लखनऊ में चैत्र नवरात्रि की शुरुआत के साथ ही Food Safety Alert जारी कर दिया गया है। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन ने कुट्टू, सिंघाड़ा और अन्य फलाहारी खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता को लेकर सख्ती बढ़ा दी है। विभाग ने साफ कहा है कि लापरवाही मिलने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
क्यों बढ़ी कुट्टू-सिंघाड़ा आटे की जांच?
नवरात्र के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु व्रत रखते हैं और कुट्टू आटा, सिंघाड़ा आटा, मूंगफली, मेवे, रामदाना और फलाहारी मिठाइयों का सेवन करते हैं।इस समय इन उत्पादों की मांग तेजी से बढ़ती है, जिससे मिलावट और खराब गुणवत्ता की आशंका भी बढ़ जाती है। इसी को देखते हुए Lucknow Food Department ने जांच अभियान तेज कर दिया है।
गलत भंडारण से बढ़ता है बीमारी का खतरा
खाद्य विभाग के अनुसार, अगर कुट्टू और सिंघाड़ा आटे को नमी और गर्मी में रखा जाए तो उनमें फफूंदी लग सकती है। ऐसी स्थिति में एफ्लाटॉक्सिन नामक जहरीला तत्व बनता है, जो मानव स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक है। इसके सेवन से फूड पॉइजनिंग और गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है।
व्यापारियों के लिए सख्त निर्देश
खाद्य सुरक्षा विभाग ने सभी विक्रेताओं, सप्लायर और निर्माताओं को निर्देश दिए हैं कि:
खाद्य पदार्थ सूखी, ठंडी और हवादार जगह पर रखें
पैकेट पर निर्माण और एक्सपायरी डेट अनिवार्य हो
बिना लेबल या एक्सपायरी प्रोडक्ट की बिक्री पूरी तरह बंद करें
जिलेभर में जांच और छापेमारी तेज
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की ओर से पूरे जिले में निरीक्षण अभियान चलाया जा रहा है।
अधिकारियों का कहना है कि बाजार में बिक रहे फलाहारी खाद्य पदार्थों की लगातार जांच की जा रही है, ताकि लोगों को सुरक्षित खाद्य सामग्री मिल सके।
पिछले साल भी कई नमूने फेल
पिछले वर्ष नवरात्र के दौरान 82 खाद्य नमूनों की जांच की गई थी, जिसमें:
25 नमूने अधोमानक
4 नमूने असुरक्षित पाए गए थे
इन मामलों में संबंधित कारोबारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी की गई थी।
नियम तोड़ने पर होगी सख्त कार्रवाई
खाद्य विभाग ने चेतावनी दी है कि यदि कोई व्यापारी नियमों का पालन नहीं करता और उसकी वजह से कोई घटना होती है, तो इसे संज्ञेय अपराध मानते हुए कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।








