उरई। जालौन जिले के जिला मुख्यालय उरई स्थित राजकीय मेडिकल कॉलेज में जूनियर छात्रों के साथ रैगिंग का मामला सामने आया है। मामले में कॉलेज प्रशासन ने सात वरिष्ठ छात्रों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई के आदेश जारी किए हैं। शनिवार रात करीब 9:30 बजे सोशल मीडिया पर एक वीडियो सामने आया था। इसमें सीनियर छात्रों पर जूनियर छात्रों को कमरे में बंद करने, गाली-गलौज करने और प्रताड़ित करने के आरोप लगे हैं।
वीडियो सामने आने के बाद मेडिकल कॉलेज में रैगिंग को लेकर मामला चर्चा में आ गया। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, घटना में एमबीबीएस के जूनियर छात्रों के साथ कथित दुर्व्यवहार का मामला शामिल है। वीडियो में सामने आए आरोपों को गंभीरता से लेते हुए कॉलेज प्रशासन ने मामले की जांच कराई।
जांच के बाद राजकीय मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. अरविंद त्रिवेदी ने सात वरिष्ठ छात्रों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई के आदेश जारी किए। यह कार्रवाई जूनियर छात्रों के साथ कथित रैगिंग के मामले में की गई है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में संबंधित छात्रों के नाम और उनके खिलाफ लागू किए गए विशिष्ट दंड का विवरण नहीं दिया गया है।
मेडिकल कॉलेजों में रैगिंग छात्रों की सुरक्षा और शैक्षणिक माहौल से जुड़ा गंभीर विषय है। जूनियर छात्रों के साथ किसी भी तरह का दुर्व्यवहार उनके मानसिक स्वास्थ्य, पढ़ाई और कॉलेज के वातावरण को प्रभावित कर सकता है। ऐसे मामलों में संस्थान की जिम्मेदारी होती है कि शिकायतों की निष्पक्ष जांच की जाए और नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
उरई के राजकीय मेडिकल कॉलेज में सामने आए इस मामले में कॉलेज प्रशासन ने जांच के बाद सात वरिष्ठ छात्रों के खिलाफ कार्रवाई का कदम उठाया है। सोशल मीडिया पर वीडियो सामने आने के बाद मामले ने ध्यान खींचा। अब कार्रवाई के तहत क्या दंड निर्धारित किया गया है और जांच में किन तथ्यों की पुष्टि हुई है, इसकी विस्तृत जानकारी उपलब्ध होने पर मामले की स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।
