लखनऊ समेत 3 मदरसों की मान्यता सस्पेंड, विदेश से वेतन लेने वाले शिक्षक पकड़े गए
Lucknow समेत उत्तर प्रदेश के तीन मदरसों पर बड़ी कार्रवाई की गई है। उत्तर प्रदेश मदरसा शिक्षा परिषद ने जांच के बाद प्रदेश के तीन बड़े मदरसों की मान्यता निलंबित कर दी है।परिषद की रजिस्ट्रार अंजना सिरोही ने बताया कि जांच में मदरसों के संचालन में गंभीर अनियमितताएं सामने आईं, जिसके बाद यह सख्त कदम उठाया गया।
Lucknow Madrasa: मड़ियांव के मदरसा हनफिया की मान्यता सस्पेंड
लखनऊ के मड़ियांव क्षेत्र स्थित मदरसा हनफिया जियाउल कुरान की मान्यता निलंबित कर दी गई है।जांच में पाया गया कि मदरसा परिषद द्वारा स्वीकृत स्थान पर संचालित नहीं हो रहा था।
निरीक्षण के दौरान यह भी सामने आया कि जिस भवन में मदरसे के संचालन का दावा किया गया था, वह बेसिक शिक्षा विभाग से मान्यता प्राप्त प्राथमिक/जूनियर हाईस्कूल का परिसर है।साथ ही, मदरसे से संबंधित भूमि और भवन को लेकर न्यायालय में मामला विचाराधीन है।
Azamgarh Madrasa Action: ब्रिटेन में रहकर ले रहे थे वेतन
आजमगढ़ जिले के मुबारकपुर स्थित 78 साल पुराने मदरसा अशरफिया मिस्बाहुल उलूम की भी मान्यता निलंबित कर दी गई है।मदरसा बोर्ड की जांच में सामने आया कि यहां के सहायक शिक्षक शमसुल हुदा खान
वर्ष 2007 से ब्रिटेन में रह रहे हैं
ब्रिटेन की नागरिकता ले चुके हैं
इसके बावजूद मदरसे से वेतन, पेंशन, जीपीएफ और सेवानिवृत्ति लाभ लेते रहे
जांच में उनकी 5 साल 7 माह 3 दिन की अनियमित अनुपस्थिति दर्ज की गई।नियमों के विपरीत 502 दिन का मेडिकल अवकाश भी स्वीकृत किया गया।परिषद के अनुसार यह मामला राजकोष को वित्तीय क्षति पहुंचाने वाला संगठित कृत्य है।
Sant Kabir Nagar Madrasa News: नियमों की अनदेखी
संतकबीरनगर जिले के एक मदरसे पर भी कार्रवाई की गई है।जांच में पाया गया कि मदरसा नियमावली को ताक पर रखकर संचालित किया जा रहा था।इससे पहले भी खलीलाबाद स्थित कुल्लियातुल बनातिर रजविया मदरसे की मान्यता निलंबित की जा चुकी है।








