खेडा में मौजूद जगदगुरु शंकराचार्य स्वामी सदानंद सरस्वती ने त्रिवेणी स्नान के दौरान हुई घटना को लेकर प्रशासन और पुलिस पर कड़ा हमला बोला। उन्होंने कहा कि ब्राह्मचारियों की चोटी खींचना और शिखा व यज्ञोपवीत का अपमान किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
“जो विधर्मियों ने नहीं किया, वो पुलिस ने किया”
शंकराचार्य ने स्पष्ट कहा कि “जो काम विधर्मियों ने भी नहीं किया, वह काम पुलिस ने कर दिया।” उन्होंने प्रशासन और राज्य के लिए दो टूक संदेश दिया कि राजा और शासन का पहला कर्तव्य प्रजा की रक्षा करना होता है, और धर्म के उल्लंघन को अनुमति नहीं दी जा सकती।
सनातन परंपराओं की सुरक्षा
स्वामी सदानंद सरस्वती ने कहा कि सनातन परंपराओं का अपमान स्वीकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने प्रशासन को चेतावनी दी कि त्रिवेणी स्नान सम्मान के साथ कराया जाए और ब्रह्मचारियों की शिखा और यज्ञोपवीत का अपमान न हो।
शंकराचार्य ने मांगी ससम्मान त्रिवेणी स्नान की मांग
शंकराचार्य ने आदि शंकराचार्य का हवाला देते हुए कहा कि सनातन धर्म की रक्षा के लिए उनका अवतार हुआ था और आज भी उसी परंपरा की रक्षा करना आवश्यक है। उन्होंने प्रशासन से तुरंत माफी मांगने और त्रिवेणी स्नान ससम्मान कराने की मांग की।








