लखनऊ चौक में सर्राफा व्यापारी ने की आत्महत्या, सोना-चांदी के भाव से थे तनाव में
लखनऊ के चौक इलाके में एक सर्राफा व्यापारी ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। शुरुआती जांच में सामने आया है कि वह सोने-चांदी के दामों में लगातार तेजी के चलते डिप्रेशन में थे। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है।
क्या है पूरा मामला
मृतक की पहचान चौपटिया निवासी मनोज अग्रवाल के रूप में हुई है। वह चांदी का काम करते थे और चौक सर्राफा मार्केट में हरी मस्जिद के पास कुंदन मार्केट में उनकी दुकान थी। गुरुवार दोपहर वह दुकान पर मौजूद थे और बाद में मकर संक्रांति के अवसर पर चौक में चल रहे भंडारे में शामिल हुए। इसके बाद वह दुकान बंद कर घर लौट आए।
रात के समय वह घर के आंगन में लगी ग्रिल के सहारे फंदे से लटके हुए मिले। परिजनों ने जब यह देखा तो चीख-पुकार मच गई, जिसकी आवाज सुनकर आसपास के लोग भी मौके पर पहुंच गए। सूचना मिलने पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को नीचे उतरवाया और पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया।
सोने-चांदी के भाव बने तनाव की वजह
पुलिस जांच में यह बात सामने आ रही है कि सोने और चांदी के दामों में लगातार उतार-चढ़ाव और तेजी के कारण मनोज अग्रवाल मानसिक तनाव में थे। फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं से मामले की जांच कर रही है।
सर्राफा व्यापारियों की मांग
चौक सर्राफा एसोसिएशन के महामंत्री विनोद महेश्वरी ने बताया कि भाव में तेज़ी के कारण कई व्यापारी और कारीगर गंभीर आर्थिक दबाव में हैं। उन्होंने कहा कि भारत सरकार को सोना-चांदी को वायदा कारोबार से मुक्त करना चाहिए, क्योंकि इससे सर्राफा व्यापार पर बुरा असर पड़ रहा है।








