उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले में एक दर्दनाक हादसे में 36 वर्षीय युवक की जान चली गई। राठ में गृह प्रवेश समारोह के बाद टेंट का सामान ट्रैक्टर-ट्रॉली पर लादते समय युवक हाईटेंशन बिजली लाइन की चपेट में आ गया। लोहे का पाइप ऊपर से गुजर रही विद्युत लाइन से छूने के कारण उसे करंट लग गया। हादसे में युवक गंभीर रूप से झुलस गया। मौके पर मौजूद लोग उसे तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे, लेकिन चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद परिवार में मातम छा गया।
मृतक की पहचान हमीरपुर जिले के जरिया थाना क्षेत्र के इटैलियाबाजा गांव निवासी अरमर्दन राजपूत के रूप में हुई है। वह रमेश चंद्र राजपूत के पुत्र थे और उनकी उम्र 36 वर्ष बताई गई है। यह हादसा मंगलवार सुबह राठ के उरई रोड स्थित एक आवास पर आयोजित गृह प्रवेश समारोह के बाद हुआ। समारोह में शामिल होने के बाद अरमर्दन वहां की व्यवस्थाओं में सहयोग कर रहे थे। इसी दौरान टेंट का सामान समेटते समय यह हादसा हो गया।
गृह प्रवेश समारोह के बाद हो रहा था सामान समेटने का काम
मिली जानकारी के अनुसार, इटैलियाबाजा गांव निवासी प्रदीप द्विवेदी के राठ स्थित उरई रोड वाले आवास पर गृह प्रवेश समारोह आयोजित किया गया था। इस कार्यक्रम में गांव के लोग और परिचित शामिल हुए थे। अरमर्दन राजपूत भी समारोह में पहुंचे थे और कार्यक्रम की व्यवस्थाओं में हाथ बंटा रहे थे।
समारोह समाप्त होने के बाद आयोजन स्थल से टेंट का सामान हटाने का काम किया जा रहा था। इसी दौरान अरमर्दन लोहे के पाइप ट्रैक्टर-ट्रॉली पर लादने में मदद कर रहे थे। टेंट में इस्तेमाल होने वाले लोहे के पाइप लंबे होने के कारण उन्हें उठाते और एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जाते समय विशेष सावधानी की जरूरत होती है। घटनास्थल के ऊपर से हाईटेंशन विद्युत लाइन गुजर रही थी।
बताई गई जानकारी के मुताबिक, सामान लादते समय लोहे का पाइप ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन लाइन के संपर्क में आ गया। बिजली के तार से संपर्क होते ही करंट फैल गया और अरमर्दन उसकी चपेट में आ गए। करंट लगने के कारण वह गंभीर रूप से झुलसकर नीचे गिर पड़े। घटना इतनी अचानक हुई कि वहां मौजूद लोगों को संभलने का मौका नहीं मिला।
अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सक ने मृत घोषित किया
हादसे के बाद आयोजन स्थल पर मौजूद लोगों और परिजनों में अफरा-तफरी मच गई। आसपास के लोगों ने युवक को बचाने और अस्पताल पहुंचाने की कोशिश की। इसके बाद उसे तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र राठ ले जाया गया।
अस्पताल में ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक डॉ. अतुल निरंजन ने युवक की जांच की। परीक्षण के बाद चिकित्सक ने उसे मृत घोषित कर दिया। युवक की मौत की खबर मिलते ही परिजनों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। जिस परिवार और गांव में कुछ समय पहले तक समारोह की तैयारियों और खुशियों का माहौल था, वहां हादसे के बाद शोक छा गया।
अरमर्दन की अचानक हुई मौत से परिवार के लोगों और परिचितों को गहरा सदमा पहुंचा। कार्यक्रम में सहयोग करने पहुंचे युवक की इस तरह जान चली जाने से स्थानीय लोगों में भी दुख का माहौल है।
सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस
घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भरने की कार्रवाई शुरू की। इसके बाद मामले में आवश्यक वैधानिक प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई।
ऐसे मामलों में पुलिस की ओर से घटनास्थल की परिस्थितियों और हादसे से संबंधित तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाती है। फिलहाल उपलब्ध जानकारी के अनुसार, युवक की मौत हाईटेंशन विद्युत लाइन के संपर्क में आने से हुई। हादसे के संबंध में किसी व्यक्ति की आपराधिक जिम्मेदारी या विभागीय लापरवाही को लेकर कोई निष्कर्ष सामने नहीं आया है।
यह स्पष्ट करना भी जरूरी है कि किसी दुर्घटना में बिजली के तार से संपर्क होना और उसके पीछे लापरवाही का जिम्मेदार कौन है, ये दो अलग-अलग सवाल हैं। जिम्मेदारी निर्धारित करने के लिए घटनास्थल की स्थिति, बिजली लाइन की ऊंचाई, सामान लादने की परिस्थितियों और संबंधित विभाग के रिकॉर्ड की जांच जरूरी हो सकती है। उपलब्ध जानकारी में ऐसी किसी जांच के निष्कर्ष का उल्लेख नहीं है।
हाईटेंशन लाइन के आसपास काम करना क्यों है जोखिम भरा?
हाईटेंशन बिजली लाइन के आसपास लंबे लोहे के पाइप, टेंट के खंभे, सीढ़ियां और अन्य धातु की वस्तुएं उठाकर काम करना गंभीर खतरा पैदा कर सकता है। धातु बिजली की सुचालक होती है। यदि कोई धातु की वस्तु बिजली के तार के संपर्क में आ जाती है, तो करंट उस वस्तु से होकर व्यक्ति के शरीर तक पहुंच सकता है।
ऐसी स्थिति में व्यक्ति को गंभीर विद्युत आघात लग सकता है। चोट की गंभीरता बिजली के संपर्क, करंट के प्रवाह और संपर्क की अवधि जैसी परिस्थितियों पर निर्भर करती है। हाईटेंशन लाइन के मामले में खतरा केवल सीधे तार को छूने तक सीमित नहीं होता; परिस्थितियों के अनुसार नजदीक पहुंचना भी जानलेवा साबित हो सकता है।
इसीलिए टेंट लगाने या हटाने, निर्माण कार्य, ट्रैक्टर-ट्रॉली पर लंबा सामान लादने और अन्य ऐसे कामों के दौरान ऊपर से गुजर रही बिजली की लाइनों का ध्यान रखना जरूरी है। विशेष रूप से लंबे धातु के पाइपों को उठाते समय यह सुनिश्चित करना चाहिए कि वे किसी विद्युत तार के संपर्क में न आएं।
यदि किसी स्थान पर बिजली की लाइन के बहुत करीब सामान लादने या उतारने की जरूरत हो, तो काम शुरू करने से पहले संबंधित बिजली विभाग से सुरक्षित व्यवस्था के संबंध में सलाह लेनी चाहिए। आवश्यकता पड़ने पर अधिकृत कर्मचारियों की मदद से बिजली आपूर्ति बंद कराने जैसी सुरक्षा व्यवस्था की जा सकती है। किसी भी स्थिति में बिजली के तार के संपर्क में आई वस्तु को नंगे हाथों से छूने या स्वयं हटाने की कोशिश नहीं करनी चाहिए।
ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में सुरक्षा सावधानी जरूरी
बिजली से होने वाले हादसों को रोकने के लिए केवल बिजली विभाग की व्यवस्था ही नहीं, बल्कि आम लोगों की सतर्कता भी महत्वपूर्ण है। घरों में समारोह, टेंट लगाने, निर्माण कार्य और बड़े सामान की ढुलाई के दौरान अक्सर कई लोग मिलकर काम करते हैं। ऐसे समय में काम की जल्दबाजी के कारण ऊपर से गुजर रही बिजली की लाइन पर ध्यान नहीं जा पाता।
लंबे लोहे के पाइपों को ट्रैक्टर-ट्रॉली पर रखते समय उनकी दिशा और ऊंचाई का विशेष ध्यान रखना चाहिए। सामान उठाने वाले लोगों को पहले से यह देख लेना चाहिए कि आसपास बिजली की लाइन तो नहीं है। यदि तार बहुत नीचे हों या सामान के संपर्क में आने की आशंका हो, तो बिना सुरक्षित व्यवस्था किए काम आगे नहीं बढ़ाना चाहिए।
स्थानीय स्तर पर भी ऐसे आयोजनों के दौरान बिजली की लाइनों के आसपास जोखिम वाले कामों को लेकर जागरूकता जरूरी है। टेंट संचालकों, मजदूरों और सामान ढोने वाले लोगों को विद्युत सुरक्षा के बुनियादी नियमों की जानकारी होना हादसों की आशंका कम करने में मदद कर सकता है।
परिवार में छाया मातम
हमीरपुर के इटैलियाबाजा गांव निवासी अरमर्दन राजपूत की मौत ने परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। गृह प्रवेश समारोह में सहयोग करने पहुंचे अरमर्दन की जिंदगी एक हादसे के कारण खत्म हो गई। घटना के बाद परिवार और परिचितों के बीच शोक का माहौल है।
पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भरने और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया शुरू करने की जानकारी दी है। उपलब्ध विवरण में परिवार की ओर से किसी मुआवजे की मांग, बिजली विभाग के खिलाफ शिकायत या हादसे की जिम्मेदारी तय करने संबंधी किसी आधिकारिक निष्कर्ष का उल्लेख नहीं है।
फिलहाल इस घटना का सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह है कि हाईटेंशन लाइन के संपर्क में आने से एक युवक की जान चली गई। ऐसे हादसे यह याद दिलाते हैं कि बिजली की लाइनों के आसपास थोड़ी-सी असावधानी भी जानलेवा साबित हो सकती है। इसलिए किसी भी समारोह या निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा उपायों की अनदेखी नहीं की जानी चाहिए।