बोस्निया और हर्जेगोविना। यूरोप के बोस्निया और हर्जेगोविना में इटली का सैन्य हेलिकॉप्टर CH-47 चिनूक दुर्घटनाग्रस्त हो गया। 29 अक्टूबर को हुए इस हादसे में चार लोगों की मौत हो गई, जबकि 11 अन्य घायल हो गए। हादसे के बाद सामने आए वीडियो में दुर्घटनाग्रस्त हेलिकॉप्टर की स्थिति दिखाई दे रही है। घटना के बाद राहत एवं बचाव दलों ने मौके पर पहुंचकर घायलों को अस्पताल पहुंचाया।
जानकारी के मुताबिक, इटली का यह हेलिकॉप्टर यूरोपीय संघ के शांति मिशन EUFOR Althea के तहत तैनात था। गुरुवार को नियमित प्रशिक्षण अभियान के दौरान यह बोस्निया के ब्रचको जिले के गोरिसे इलाके में दुर्घटनाग्रस्त हो गया। हादसे के समय हेलिकॉप्टर में कुल 15 लोग सवार थे।
चार लोगों की मौत, 11 घायल
इटली के रक्षा मंत्रालय के अनुसार, हादसे में मरने वालों में इतालवी सेना के दो जवान और इतालवी रेड क्रॉस के स्वयंसेवी सैन्य दल के दो सदस्य शामिल हैं। इस तरह दुर्घटना में कुल चार लोगों की जान गई।
हेलिकॉप्टर में सवार अन्य 11 लोग घायल हुए हैं। EUFOR के मुताबिक, सभी घायलों को चिकित्सा सहायता दी जा रही है और उनकी हालत स्थिर बताई गई है। कुछ घायलों को बेहतर उपचार के लिए दूसरे चिकित्सा केंद्रों में भी स्थानांतरित किया गया है।
सामने आया हादसे का वीडियो
हादसे के बाद स्थानीय मीडिया में दुर्घटनास्थल की तस्वीरें और वीडियो सामने आए हैं। इनमें हेलिकॉप्टर जमीन पर क्षतिग्रस्त अवस्था में दिखाई दे रहा है। शुरुआती रिपोर्टों के मुताबिक, दुर्घटना प्रशिक्षण उड़ान के दौरान हुई। हालांकि, हेलिकॉप्टर किस वजह से दुर्घटनाग्रस्त हुआ, इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।
सूचना मिलते ही बोस्निया और हर्जेगोविना की आपातकालीन सेवाएं तथा EUFOR की टीमें घटनास्थल पर पहुंचीं। बचावकर्मियों ने प्रभावित लोगों को बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया। अधिकारियों के अनुसार, हादसे में किसी नागरिक के घायल होने या नागरिक संपत्ति को नुकसान पहुंचने की सूचना नहीं है।
दुर्घटना की जांच शुरू
EUFOR ने हादसे की विस्तृत जांच शुरू कर दी है। जांच के जरिए दुर्घटना की परिस्थितियों और संभावित कारणों का पता लगाया जाएगा। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे बिना पुष्टि के हादसे से जुड़ी जानकारी या हेलिकॉप्टर में सवार लोगों की पहचान के बारे में अटकलें न फैलाएं।
यह हेलिकॉप्टर EUFOR Althea मिशन का हिस्सा था, जो बोस्निया और हर्जेगोविना में शांति और स्थिरता बनाए रखने के लिए संचालित किया जाता है। फिलहाल जांच एजेंसियां दुर्घटना के कारणों का पता लगाने में जुटी हैं। जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि प्रशिक्षण अभियान के दौरान यह गंभीर हादसा किन परिस्थितियों में हुआ।
