बस्ती। जनपद में फुटबॉल खेल को बढ़ावा देने और स्थानीय तथा उभरती खेल प्रतिभाओं को बेहतर मंच उपलब्ध कराने के उद्देश्य से बस्ती सॉकर लीग 2026 का आयोजन 1, 2 और 3 नवंबर को अमर शहीद सत्यवान सिंह स्टेडियम में किया जाएगा। तीन दिवसीय इस राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में अलग-अलग जनपदों की 16 टीमें हिस्सा लेंगी और खिलाड़ी अपने खेल कौशल, रणनीति और टीम भावना का प्रदर्शन करेंगे।
प्रतियोगिता के आयोजक विवेक पांडेय लालन ने जानकारी देते हुए बताया कि बस्ती सॉकर लीग को 9-ए-साइड नॉकआउट प्रारूप में आयोजित किया जाएगा। इसका उद्देश्य जिले में फुटबॉल के प्रति युवाओं की रुचि बढ़ाने के साथ ऐसे खिलाड़ियों को पहचान दिलाना है जिन्हें अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के लिए बड़े स्तर के अवसर अपेक्षाकृत कम मिल पाते हैं।
आयोजन में बस्ती के साथ गोरखपुर, गोंडा, सिद्धार्थनगर, बहराइच, संत कबीर नगर, अंबेडकर नगर, आजमगढ़ और मऊ सहित विभिन्न जिलों की टीमें शामिल होंगी। आयोजकों के अनुसार कुल 16 टीमों के खिलाड़ी प्रतियोगिता में हिस्सा लेंगे।
तीन दिनों तक चलने वाली प्रतियोगिता नॉकआउट आधार पर होगी। यानी किसी मुकाबले में हारने वाली टीम प्रतियोगिता से बाहर हो जाएगी और जीतने वाली टीम अगले दौर में प्रवेश करेगी। इससे प्रत्येक मुकाबला महत्वपूर्ण होगा और खिलाड़ियों को शुरुआत से ही बेहतर प्रदर्शन करना होगा।
आयोजकों का कहना है कि प्रतियोगिता केवल विजेता तय करने का माध्यम नहीं होगी, बल्कि स्थानीय खिलाड़ियों को दूसरे जिलों से आने वाली टीमों के साथ खेलने और अपनी क्षमता का आकलन करने का अवसर भी मिलेगा। अलग-अलग क्षेत्रों के खिलाड़ियों के एक ही मैदान पर उतरने से उन्हें नई खेल तकनीकों, रणनीतियों और प्रतिस्पर्धात्मक माहौल का अनुभव मिलेगा।
प्रतियोगिता में विजेता टीम को 30 हजार रुपये की पुरस्कार राशि प्रदान की जाएगी, जबकि उपविजेता टीम को 15 हजार रुपये का पुरस्कार मिलेगा। आयोजकों ने बताया कि पुरस्कार राशि के साथ खिलाड़ियों के प्रदर्शन को भी विशेष रूप से प्रोत्साहित किया जाएगा।
विवेक पांडेय लालन ने कहा कि बस्ती और आसपास के जिलों में फुटबॉल की प्रतिभाओं की कमी नहीं है। कई युवा खिलाड़ी नियमित अभ्यास करते हैं और बेहतर स्तर पर खेलने की क्षमता रखते हैं, लेकिन उन्हें बड़े आयोजनों और प्रतिस्पर्धी टूर्नामेंट में अपनी प्रतिभा दिखाने के पर्याप्त अवसर नहीं मिल पाते।
उन्होंने बताया कि बस्ती सॉकर लीग का उद्देश्य ऐसे खिलाड़ियों को मैदान उपलब्ध कराना और उनकी पहचान को आगे बढ़ाना है। प्रतियोगिता के जरिए युवाओं के बीच फुटबॉल के प्रति आकर्षण बढ़ाने का भी प्रयास किया जाएगा।
आयोजन मंडल का मानना है कि क्रिकेट जैसे लोकप्रिय खेलों के साथ फुटबॉल और अन्य खेलों को भी स्थानीय स्तर पर पर्याप्त अवसर मिलना आवश्यक है। नियमित प्रतियोगिताएं आयोजित होने से खिलाड़ियों को अभ्यास के लिए लक्ष्य मिलता है और जिले में खेल संस्कृति भी मजबूत होती है।
बस्ती सॉकर लीग के अध्यक्ष आलोक पांडेय ने बताया कि आयोजन को सफल और यादगार बनाने के लिए तैयारियां की जा रही हैं। उनका कहना है कि प्रतियोगिता में खिलाड़ियों के लिए ऐसा वातावरण तैयार करने का प्रयास किया जाएगा, जहां वे बिना किसी दबाव के अपनी पूरी क्षमता के साथ खेल सकें।
आलोक पांडेय ने कहा कि स्थानीय स्तर पर बड़ी खेल प्रतियोगिताओं के आयोजन से युवा खिलाड़ियों का आत्मविश्वास बढ़ता है। मैदान पर प्रतिस्पर्धा करने के साथ उन्हें अनुशासन, समय प्रबंधन, टीमवर्क और खेल भावना जैसे गुण भी सीखने का अवसर मिलता है।
उन्होंने बताया कि बस्ती में फुटबॉल को लेकर पहले से रुचि मौजूद है और जरूरत इस बात की है कि खिलाड़ियों को नियमित रूप से प्रतियोगिताओं से जोड़ा जाए। यदि स्थानीय और राज्य स्तर पर ऐसे आयोजन निरंतर होते रहें तो जिले से और अधिक खिलाड़ी आगे निकल सकते हैं।
प्रतियोगिता के संयोजक शौर्य प्रताप सिंह ने खेल प्रेमियों, खिलाड़ियों, खेल संगठनों, गणमान्य नागरिकों और मीडिया प्रतिनिधियों से आयोजन में सहयोग और सहभागिता की अपील की है।
उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों के लिए मैदान में दर्शकों की मौजूदगी बेहद महत्वपूर्ण होती है। बड़ी संख्या में खेल प्रेमियों के पहुंचने से खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ता है और प्रतियोगिता का माहौल भी बेहतर होता है।
आयोजकों ने बस्ती और आसपास के क्षेत्रों के लोगों से 1 से 3 नवंबर तक अमर शहीद सत्यवान सिंह स्टेडियम पहुंचकर मुकाबले देखने और खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करने की अपील की है।
आयोजन मंडल के अनुसार प्रतियोगिता में युवा खिलाड़ियों की प्रतिभा को प्राथमिकता दी जाएगी। अलग-अलग जिलों से आने वाली टीमों के कारण टूर्नामेंट में प्रतिस्पर्धा का स्तर भी बेहतर रहने की उम्मीद है।
9-ए-साइड फुटबॉल पारंपरिक 11 खिलाड़ियों वाली फुटबॉल की तुलना में कुछ अलग गति और रणनीति वाला प्रारूप होता है। मैदान पर खिलाड़ियों की संख्या कम होने के कारण प्रत्येक खिलाड़ी की भूमिका अधिक महत्वपूर्ण हो जाती है। खिलाड़ियों को आक्रमण और रक्षा दोनों में तेजी से अपनी स्थिति बदलनी पड़ती है।
नॉकआउट प्रणाली के कारण भी मुकाबलों में रोमांच बढ़ने की संभावना है। एक खराब मैच टीम को सीधे प्रतियोगिता से बाहर कर सकता है, जबकि लगातार बेहतर प्रदर्शन करने वाली टीम फाइनल तक पहुंच सकेगी।
प्रतियोगिता के तीन दिनों के दौरान अलग-अलग दौर के मुकाबले खेले जाएंगे और अंतिम दिन विजेता तथा उपविजेता का फैसला होगा।
आयोजकों का कहना है कि टीम चयन और प्रतियोगिता कार्यक्रम को इस प्रकार तैयार किया जा रहा है कि निर्धारित समय में सभी मुकाबले व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराए जा सकें।
अमर शहीद सत्यवान सिंह स्टेडियम में होने वाले इस आयोजन को लेकर स्थानीय खिलाड़ियों में भी उत्साह है। जिले के कई युवा फुटबॉल खिलाड़ी लंबे समय से नियमित प्रतियोगिताओं की मांग करते रहे हैं। राज्य के अलग-अलग जिलों की टीमों के आने से स्थानीय खिलाड़ियों को अपनी क्षमता साबित करने का बेहतर अवसर मिलेगा।
प्रतियोगिता का एक उद्देश्य युवाओं को खेल गतिविधियों से जोड़ना भी है।
आयोजकों का कहना है कि आज की युवा पीढ़ी का बड़ा समय मोबाइल और डिजिटल माध्यमों पर बीतता है। ऐसे में खेल प्रतियोगिताएं युवाओं को मैदान से जोड़ने और शारीरिक गतिविधियों के प्रति रुचि बढ़ाने का प्रभावी माध्यम बन सकती हैं।
फुटबॉल ऐसा खेल है जिसमें शारीरिक फिटनेस के साथ तेज निर्णय क्षमता, सामूहिक रणनीति और टीम के अन्य खिलाड़ियों के साथ तालमेल बेहद महत्वपूर्ण होता है।
नियमित फुटबॉल खेलने से खिलाड़ियों में सहनशक्ति और शारीरिक सक्रियता बढ़ने के साथ अनुशासन और नेतृत्व क्षमता भी विकसित होती है।
आयोजक मंडल का प्रयास है कि बस्ती सॉकर लीग केवल एक बार आयोजित होने वाला कार्यक्रम बनकर न रहे, बल्कि भविष्य में भी फुटबॉल प्रतियोगिताओं के आयोजन की परंपरा को आगे बढ़ाया जाए।
यदि जिले में नियमित रूप से स्थानीय, मंडलीय और राज्य स्तरीय प्रतियोगिताएं होती हैं तो खिलाड़ियों के पास लगातार बेहतर प्रदर्शन करने का अवसर रहेगा।
ऐसे आयोजनों से स्थानीय क्लबों और फुटबॉल टीमों को भी मजबूती मिल सकती है।
बस्ती के खिलाड़ियों के लिए प्रतियोगिता का महत्व इसलिए भी बढ़ जाता है क्योंकि उन्हें अपने घरेलू मैदान पर बाहर से आने वाली मजबूत टीमों का सामना करने का अवसर मिलेगा।
इससे स्थानीय खिलाड़ियों को अपनी तैयारियों की वास्तविक स्थिति समझने और अपने खेल में आवश्यक सुधार करने का मौका मिलेगा।
गोरखपुर, गोंडा, सिद्धार्थनगर, बहराइच, संत कबीर नगर, अंबेडकर नगर, आजमगढ़ और मऊ जैसे जिलों की टीमों की भागीदारी से प्रतियोगिता का दायरा बस्ती तक सीमित नहीं रहेगा।
आयोजकों ने इसे राज्य स्तरीय प्रतिस्पर्धा के रूप में तैयार किया है, जिसमें अलग-अलग क्षेत्रों के खिलाड़ी अपनी टीमों का प्रतिनिधित्व करेंगे।
खेल आयोजन स्थानीय अर्थव्यवस्था और सामाजिक गतिविधियों को भी प्रभावित करते हैं। बाहर से आने वाले खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों और टीम प्रबंधन के कारण जिले में खेल गतिविधियों का वातावरण बनता है।
स्थानीय दर्शकों के लिए भी यह अवसर होगा कि वे अपने शहर में प्रतिस्पर्धी फुटबॉल मुकाबले देख सकें।
प्रतियोगिता के दौरान अनुशासन और खेल भावना बनाए रखने पर भी आयोजक मंडल विशेष जोर दे रहा है।
खिलाड़ियों से अपेक्षा की जाएगी कि वे मैदान पर रेफरी के निर्णयों और फुटबॉल के निर्धारित नियमों का पालन करें।
आयोजकों का कहना है कि जीत और हार खेल का हिस्सा है और प्रतियोगिता का सबसे बड़ा उद्देश्य खिलाड़ियों को बेहतर अवसर तथा अनुभव देना है।
फाइनल मुकाबले के बाद विजेता और उपविजेता टीम को पुरस्कार राशि देकर सम्मानित किया जाएगा।
30 हजार रुपये की विजेता राशि और 15 हजार रुपये की उपविजेता राशि खिलाड़ियों तथा टीमों के लिए अतिरिक्त प्रोत्साहन का काम करेगी।
प्रतियोगिता की घोषणा के दौरान आयोजक मंडल के सदस्यों ने तैयारियों और टीमों की भागीदारी से संबंधित जानकारी भी साझा की।
इस अवसर पर प्रियांशु त्रिपाठी, सूर्या उपाध्याय, अवधेश उपाध्याय, दुर्गेश श्रीवास्तव, अनुराग शुक्ला, देवा उपाध्याय और राजीव मिश्र सहित आयोजन से जुड़े अन्य लोग उपस्थित रहे।
आयोजक विवेक पांडेय लालन ने कहा कि प्रतियोगिता के जरिए बस्ती में फुटबॉल को नई पहचान देने का प्रयास है। उनका कहना है कि अगर खिलाड़ियों को मंच और उचित अवसर मिलता रहे तो स्थानीय प्रतिभाएं आगे चलकर बड़े स्तर पर जिले और प्रदेश का प्रतिनिधित्व कर सकती हैं।
अध्यक्ष आलोक पांडेय ने खेल प्रेमियों से अपील की कि वे प्रतियोगिता में पहुंचकर खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ाएं और जिले में फुटबॉल के लिए सकारात्मक वातावरण बनाने में सहयोग करें।
संयोजक शौर्य प्रताप सिंह ने भी खिलाड़ियों, खेल संगठनों और स्थानीय लोगों से आयोजन को सफल बनाने में सहयोग करने का आह्वान किया है।
अब 1 नवंबर से अमर शहीद सत्यवान सिंह स्टेडियम में फुटबॉल का रोमांच शुरू होगा। तीन दिनों तक 16 टीमों के खिलाड़ी मैदान में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे और 3 नवंबर को प्रतियोगिता के समापन के साथ बस्ती सॉकर लीग 2026 की विजेता टीम सामने आएगी।