एटीएस की पूछताछ में बड़ा खुलासा: सहारनपुर का आतंकी बिलाल 4000 पाक नंबरों से जुड़ा, अलकायदा हैंडलर से मिलते थे निर्देश
सहारनपुर: उत्तर प्रदेश एटीएस (ATS) की गिरफ्त में आए आतंकी बिलाल से पूछताछ में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं।एटीएस ने कुछ दिन पहले सहारनपुर से बिलाल को गिरफ्तार किया था, जिसके बाद से उससे लगातार पूछताछ चल रही है।जांच में सामने आया है कि बिलाल पाकिस्तान स्थित अलकायदा हैंडलर समेत करीब 4000 विदेशी नंबरों के संपर्क में था।उसके पाकिस्तानी हैंडलर लगातार भारत में आतंकी हमले की साजिश और जिहादी गतिविधियों को लेकर निर्देश भेज रहे थे।
सोशल मीडिया के ज़रिए फैला रहा था जिहादी कंटेंट
एटीएस की रिपोर्ट के अनुसार, बिलाल सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर जिहादी तकरीरें और आतंकी विचारधारा फैला रहा था।जांच एजेंसियों ने कई फेक सोशल मीडिया अकाउंट्स की डिटेल्स बरामद की हैं, जिनका उपयोग आतंक फैलाने और भर्ती बढ़ाने में किया जा रहा था।
‘ऑपरेशन सिंदूर’ में मारे गए आतंकियों को बताता था ‘शहीद’
पूछताछ के दौरान खुलासा हुआ कि बिलाल ‘ऑपरेशन सिंदूर’ में मारे गए आतंकियों को शहीद बताता था और उन्हें सोशल मीडिया पर हीरो के रूप में प्रचारित करता था।उसने अपने ग्रुप्स में अलकायदा इन इंडियन सबकॉन्टिनेंट के पहले चीफ आसिम उमर को श्रद्धांजलि दी थी और उसे “इस्लामी संघर्ष का प्रतीक” बताया था।
सरकार को अस्थिर करने और शरिया लागू करने की साजिश
एटीएस सूत्रों के मुताबिक, बिलाल सरकार को अस्थिर करने और भारत में शरिया कानून लागू करने की बातें करता था।वह अपने ऑनलाइन ग्रुप्स में युवाओं को उकसाने का प्रयास कर रहा था और जिहाद के रास्ते पर चलने की अपील कर रहा था।उसने ग्रुप में लिखा —
“अगर आप जिहाद के रास्ते पर चलेंगे तो मोरक्को से लेकर फिलीपींस तक मुजाहिद्दीन आपके समर्थन में खड़े होंगे।”
एटीएस कर रही है डिजिटल डेटा का एनालिसिस
4 नवंबर से चल रही रिमांड अवधि के दौरान एटीएस टीम ने बिलाल के मोबाइल, चैट्स और सोशल मीडिया डेटा का एनालिसिस शुरू किया है।टीम को कई विदेशी चैट ग्रुप्स, गुप्त मैसेजिंग ऐप्स और ईमेल कनेक्शन मिले हैं, जिनका लिंक पाकिस्तान और अफगानिस्तान तक फैला हुआ है।








