मकर संक्रांति के पावन अवसर पर Yogi Adityanath गुरुवार तड़के सुबह चार बजे Gorakhnath Temple पहुंचे। गोरक्षपीठाधीश्वर के रूप में उन्होंने विधि-विधान के साथ गुरु गोरखनाथ को आस्था की पवित्र खिचड़ी अर्पित की और विशेष पूजा-अर्चना की।
बच्चे की मासूम फरमाइश बनी यादगार पल
पूजा के बाद मुख्यमंत्री मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं से मिले। इसी दौरान उन्होंने पास खड़े एक छोटे बच्चे को स्नेहपूर्वक बुलाया, उसके सिर पर हाथ फेरा और प्यार से पूछा—क्या चाहिए? पहले तो बच्चा चुप रहा, लेकिन जब सीएम योगी ने दो-तीन बार अपनत्व से पूछा, तो बच्चे ने उनके कान में धीरे से कुछ कहा। जैसे ही यह स्पष्ट हुआ कि बच्चे ने “चिप्स” मांगे हैं, मुख्यमंत्री खिलखिलाकर हंस पड़े। उनका यह ठहाका देख वहां मौजूद श्रद्धालु और सुरक्षाकर्मी भी मुस्कुरा उठे। इसके तुरंत बाद बच्चे के लिए चिप्स मंगवाकर उसे दिया गया। यह क्यूट मोमेंट सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
“गुरु गोरखनाथ को खिचड़ी अर्पित करना मेरा सौभाग्य”
मीडिया से बातचीत में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों, संतों और श्रद्धालुओं को मकर संक्रांति की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि यह पर्व सनातन परंपरा में आस्था, साधना और सामाजिक समरसता का प्रतीक है।
उन्होंने कहा, “यह मेरा सौभाग्य है कि मुझे प्रातःकाल गुरु गोरखनाथ को पवित्र खिचड़ी अर्पित करने का अवसर मिला।”
सूर्यदेव और मकर संक्रांति का महत्व
मकर संक्रांति के आध्यात्मिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सूर्यदेव जगत की आत्मा हैं। सनातन परंपरा में सूर्य उपासना का विशेष स्थान है। सूर्य के धनु से मकर राशि में प्रवेश को मकर संक्रांति कहा जाता है, जिससे उत्तरायण काल की शुरुआत होती है। यह समय ऊर्जा, प्रकाश और सकारात्मकता का प्रतीक माना जाता है।








