“उत्तराखंड की मंत्री रेखा आर्य की शिकायत पर मुकदमा दर्ज होने के बाद पति पप्पू गिरधारी की तलाश जारी है। फोन बंद होने की खबर के बीच बरेली पुलिस पुराने रिकॉर्ड की पड़ताल कर रही है और देहरादून एसआईटी मामले की जांच कर रही है।“
बरेली/देहरादून। उत्तराखंड सरकार की मंत्री रेखा आर्य की शिकायत पर मुकदमा दर्ज होने के बाद उनके पति गिरधारी लाल साहू उर्फ पप्पू गिरधारी की तलाश तेज हो गई है। रिपोर्ट के मुताबिक, मुकदमा दर्ज होने के बाद से उनका फोन बंद है और वह बरेली में भी दिखाई नहीं दिए हैं। देहरादून पुलिस उनकी तलाश में जुटी है, जबकि बरेली पुलिस भी उनकी लोकेशन और पुराने रिकॉर्ड से जुड़ी जानकारियां जुटा रही है।
इस मामले ने उस समय और तूल पकड़ लिया, जब पप्पू गिरधारी का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड भी चर्चा में आया। खबर के अनुसार, बरेली में उनके खिलाफ पहले 39 मुकदमे दर्ज रहे हैं। हालांकि, पुराने मामलों का उल्लेख मौजूदा मुकदमे में आरोपों की पुष्टि नहीं करता। वर्तमान मामले में जांच के निष्कर्ष सामने आने के बाद ही आरोपों की स्थिति स्पष्ट होगी।
15 अक्टूबर को दर्ज हुआ था मुकदमा
प्राप्त जानकारी के अनुसार, उत्तराखंड की मंत्री रेखा आर्य ने 15 अक्टूबर को देहरादून में अपने पति पप्पू गिरधारी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। इसके बाद से पुलिस उनकी तलाश कर रही है।
रिपोर्ट में बताया गया है कि सोमवार को भी पप्पू गिरधारी बरेली में दिखाई नहीं दिए। उनकी तलाश में देहरादून से पहुंची पुलिस को भी सफलता नहीं मिली। स्थानीय पुलिस उनकी संभावित लोकेशन और अन्य जानकारियां जुटाने का प्रयास कर रही है।
मामले की जांच देहरादून की विशेष जांच टीम (एसआईटी) कर रही है। पुलिस की आगे की कार्रवाई जांच में सामने आने वाले तथ्यों और उपलब्ध साक्ष्यों पर निर्भर करेगी।
बरेली में 39 मुकदमों का रिकॉर्ड, 2014 में बंद हुई थी निगरानी
पप्पू गिरधारी का नाम बरेली के पुराने आपराधिक रिकॉर्ड में दर्ज रहा है। खबर के मुताबिक, उनके खिलाफ हत्या, हत्या के प्रयास, गैंगस्टर एक्ट और धोखाधड़ी समेत विभिन्न मामलों में मुकदमे दर्ज हुए थे।
रिपोर्ट में बताया गया है कि वर्ष 1990 में जैन दंपती हत्याकांड के मामले में उनका नाम सामने आया था। इसके बाद भी उनके खिलाफ कई मुकदमे दर्ज हुए। वर्ष 2008 में धोखाधड़ी के एक मामले में कार्रवाई के साथ गुंडा एक्ट भी लगाया गया था।
हालांकि, खबर के अनुसार, बरेली में बाद के वर्षों में कोई नया मामला दर्ज नहीं हुआ। इसी आधार पर वर्ष 2014 में उनकी हिस्ट्रीशीट की निगरानी बंद कर दी गई थी।
बरेली के एसपी सिटी चिराग जैन ने बताया कि फिलहाल पप्पू गिरधारी की निगरानी नहीं की जा रही है। नए मामले में यदि अदालत में आरोपपत्र दाखिल होता है, तो परिस्थितियों के अनुसार उनकी निगरानी दोबारा शुरू करने पर विचार किया जा सकता है।
देहरादून एसआईटी कर रही जांच
रेखा आर्य की शिकायत से जुड़े मामले की जांच देहरादून एसआईटी के पास है। रिपोर्ट के अनुसार, एसआईटी बरेली जाकर संबंधित जानकारी और दस्तावेज जुटा चुकी है।
हालांकि, बरेली पुलिस के अधिकारियों का कहना है कि एसआईटी की ओर से इस मामले में उनसे आधिकारिक तौर पर संपर्क नहीं किया गया है। इससे दोनों शहरों की पुलिस के बीच जांच से संबंधित समन्वय को लेकर स्थिति स्पष्ट होना बाकी है।
फिलहाल, पुलिस पप्पू गिरधारी की लोकेशन का पता लगाने के साथ उनके पुराने रिकॉर्ड की भी पड़ताल कर रही है। मामले में आगे की कार्रवाई जांच एजेंसी की ओर से जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर की जाएगी।
पुराने विवाद भी आए चर्चा में
खबर के मुताबिक, पप्पू गिरधारी और रेखा आर्य के बीच विवाद की पृष्ठभूमि में कुछ पुराने मामले भी चर्चा में आए हैं। वर्ष 2022 में रेखा आर्य ने बरेली के बारादरी थाने में पप्पू गिरधारी की पूर्व मैनेजर कल्पना के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था।
इसके अलावा, पप्पू गिरधारी के भतीजों के नाम भी कुछ वर्ष पहले पीलीभीत बाईपास पर हुई फायरिंग की घटना के संबंध में सामने आए थे। हालांकि, इन घटनाओं का मौजूदा मुकदमे से संबंध जांच के आधार पर ही स्पष्ट किया जा सकता है।
वायरल ऑडियो में 25 लाख रुपये का जिक्र
मामले के बीच पप्पू गिरधारी की एक महिला के साथ बातचीत का कथित ऑडियो भी प्रसारित होने की जानकारी सामने आई है। खबर के अनुसार, इस ऑडियो में वह रिंकू नाम के व्यक्ति द्वारा सहयोग किए जाने और जमानत में मदद करने की बात कहते सुनाई देते हैं। बातचीत में महिला की मदद के लिए 25 लाख रुपये देने का भी जिक्र बताया गया है।
हालांकि, उपलब्ध जानकारी के आधार पर ऑडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। इसकी प्रामाणिकता, बातचीत का संदर्भ और संबंधित लोगों की भूमिका स्पष्ट होना अभी बाकी है।
पुलिस की तलाश और जांच पर टिकी नजर
मंत्री रेखा आर्य की शिकायत के बाद यह मामला उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश, दोनों राज्यों की पुलिस के लिए महत्वपूर्ण हो गया है। एक ओर देहरादून एसआईटी शिकायत से जुड़े आरोपों की जांच कर रही है, वहीं दूसरी ओर बरेली में पप्पू गिरधारी के पुराने आपराधिक रिकॉर्ड और निगरानी से संबंधित जानकारी सामने आई है।
अब पुलिस की प्राथमिकता उनकी मौजूदा लोकेशन का पता लगाना और मामले से जुड़े साक्ष्यों की जांच करना है। आगे की कानूनी कार्रवाई जांच के निष्कर्षों के आधार पर होगी।
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