अयोध्या। दीपोत्सव और कार्तिक मास के धार्मिक आयोजनों से पहले अयोध्या में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर तैयारियां तेज कर दी गई हैं। इसी क्रम में लखनऊ जोन के एडीजी प्रवीण कुमार अयोध्या पहुंचे। उन्होंने राम जन्मभूमि परिसर की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की और आगामी पर्वों को देखते हुए सुरक्षा के विभिन्न पहलुओं पर अधिकारियों के साथ चर्चा की।
एडीजी प्रवीण कुमार राम जन्मभूमि में आयोजित स्थायी सुरक्षा समिति की बैठक में शामिल हुए। बैठक में परिसर की सुरक्षा व्यवस्था और आने वाले धार्मिक आयोजनों के दौरान सुरक्षा प्रबंधन से जुड़े विषयों पर विचार-विमर्श किया गया। बैठक के बाद उन्होंने राम जन्मभूमि परिसर की सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया।
7 नवंबर के दीपोत्सव की तैयारियों का निरीक्षण
अयोध्या में 7 नवंबर को आयोजित होने वाले दसवें दीपोत्सव को देखते हुए प्रशासन तैयारियों में जुटा है। एडीजी ने दीपोत्सव के दौरान सुरक्षा प्रबंधन की तैयारियों का भी निरीक्षण किया। इस आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और पर्यटकों के पहुंचने की संभावना को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था को व्यवस्थित रखने पर जोर दिया जा रहा है।
दीपोत्सव के दौरान भीड़ प्रबंधन, श्रद्धालुओं की आवाजाही और प्रमुख स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था अहम रहती है। ऐसे में पुलिस प्रशासन की ओर से तैयारियों की समीक्षा की जा रही है, ताकि आयोजन के दौरान किसी तरह की अव्यवस्था न हो और श्रद्धालुओं को सुरक्षित वातावरण मिल सके।
राम जन्मभूमि की सुरक्षा पर नियमित समीक्षा
एडीजी प्रवीण कुमार ने कहा कि राम जन्मभूमि की सुरक्षा को लेकर स्थायी सुरक्षा समिति की बैठक नियमित प्रक्रिया का हिस्सा है। इन बैठकों में आगामी पर्वों और धार्मिक आयोजनों को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की जाती है। जरूरत के अनुसार सुरक्षा प्रबंधों में बदलाव भी किए जाते हैं।
उन्होंने कहा कि सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत तथा व्यवस्थित बनाने के लिए लगातार आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। इसमें तकनीक का अधिकतम उपयोग करने के साथ स्थानीय लोगों का विश्वास और सहयोग हासिल करने पर भी ध्यान दिया जाएगा।
कार्तिक मास के आयोजनों को लेकर तैयारी
कार्तिक मास अयोध्या के लिए विशेष धार्मिक महत्व रखता है। इस दौरान दीपोत्सव के अलावा 14 कोसी परिक्रमा, पंचकोसी परिक्रमा और कार्तिक पूर्णिमा स्नान जैसे प्रमुख आयोजन होते हैं। इन कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने के कारण सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन की विशेष जरूरत रहती है।
एडीजी ने कहा कि कार्तिक मास के सभी धार्मिक कार्यक्रमों को सकुशल संपन्न कराने के लिए पुलिस प्रशासन पूरी तैयारी कर रहा है। सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा के दौरान विभिन्न पहलुओं पर ध्यान दिया जा रहा है, ताकि श्रद्धालुओं की आवाजाही और धार्मिक गतिविधियां सुचारु रूप से संचालित हो सकें।
तकनीक और जनसहयोग पर रहेगा जोर
एडीजी के मुताबिक, सुरक्षा व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए तकनीकी संसाधनों का अधिकतम उपयोग किया जाएगा। साथ ही स्थानीय नागरिकों का सहयोग और विश्वास बनाए रखना भी प्राथमिकता होगी। प्रशासन का प्रयास है कि दीपोत्सव और कार्तिक मास के अन्य आयोजनों के दौरान सुरक्षा प्रबंध मजबूत रहें और सभी कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हों।
दीपोत्सव से पहले एडीजी का अयोध्या दौरा सुरक्षा तैयारियों की समीक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण है। आने वाले दिनों में पुलिस प्रशासन की ओर से पर्वों और धार्मिक आयोजनों को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा व्यवस्था पर लगातार नजर रखी जाएगी।