“जालौन के दहेलखंड गांव निवासी 30 वर्षीय भूरे कठेरिया का शव यमुना किनारे नरहान जंगल में बबूल के पेड़ से लटका मिला। आठ दिन पहले पत्नी की मौत हुई थी। पुलिस मामले की जांच कर रही है।“
उरई। जालौन जिले में पत्नी की मौत के आठ दिन बाद पति का शव यमुना किनारे जंगल में बबूल के पेड़ से लटका मिला। बुधवार दोपहर करीब तीन बजे शव मिलने की सूचना से इलाके में हलचल मच गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
11 अक्टूबर को हुई थी पत्नी शिवानी की मौत
मामला दहेलखंड गांव का है। यहां के 30 वर्षीय भूरे कठेरिया की 27 वर्षीय पत्नी शिवानी की 11 अक्टूबर की रात घर में मौत हो गई थी। शिवानी की मां सीमा देवी ने भूरे और उसकी मां मुन्नी देवी पर दहेज उत्पीड़न के आरोप लगाए थे।
मुकदमा दर्ज कराने के लिए थाने जा रहा था मायका पक्ष
परिजनों के अनुसार, शिवानी की मौत के बाद मायका पक्ष मुकदमा दर्ज कराने की मांग कर रहा था। परिवार की ओर से आरोप लगाया जा रहा था कि आठ दिन बाद भी मुकदमा दर्ज नहीं हुआ है। इस सिलसिले में वे थाने के चक्कर लगा रहे थे।
बताया जा रहा है कि पत्नी की मौत के मामले में मुकदमा दर्ज होने की आशंका के बीच भूरे तनाव में था। हालांकि, उसके मानसिक तनाव और घटना के कारणों की स्वतंत्र पुष्टि जांच के जरिए ही हो सकेगी।
दोपहर में घर से निकला था भूरे
जानकारी के मुताबिक, भूरे बुधवार दोपहर करीब 12 बजे घर से निकला था। करीब तीन बजे नरहान जंगल के पास उसका शव बबूल के पेड़ से लटका मिला। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और आवश्यक कार्रवाई करते हुए शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
पुलिस कर रही मामले की जांच
सिरसाकलार थाना प्रभारी वरुण प्रताप ने बताया कि घटनास्थल कालपी क्षेत्र में आता है। वहीं, सीओ जालौन अजय कुमार सिंह ने पत्नी की मौत के सदमे को घटना से जोड़ते हुए आत्महत्या की बात कही है।
पुलिस मामले की जांच कर रही है। मौत के कारणों और घटनाक्रम से जुड़े तथ्यों की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट तथा जांच के आधार पर होगी।
