कानपुर। दशहरा मेला देखकर घर लौट रहे एक युवक के साथ ऐसी वारदात हुई, जिसने पूरे इलाके को झकझोर दिया। हनुमंत विहार क्षेत्र में 37 वर्षीय बीरू सिंह भदौरिया की मौत के मामले में परिजनों ने पुरानी रंजिश के चलते हत्या का आरोप लगाया है। आरोप है कि हमलावरों ने पहले कार से टक्कर मारकर उन्हें गिराया, फिर कार की छत पर लिटाकर दोनों हाथों की उंगलियां खिड़कियों के शीशों में फंसा दीं। इसके बाद करीब डेढ़ किलोमीटर तक तेज रफ्तार में कार दौड़ाई गई। आखिर में युवक को सड़क पर गिराकर कार से कुचलने का आरोप है।
घटना के सीसीटीवी फुटेज सामने आने के बाद मामला और गंभीर हो गया है। बुधवार को पोस्टमार्टम के बाद शव घर पहुंचा तो परिजनों ने आरोपितों की गिरफ्तारी और हत्या का मुकदमा दर्ज करने की मांग को लेकर हंगामा किया। पुलिस ने मामले में हत्या की धारा बढ़ाने और कार्रवाई का आश्वासन देकर परिजनों को शांत कराया। पुलिस सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोपितों की तलाश कर रही है।
दशहरा मेला देखकर लौट रहे थे बीरू
बीरू सिंह भदौरिया, हनुमंत विहार थाना क्षेत्र के अर्रा इलाके के निवासी थे। उनकी उम्र 37 वर्ष बताई गई है और वह एक खाद्य उत्पाद कंपनी में सेल्समैन के तौर पर काम करते थे। मंगलवार रात वह दशहरा मेला देखकर घर लौट रहे थे। इसी दौरान रास्ते में कार सवार लोगों से उनका सामना हुआ।
परिजनों के मुताबिक, कुछ दिन पहले बीरू का इलाके के कुछ युवकों से विवाद हुआ था। परिवार ने इसी पुराने विवाद को वारदात की वजह बताया है। हालांकि, रंजिश के आरोप और घटना में शामिल लोगों की भूमिका की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
पहले टक्कर, फिर कार की छत पर लिटाने का आरोप
परिजनों के आरोप के मुताबिक, हमलावरों ने बीरू को रास्ते में रोका और उनके साथ मारपीट की। जब उन्होंने बचने की कोशिश की तो कार से टक्कर मारकर गिरा दिया। इसके बाद उन्हें कार की छत पर लिटाया गया और दोनों हाथों की उंगलियां खिड़कियों के शीशों में फंसाकर शीशे बंद कर दिए गए।
आरोप है कि कार सवार लोग इसी हालत में करीब डेढ़ किलोमीटर तक तेज रफ्तार से गाड़ी चलाते रहे। इस दौरान युवक के हाथ बुरी तरह चोटिल हुए। बाद में राजेंद्रनगर में अश्वनी ट्रेडिंग कंपनी के पास उन्हें सड़क पर गिराकर कार से कुचलने का आरोप है। इसके बाद कार सवार मौके से फरार हो गए।
घटना के बाद बीरू को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। वारदात की गंभीरता और घटनाक्रम को लेकर सामने आए सीसीटीवी फुटेज अब जांच का अहम हिस्सा हैं।
सीसीटीवी फुटेज से जांच को मिल सकता है आधार
इस मामले में घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज सामने आए हैं। इन फुटेज के जरिए पुलिस कार की आवाजाही, घटना के घटनाक्रम और संदिग्धों की पहचान से जुड़े तथ्यों की जांच कर रही है।
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, पुलिस कार के नंबर और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर भी जांच कर रही है। कुछ रिपोर्टों में आरोपितों की तलाश के लिए दूसरे जिलों में लोकेशन मिलने की बात कही गई है, लेकिन पुलिस की ओर से अंतिम गिरफ्तारी या सभी संदिग्धों की भूमिका की पुष्टि किए जाने तक इसे जांच का हिस्सा ही माना जाना चाहिए।
सीसीटीवी फुटेज किसी घटना की परिस्थितियों को समझने में मदद कर सकते हैं, लेकिन आरोपितों की पहचान, उनकी भूमिका और घटना के पीछे की वजह का अंतिम निर्धारण पुलिस जांच तथा न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर होगा।
शव घर पहुंचा तो परिजनों ने किया हंगामा
बुधवार को पोस्टमार्टम के बाद बीरू का शव घर पहुंचा तो परिवार के लोगों का गुस्सा सामने आया। परिजनों ने आरोपितों की गिरफ्तारी और हत्या का मुकदमा दर्ज करने की मांग करते हुए हंगामा किया। परिवार का कहना था कि घटना को सामान्य सड़क हादसे की तरह नहीं देखा जाना चाहिए और पूरे मामले की गंभीरता से जांच होनी चाहिए।
परिजनों की मांग थी कि जिन लोगों पर उन्होंने आरोप लगाए हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए। इस दौरान पुलिस ने उन्हें आश्वासन दिया कि मामले में हत्या से संबंधित धारा बढ़ाई जाएगी। आश्वासन मिलने के बाद परिजन शांत हुए।
मामले में शुरुआती पुलिस कार्रवाई और मुकदमे की धाराओं को लेकर भी सवाल उठे हैं। ऐसे मामलों में दर्ज प्राथमिकी, बाद में जोड़ी गई धाराएं और जांच के निष्कर्ष अलग-अलग चरण होते हैं। इसलिए यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि पुलिस उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे क्या कार्रवाई करती है।
पुलिस आरोपितों की तलाश में जुटी
घटना के बाद पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर जांच शुरू की है। पुलिस का प्रयास है कि वारदात में इस्तेमाल कार और उसमें सवार लोगों की पहचान कर उन्हें पकड़ा जाए। परिजनों ने जल्द गिरफ्तारी की मांग की है।
इस मामले में अब कई सवालों के जवाब जांच के बाद सामने आएंगे। घटना में कितने लोग शामिल थे, पुरानी रंजिश की असली वजह क्या थी और वारदात को किस तरह अंजाम दिया गया—इन सभी बिंदुओं की जांच की जा रही है। आरोपितों की गिरफ्तारी और पूछताछ के बाद घटनाक्रम को लेकर अधिक स्पष्टता आने की उम्मीद है।
परिवार को इंसाफ का इंतजार
बीरू सिंह की मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। परिजन चाहते हैं कि घटना की निष्पक्ष जांच हो और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। उनका आरोप है कि जिस तरह से बीरू के साथ मारपीट की गई और कार से कुचलने की घटना हुई, उसकी गंभीरता को देखते हुए हत्या के मामले में कार्रवाई जरूरी है।
फिलहाल पुलिस आरोपितों की तलाश और साक्ष्य जुटाने में लगी है। मामले में आगे की कार्रवाई जांच के निष्कर्षों पर निर्भर करेगी। अब देखना होगा कि पुलिस कब तक संदिग्धों को गिरफ्तार कर पाती है और घटना के पीछे की पूरी कहानी सामने आती है।