“ITBP स्थापना दिवस 2026 पर PM नरेंद्र मोदी, अमित शाह और राजनाथ सिंह ने हिमवीरों के साहस, बलिदान और सीमा सुरक्षा में योगदान की सराहना की। भारत-चीन LAC की स्थिति पर भी विदेश मंत्रालय ने जानकारी दी।“
नई दिल्ली। भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) के 65वें स्थापना दिवस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत केंद्र सरकार के कई वरिष्ठ नेताओं ने बल के जवानों के साहस, त्याग और देशसेवा की सराहना की। प्रधानमंत्री ने ITBP के जवानों को ‘हिमवीर’ बताते हुए कहा कि उनकी असाधारण वीरता, निस्वार्थ सेवा और बलिदान प्रत्येक भारतीय के लिए प्रेरणा का बड़ा स्रोत हैं। गृह मंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी जवानों को शुभकामनाएं देते हुए देश की सीमाओं की सुरक्षा में उनके योगदान को याद किया।
यह स्थापना दिवस ऐसे समय पर आया है, जब अरुणाचल प्रदेश सहित भारत-चीन सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था और वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) की स्थिति पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। सीमा पर सतर्कता, गश्त और सुरक्षा तैयारियों के बीच शीर्ष नेताओं के संदेशों को ITBP के जवानों के योगदान के सम्मान के तौर पर देखा जा रहा है।
PM मोदी बोले- हिमवीरों का साहस देश के लिए प्रेरणा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर ITBP स्थापना दिवस के अवसर पर बल के सभी कर्मियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि ITBP के हिमवीरों ने अपनी असाधारण वीरता से अलग पहचान बनाई है। जवानों ने हर चुनौती का सामना दृढ़ संकल्प के साथ किया है।
प्रधानमंत्री ने जवानों की निस्वार्थ सेवा और बलिदान को देश के लिए प्रेरणा का बड़ा स्रोत बताया। उनका संदेश उन जवानों के प्रति सम्मान व्यक्त करता है, जो अत्यंत कठिन भौगोलिक और मौसमी परिस्थितियों में भी देश की सीमाओं की सुरक्षा में तैनात रहते हैं।
अमित शाह ने शहीद जवानों को किया नमन
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी ITBP के स्थापना दिवस पर बल के जवानों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि बर्फ से ढके पहाड़ों में जवानों के शौर्य की गूंज सुनाई देती है। अत्यंत कठिन मौसम में भी डटे रहने का उनका जज्बा देश की सुरक्षा के प्रति भारत के अडिग संकल्प को दर्शाता है।
अमित शाह ने देश की सेवा में सर्वोच्च बलिदान देने वाले जवानों को नमन किया। उन्होंने कहा कि ITBP के जवान हर चुनौती के सामने मजबूती से खड़े रहते हैं और देश की सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
राजनाथ सिंह ने सीमा और आंतरिक सुरक्षा में योगदान को सराहा
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने ITBP के सभी जवानों और उनके परिवारों को स्थापना दिवस की बधाई दी। उन्होंने कहा कि बल के हिमवीरों ने बेहद कठिन मौसमी परिस्थितियों में भारत की सीमाओं की रक्षा करने में अहम भूमिका निभाई है।
राजनाथ सिंह ने सीमा सुरक्षा के साथ-साथ आंतरिक सुरक्षा अभियानों में भी ITBP के योगदान को रेखांकित किया। उन्होंने वामपंथी उग्रवाद से निपटने के प्रयासों में बल की भूमिका का भी उल्लेख किया।
किरेन रिजिजू ने याद कराया ITBP का आदर्श वाक्य
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने भी ITBP के जवानों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने बल के आदर्श वाक्य ‘शौर्य-दृढ़ता-कर्मनिष्ठा’ का उल्लेख करते हुए जवानों के साहस, अडिगता और कर्तव्य के प्रति समर्पण की सराहना की।
रिजिजू ने कहा कि कठिन परिस्थितियों में देश की सीमाओं की रक्षा करने वाले हिमवीरों का अदम्य साहस प्रेरणादायक है। उन्होंने जवानों के बलिदान और देशभक्ति की भावना को सलाम किया।
भारतीय सेना ने भी दी 65वें स्थापना दिवस की बधाई
भारतीय सेना ने ITBP के 65वें स्थापना दिवस पर बल के जवानों, पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों को शुभकामनाएं दीं। सेना की ओर से जारी संदेश में सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ और सेना के सभी रैंकों की ओर से ITBP कर्मियों को बधाई दी गई।
सीमा सुरक्षा के क्षेत्र में भारतीय सेना और ITBP की भूमिका महत्वपूर्ण है। दोनों बल अलग-अलग जिम्मेदारियों के तहत देश की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने में योगदान देते हैं।
LAC पर स्थिति को लेकर विदेश मंत्रालय ने क्या कहा?
ITBP स्थापना दिवस के बीच भारत-चीन सीमा पर वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) की स्थिति भी चर्चा में है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने शुक्रवार को कहा कि सीमा पर स्थिति उस समय प्रभावित होती है, जब चीनी सैनिक अपनी निर्धारित गश्त के तरीकों से अलग हटते हैं।
उन्होंने बताया कि भारत और चीन के बीच LAC से जुड़े लंबित मुद्दों को सुलझाने के लिए मौजूदा राजनयिक और सैन्य तंत्रों का इस्तेमाल जारी है। दोनों देश गलतफहमी और गलत आकलन से बचने के लिए बातचीत कर रहे हैं।
विदेश मंत्रालय के अनुसार, दोनों पक्ष सीमा प्रबंधन को मजबूत बनाने के लिए LAC के कुछ विशेष क्षेत्रों में आपसी समझ बेहतर करने के तरीकों पर चर्चा करने के लिए भी सहमत हुए हैं। भारत का मानना है कि द्विपक्षीय संबंधों के समग्र विकास के लिए सीमावर्ती क्षेत्रों में शांति और स्थिरता बनाए रखना जरूरी है।
अरुणाचल में सतर्कता बढ़ाने के लिए ITBP की तकनीकी तैयारी
ITBP के महानिदेशक शत्रुजीत कपूर ने हाल ही में अरुणाचल प्रदेश में सीमा के विभिन्न स्थानों पर चीनी सैनिकों के साथ होने वाले टकराव और सुरक्षा चुनौतियों का उल्लेख किया था। उन्होंने बताया कि बल ने अपनी सीमा इकाइयों में ड्रोन प्लाटून तैयार किए हैं।
इसके साथ ही 2020 की गलवान घाटी जैसी झड़पों से बेहतर तरीके से निपटने के लिए एक नया स्ट्राइक कोर्स विकसित किए जाने की जानकारी भी दी गई। इन तैयारियों का उद्देश्य सीमावर्ती क्षेत्रों में निगरानी, त्वरित प्रतिक्रिया और जवानों की परिचालन क्षमता को मजबूत करना है।
हालांकि, सीमा पर किसी विशेष घटना या टकराव की स्थिति को लेकर आधिकारिक जानकारी और संबंधित पक्षों के बयानों के आधार पर ही निष्कर्ष निकालना जरूरी है।
देश की सीमाओं की सुरक्षा में ITBP की अहम भूमिका
भारत-तिब्बत सीमा पुलिस की स्थापना 24 अक्टूबर 1962 को हुई थी। बल को मुख्य रूप से भारत-चीन सीमा की सुरक्षा की जिम्मेदारी दी गई है। हिमालय के दुर्गम क्षेत्रों, बर्फीले पहाड़ों और अत्यधिक कम तापमान में तैनात ITBP के जवान कठिन परिस्थितियों में भी अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते हैं।
बल के जवान सीमा निगरानी के अलावा आपदा राहत, बचाव अभियान और आंतरिक सुरक्षा से जुड़े कार्यों में भी योगदान देते हैं। यही वजह है कि ITBP के जवानों को ‘हिमवीर’ के नाम से जाना जाता है।
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