाह दी गई है।

प्रशासन ने यह भी कहा है कि किसी भी आपात स्थिति में जिला आपदा कंट्रोल रूम के टोल-फ्री नंबर 1077 पर सूचना दी जा सकती है। लोगों से अपील की गई है कि मौसम संबंधी आधिकारिक चेतावनियों पर ध्यान दें और अफवाहों से बचें।

किसानों के लिए भी खराब मौसम को देखते हुए सावधानी बरतना जरूरी है। तेज हवा और बारिश से खेतों में खड़ी फसलों तथा कटाई के बाद खुले स्थानों पर रखी उपज को नुकसान पहुंच सकता है। ऐसे में किसानों को मौसम की स्थिति के अनुसार अपनी फसल और कृषि उपज की सुरक्षा के इंतजाम करने की सलाह दी गई है।

प्रशासन की तैयारियों की होगी परीक्षा

चक्रवात ‘अर्नब’ के प्रभाव को देखते हुए पूर्वांचल के जिलों में प्रशासनिक तैयारियां तेज कर दी गई हैं। गोरखपुर में 59 स्थायी पंपों को तैयार रखना, करीब 3,000 अधिकारियों-कर्मचारियों की तैनाती और तहसील स्तर पर कंट्रोल रूम बनाना इसी तैयारी का हिस्सा है। वहीं चंदौली में 24 घंटे सक्रिय आपदा कंट्रोल रूम और विभागीय कर्मचारियों की पालियों में ड्यूटी लगाई गई है।

अब प्रशासन के सामने चुनौती यह है कि बारिश और तेज हवाओं के दौरान जलभराव, बिजली आपूर्ति, यातायात और अन्य संभावित समस्याओं से समय रहते निपटा जाए। इसके लिए विभागों को आपसी तालमेल बनाए रखने और किसी भी सूचना पर तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।

फिलहाल पूर्वांचल के संवेदनशील जिलों में मौसम पर नजर रखी जा रही है। लोगों को सतर्क रहने और प्रशासन की ओर से जारी निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है। आने वाले घंटों में मौसम की स्थिति और बारिश की तीव्रता के आधार पर राहत एवं बचाव से जुड़ी तैयारियों को आगे बढ़ाया जाएगा।

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

About Us

We are a trusted news portal delivering the latest updates, breaking news, and in-depth stories from around the world. Our goal is to keep you informed, every time.

 

Address : 18/587, behind : Hanuman Mandir, opposite :Lucknow, Uttar Pradesh, India , 226016

Email Us: up24networkk@gmail.com

Contact: +91 95111 50055

Quick Link

Top Categories

UP24Network. All Rights Reserved.