“हरियाणा में करीब 40 हजार बिजली कर्मचारियों और अभियंताओं की तीन दिवसीय हड़ताल के कारण विभिन्न जिलों में बिजली आपूर्ति बाधित हुई। सरकार ने कर्मचारियों से बातचीत कर समाधान निकालने की अपील की।“
हरियाणा : निजी कंपनी को समानांतर बिजली वितरण लाइसेंस देने के विरोध में प्रदेश के करीब 40 हजार बिजली कर्मचारी और अभियंता तीन दिवसीय हड़ताल पर हैं। हड़ताल के पहले दिन कई शहरों और गांवों में बिजली आपूर्ति प्रभावित होने से आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। कई स्थानों पर बिजली फाल्ट ठीक करने में देरी हुई, जबकि कुछ इलाकों में पेयजल आपूर्ति भी बाधित रही। हालात को देखते हुए परिवहन मंत्री अनिल विज ने कर्मचारियों से हड़ताल समाप्त कर ड्यूटी पर लौटने और सरकार के साथ बातचीत करने की अपील की।
हरियाणा में बिजली कर्मचारियों की हड़ताल से जनजीवन प्रभावित
हरियाणा में बिजली वितरण व्यवस्था को लेकर कर्मचारियों का आंदोलन शुरू होने के बाद कई जिलों में आपूर्ति बाधित होने की शिकायतें सामने आईं। कर्मचारियों की हड़ताल के कारण बिजलीघरों और फीडरों पर उत्पन्न तकनीकी समस्याओं को दूर करने में कठिनाई हुई। इससे शहरी क्षेत्रों के साथ-साथ ग्रामीण इलाकों में भी लोगों को परेशानी झेलनी पड़ी।
बिजली गुल रहने से घरेलू कामकाज, पेयजल आपूर्ति और औद्योगिक गतिविधियां प्रभावित हुईं। कई स्थानों पर लोगों को लंबे समय तक बिजली बहाल होने का इंतजार करना पड़ा। प्रशासन ने वैकल्पिक इंतजाम करके व्यवस्था संभालने की कोशिश की, लेकिन तकनीकी कर्मचारियों की कमी के कारण चुनौतियां बनी रहीं।
समानांतर बिजली वितरण लाइसेंस के विरोध में आंदोलन
बिजली कर्मचारियों और अभियंताओं की हड़ताल का प्रमुख कारण निजी कंपनी को समानांतर बिजली वितरण लाइसेंस देने का विरोध है। कर्मचारी इस व्यवस्था के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं। हड़ताल के चलते प्रदेश के विभिन्न बिजली वितरण क्षेत्रों में नियमित कामकाज प्रभावित हुआ।
बिजली आपूर्ति से जुड़ी शिकायतों के निस्तारण और तकनीकी फाल्ट को ठीक करने में कर्मचारियों की भूमिका महत्वपूर्ण होती है। ऐसे में बड़ी संख्या में कर्मचारियों के काम से दूर रहने के कारण वैकल्पिक व्यवस्था पर दबाव बढ़ गया।
अनिल विज ने कर्मचारियों को बातचीत का न्योता दिया
बिजली संकट के बीच परिवहन मंत्री अनिल विज ने हड़ताल कर रहे कर्मचारियों से काम पर लौटने की अपील की। उन्होंने कहा कि सरकार बातचीत के लिए तैयार है और विवाद के समाधान के लिए सभी विकल्पों पर विचार किया जा सकता है।
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, बातचीत के विकल्पों में इलेक्ट्रिसिटी एक्ट, 2003 की धारा 108 के तहत कार्रवाई पर विचार करना भी शामिल है। विज ने कर्मचारियों से हड़ताल समाप्त कर व्यवस्था सामान्य करने में सहयोग करने का आग्रह किया।
वहीं, बिजली वितरण लाइसेंस से जुड़े आयोग के आदेश को चुनौती देने के लिए विद्युत अपीलीय न्यायाधिकरण में अपील करने की बात भी कही गई है। इस मामले में आगे की स्थिति संबंधित कानूनी और प्रशासनिक कार्रवाई पर निर्भर करेगी।
हिसार में 355 क्षेत्रों में बिजली संकट की सूचना
हिसार सर्कल में बिजली आपूर्ति पर व्यापक असर पड़ने की जानकारी सामने आई। रिपोर्ट के मुताबिक, 355 क्षेत्रों में करीब 23 घंटे तक बिजली संकट बना रहा। सुबह छह बजे से शाम छह बजे तक लगभग 97 प्रतिशत कर्मचारी हड़ताल पर रहे।
कर्मचारियों के संगठन की ओर से दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम को हुए संभावित आर्थिक नुकसान को लेकर भी दावा किया गया। एक दिन में 27 हजार करोड़ रुपये की चपत लगने का आंकड़ा कर्मचारी नेताओं के हवाले से बताया गया है। इस आंकड़े की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी में नहीं है।
रोहतक में 800 से अधिक शिकायतें, कई गांवों में अंधेरा
रोहतक जिले के महम और सांपला क्षेत्र के कई गांवों में रात से बिजली आपूर्ति बाधित रहने की सूचना मिली। गुरुवार दोपहर ढाई बजे तक 800 से अधिक शिकायतें दर्ज होने की बात सामने आई।
औद्योगिक क्षेत्र की सिटी लाइन बंद होने से सात कॉलोनियों में बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई। बिजली की समस्या ने घरेलू उपभोक्ताओं के साथ औद्योगिक गतिविधियों को भी प्रभावित किया।
सिरसा और हांसी में बिजली बहाली के लिए वैकल्पिक इंतजाम
सिरसा जिले के कालांवाली और नाथूसरी चोपटा में रात से बिजली आपूर्ति बाधित रही। स्थिति संभालने के लिए बिजली निगम ने ठेकेदार के 20 कर्मचारियों और आईटीआई के 176 अप्रेंटिस की मदद ली।
हांसी क्षेत्र में 12 सबस्टेशनों और फीडर क्षेत्रों की आपूर्ति प्रभावित होने की जानकारी दी गई। तीन क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति भी नहीं हो सकी। सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए सात बिजली केंद्रों पर 56 सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए।
झज्जर में 23 में से 10 फीडर ब्रेकडाउन
झज्जर में बिजली व्यवस्था पर असर पड़ने के बाद शहर के 23 फीडरों में से 10 के ब्रेकडाउन होने की सूचना मिली। प्रशासन ने स्थिति को संभालने के लिए 132 तकनीकी कर्मचारियों को उपलब्ध कराया।
हालांकि, बिजली व्यवस्था को सामान्य बनाए रखने के लिए केवल कर्मचारियों की संख्या ही नहीं, बल्कि तकनीकी दक्षता और संबंधित उपकरणों की उपलब्धता भी महत्वपूर्ण रही।
फतेहाबाद में 21 सबस्टेशन बंद होने की सूचना
फतेहाबाद जिले में 73 में से 21 सबस्टेशनों के बंद रहने की जानकारी सामने आई। टोहाना के 132 केवी सबस्टेशन पर धमाके के बाद आधे शहर की बिजली आपूर्ति प्रभावित होने की बात भी रिपोर्ट में कही गई।
इस घटना के बाद स्थानीय स्तर पर बिजली बहाली की चुनौती बढ़ गई। हालांकि, उपलब्ध विवरण में धमाके के कारण और बिजली आपूर्ति पूरी तरह सामान्य होने के समय की जानकारी नहीं दी गई है।
करनाल, फरीदाबाद और कुरुक्षेत्र में लोगों का विरोध
बिजली कटौती से परेशान लोगों ने कुछ स्थानों पर सड़क पर उतरकर नाराजगी जताई। करनाल के निसिंग और फरीदाबाद के एनआईटी क्षेत्र में लोगों के विरोध की सूचना मिली।
कुरुक्षेत्र जिले के इस्माईलाबाद में गुरुवार शाम करीब सात बजे लोगों ने अंबाला-हिसार राष्ट्रीय राजमार्ग-65 पर जाम लगा दिया। बिजली आपूर्ति बाधित होने से स्थानीय लोगों की परेशानी बढ़ी और प्रशासन के सामने यातायात तथा बिजली व्यवस्था को संभालने की चुनौती आई।
बिजली व्यवस्था संभालने के लिए प्रशासन ने किए वैकल्पिक प्रबंध
हड़ताल के बीच प्रशासन ने बिजलीघरों पर पुलिसकर्मियों को तैनात किया। इसके अतिरिक्त दूसरे विभागों के कर्मचारियों, आईटीआई विद्यार्थियों और ठेकेदारों के कर्मचारियों की सहायता ली गई।
हालांकि, बिजली वितरण और तकनीकी फाल्ट ठीक करने के लिए विशेष प्रशिक्षण जरूरी होता है। ऐसे में वैकल्पिक व्यवस्था से सभी समस्याओं का तत्काल समाधान करना चुनौतीपूर्ण रहा।
आगे क्या होगा?
हरियाणा में बिजली कर्मचारियों की हड़ताल के समाधान के लिए सरकार और कर्मचारी संगठनों के बीच बातचीत महत्वपूर्ण होगी। सरकार की ओर से बातचीत का न्योता दिए जाने और विद्युत अपीलीय न्यायाधिकरण में अपील करने की बात सामने आई है।
फिलहाल उपभोक्ताओं की प्रमुख चिंता बिजली आपूर्ति की बहाली है। हड़ताल समाप्त होने, बातचीत के नतीजे और बिजली व्यवस्था सामान्य होने से जुड़ी आगे की जानकारी संबंधित विभागों की आधिकारिक घोषणाओं से स्पष्ट होगी।
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