“दिल्ली के रामलीला मैदान में 1 नवंबर 2026 को ‘वोट चोरी’ के मुद्दे पर कांग्रेस की महारैली होगी। यूपी कांग्रेस ने दो लाख कार्यकर्ता जुटाने का लक्ष्य रखा है। राजेंद्र पाल गौतम और आराधना मिश्रा मोना छह जोन में तैयारियों की समीक्षा कर रहे हैं।“
लखनऊ।। उत्तर प्रदेश में अपनी राजनीतिक ताकत बढ़ाने की कोशिशों में जुटी कांग्रेस अब दिल्ली में होने वाले बड़े शक्ति प्रदर्शन की तैयारी में लग गई है। एक नवंबर 2026 को दिल्ली के रामलीला मैदान में प्रस्तावित ‘वोट चोरी’ के मुद्दे पर महारैली के लिए उत्तर प्रदेश कांग्रेस ने बड़ा लक्ष्य निर्धारित किया है। पार्टी की योजना प्रदेश से करीब दो लाख कार्यकर्ताओं को दिल्ली ले जाने की है।
इस रैली को सफल बनाने के लिए प्रदेश कांग्रेस संगठन ने जिला और जोन स्तर पर तैयारियां तेज कर दी हैं। प्रदेश प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष आराधना मिश्रा ‘मोना’ लगातार पार्टी नेताओं के साथ बैठकें कर रहे हैं। इन बैठकों में कार्यकर्ताओं की भागीदारी, जिलावार जिम्मेदारियों और संगठनात्मक समन्वय पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
25 हजार से बढ़ाकर दो लाख किया कार्यकर्ताओं का लक्ष्य
कांग्रेस की दिल्ली महारैली के लिए शुरुआत में उत्तर प्रदेश से 25 हजार कार्यकर्ताओं को जुटाने की जिम्मेदारी दी गई थी। हालांकि, प्रदेश संगठन की बैठकों और नेताओं से विचार-विमर्श के बाद इस लक्ष्य को बढ़ाकर दो लाख कर दिया गया है।
पार्टी नेतृत्व का मानना है कि उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राजनीतिक राज्य से अधिक संख्या में कार्यकर्ताओं की भागीदारी दिल्ली की रैली को व्यापक स्वरूप दे सकती है। इसी रणनीति के तहत प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में संगठन को सक्रिय किया जा रहा है।
दो लाख कार्यकर्ताओं को जुटाने का लक्ष्य कांग्रेस के लिए एक बड़ी संगठनात्मक चुनौती भी है। इसके लिए जिला अध्यक्षों, शहर अध्यक्षों और स्थानीय नेताओं को अपने-अपने क्षेत्रों में कार्यकर्ताओं से संपर्क बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।
छह जोन में बैठकों के जरिए तैयारियों की समीक्षा
महारैली की तैयारियों को व्यवस्थित करने के लिए उत्तर प्रदेश को छह संगठनात्मक जोन में बांटकर बैठकें की जा रही हैं। प्रदेश प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम और प्रदेश अध्यक्ष आराधना मिश्रा मोना इन बैठकों के माध्यम से स्थानीय नेताओं से फीडबैक ले रहे हैं।
अब तक अवध, बुंदेलखंड और पूर्वांचल जोन की बैठकें आयोजित की जा चुकी हैं। इन बैठकों में रैली के लिए कार्यकर्ताओं की भागीदारी सुनिश्चित करने और संगठन के अलग-अलग स्तरों के बीच बेहतर तालमेल बनाने पर चर्चा हुई।
इसके अलावा प्रयागराज, ब्रज और पश्चिम जोन की बैठकें भी निर्धारित की गई हैं। इन बैठकों में संबंधित जिलों के नेताओं को रैली की तैयारियों की जिम्मेदारी सौंपी जा रही है।
प्रयागराज, अलीगढ़ और मुरादाबाद में होंगी अहम बैठकें
कांग्रेस संगठन की ओर से जारी कार्यक्रम के मुताबिक, प्रयागराज जोन की बैठक 25 अक्टूबर को दोपहर दो बजे प्रयागराज के शंकरलाल मेमोरियल हॉल में आयोजित होगी।
वहीं ब्रज जोन की बैठक 26 अक्टूबर को सुबह 11 बजे अलीगढ़ के शहनाई मैरिज हॉल में होगी। पश्चिम जोन के नेताओं की बैठक 27 अक्टूबर को सुबह 11 बजे मुरादाबाद के आर्चिड ग्रैंड लॉन में निर्धारित की गई है।
इन बैठकों में जिला और शहर कांग्रेस अध्यक्षों के साथ पूर्व सांसद, पूर्व विधायक, प्रदेश पदाधिकारी और पूर्व लोकसभा एवं विधानसभा प्रत्याशियों को भी शामिल किया जा रहा है। पार्टी की कोशिश है कि वरिष्ठ नेताओं के अनुभव और स्थानीय संगठन की सक्रियता के जरिए अधिक से अधिक कार्यकर्ताओं को रैली से जोड़ा जाए।
जिलावार जिम्मेदारियां सौंपकर संगठन को किया सक्रिय
दिल्ली महारैली के लिए कांग्रेस ने केवल बड़े नेताओं की बैठकों तक अपनी तैयारी सीमित नहीं रखी है, बल्कि जिलावार जिम्मेदारियां भी तय की हैं। पार्टी के राष्ट्रीय सचिवों को छह जोन का सह-प्रभारी बनाया गया है।
इन सह-प्रभारियों को संगठनात्मक बैठकों, जनसंपर्क अभियान और कार्यकर्ताओं के बीच समन्वय स्थापित करने की जिम्मेदारी दी गई है। इसके अलावा जिला स्तर पर नेताओं को कार्यकर्ताओं की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए सक्रिय रहने को कहा गया है।
इस व्यवस्था के जरिए पार्टी प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों में एक समान रणनीति के तहत काम करना चाहती है, ताकि रैली के दिन कार्यकर्ताओं की भागीदारी को लेकर बेहतर प्रबंधन किया जा सके।
‘वोट चोरी’ के मुद्दे पर कांग्रेस का सियासी शक्ति प्रदर्शन
कांग्रेस ने दिल्ली की इस महारैली को ‘वोट चोरी’ के मुद्दे पर आयोजित करने की तैयारी की है। पार्टी इस मुद्दे को लेकर राजनीतिक और संगठनात्मक स्तर पर अपनी आवाज बुलंद करना चाहती है।
उत्तर प्रदेश कांग्रेस के लिए यह रैली इसलिए भी अहम है, क्योंकि प्रदेश में संगठन को मजबूत करने और कार्यकर्ताओं को एकजुट करने की चुनौती बनी हुई है। ऐसे में दो लाख कार्यकर्ताओं को दिल्ली ले जाने का लक्ष्य पार्टी की संगठनात्मक क्षमता की भी परीक्षा होगा।
अब देखना होगा कि छह जोन में चल रही बैठकों, जिलावार जिम्मेदारियों और जनसंपर्क की रणनीति के बाद उत्तर प्रदेश कांग्रेस अपने निर्धारित लक्ष्य के कितने करीब पहुंच पाती है।
देश-दुनिया की हर बड़ी खबर, सबसे पहले और सबसे सटीक…
राजनीति, चुनाव, मनोरंजन, खेल और देश-प्रदेश की हर महत्वपूर्ण हलचल से अपडेट रहने के लिए जुड़े रहिए यूपी 24 नेटवर्क न्यूज़के साथ। सत्ता के गलियारों से लेकर आम जनता के मुद्दों तक, चुनावी बयानबाज़ी से लेकर खास पड़ताल और एक्सक्लूसिव रिपोर्ट्स तक—हम पहुंचाते हैं आपके लिए खबरों का सटीक विश्लेषण और हर खबर की पूरी जानकारी।
खबर वही, जो आप तक पहुंचे सबसे पहले और भरोसे के साथ।
यूपी 24 नेटवर्क न्यूज़— आपकी आवाज़, आपकी खबर, आपका भरोसा..
