“मैं IAS हूं, मणिपुर कैडर…”—इसी झूठ ने गोरखपुर के एक परिवार को भरोसे में ले लिया। लेकिन अब आरोपी प्रीतम निषाद पुलिस की गिरफ्त में है और पूछताछ में Fake IAS की परतें खुल रही हैं। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने कभी UPSC परीक्षा पास नहीं की, फिर भी खुद को IAS अधिकारी बताकर लोगों को प्रभावित करता रहा और इसी झूठ के सहारे शादी तक कर ली।
पूछताछ में आरोपी के चौंकाने वाले कबूलनामे
पुलिस जांच में सामने आया कि:
आरोपी केवल BSc तक पढ़ा है
उसने कभी UPSC क्लियर नहीं किया
सोशल मीडिया और फर्जी फोटो-वीडियो से खुद की अफसर वाली छवि बनाई
एसपी सिटी के मुताबिक, आरोपी ने पहले भी इसी तरह के धोखाधड़ी के प्रयास किए थे और दो शादियों की बात भी सामने आई है।
YouTube से सीखा ‘IAS बनने’ का तरीका
पूछताछ में सबसे चौंकाने वाला खुलासा यह हुआ कि प्रीतम ने YouTube और इंटरनेट से IAS लाइफस्टाइल सीखी अफसरों की तरह बोलना, फोटो खिंचवाना और व्यवहार करना सीखा
उसने एडिटेड फोटो, फर्जी इंटरव्यू और ऑफिस जैसे बैकग्राउंड तैयार कर खुद को असली अधिकारी साबित करने की कोशिश की।
WhatsApp ग्रुप से रिश्ता, फिर 15 लाख की ठगी
आरोपी ने ‘निषाद विवाह ग्रुप’ के जरिए गोरखपुर के एक परिवार से संपर्क किया।
खुद को बिना दहेज शादी करने वाला बताया
बाद में खर्च के नाम पर 15 लाख रुपये वसूले
₹10 लाख सगाई से पहले
₹5 लाख शादी के समय
11 मार्च 2026 को धूमधाम से शादी हुई, लेकिन विदाई के बाद सच्चाई सामने आ गई।
शादी के बाद खुला राज, आरोपी फरार
शादी में आए एक व्यक्ति ने दूल्हे के IAS होने पर सवाल उठाया। परिवार ने जांच की तो पता चला: आरोपी का दावा झूठा था, बेटी एक छोटे कमरे में मिली, आरोपी और उसका परिवार फरार हो चुका था
जालौन से गिरफ्तारी, जांच जारी
पीड़ित परिवार की शिकायत पर पुलिस ने केस दर्ज कर आरोपी को जालौन से गिरफ्तार कर लिया।
कई धाराओं में मुकदमा दर्ज
शादी में शामिल लोगों से पूछताछ
अन्य राज्यों में भी ठगी की आशंका की जांच





