Thalapathy Vijay की बहुप्रतीक्षित और आखिरी फिल्म Jan Nayagan (हिंदी टाइटल: जन नेता) शुक्रवार को रिलीज के लिए शेड्यूल है, लेकिन रिलीज से ठीक पहले फिल्म सेंसर विवाद में फंस गई है। अब तक फिल्म को Central Board of Film Certification से सर्टिफिकेट नहीं मिला है, जिसकी वजह से एडवांस बुकिंग भी पूरी तरह शुरू नहीं हो सकी है।
राजनीति में उतरने से पहले आखिरी फिल्म
विजय पहले ही ऐलान कर चुके हैं कि राजनीति में पूरी तरह सक्रिय होने से पहले जन नायगन उनकी आखिरी फिल्म होगी। उन्होंने अपनी पार्टी तमिलगा वेट्री कलगम (TVK) बनाकर चुनावी मैदान में उतरने की तैयारी कर ली है। ऐसे में फिल्म का रिलीज से पहले अटकना उनके फैन्स और राजनीतिक समर्थकों के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।
क्यों विवाद में फंसी ‘जन नायगन’?
फिल्म के ट्रेलर में विजय एक ऐसे नायक के रूप में दिखते हैं, जो जनता को सिस्टम से सवाल पूछने, भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने और सत्ता को चुनौती देने के लिए प्रेरित करता है।इस तरह की एंटी-एस्टैब्लिशमेंट थीम विजय की फिल्मों में नई नहीं है। इससे पहले थलाइवा, कथ्थी, मर्सल और सरकार जैसी फिल्मों में भी वे सत्ता और सिस्टम पर सवाल उठाते नजर आए हैं।
माना जाता है कि इन्हीं फिल्मों ने विजय की “जनता की आवाज” वाली छवि बनाई, जिसे अब वे राजनीति में भी आगे बढ़ा रहे हैं।
सेंसर सर्टिफिकेट न मिलने से कोर्ट पहुंचा मामला
मंगलवार को फिल्म के मेकर्स KVN प्रोडक्शंस ने सेंसर सर्टिफिकेट न मिलने पर हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। मेकर्स का आरोप है कि सर्टिफिकेट को अनुचित तरीके से रोका गया, जिससे उन्हें भारी आर्थिक नुकसान हो सकता है।
मेकर्स के मुताबिक:
18 दिसंबर 2025 को सर्टिफिकेट के लिए आवेदन किया गया
22 दिसंबर को बदलाव के बाद U/A सर्टिफिकेट की सिफारिश की गई
24 दिसंबर को रिवाइज्ड वर्जन जमा किया गया
29 दिसंबर को बताया गया कि सर्टिफिकेट मिल जाएगा
लेकिन 5 जनवरी 2026 को फिल्म को रिवाइजिंग कमेटी के पास भेज दिया गया
शिकायत में दावा किया गया कि फिल्म धार्मिक भावनाओं को आहत करती है और आर्म्ड फोर्सेज की प्रस्तुति आपत्तिजनक है।
मेकर्स ने उठाए सवाल
मेकर्स का तर्क है कि जब फिल्म सिर्फ सेंसर कमेटी ने देखी है, तो कंटेंट को लेकर बाहर से शिकायत आना संदिग्ध है। सर्टिफिकेट की सिफारिश के बाद नियम 24 लागू करना कानून के खिलाफ बताया गया है।
हाई कोर्ट ने CBFC को उन शिकायतों का ब्योरा पेश करने को कहा है, जिनके आधार पर फिल्म को रिवाइजिंग कमेटी में भेजा गया। मामले की अगली सुनवाई 7 जनवरी को होगी।
क्यों गरमाई राजनीति?
रिपोर्ट्स के मुताबिक, विजय की पार्टी TVK और उनके समर्थक इसे राजनीतिक साजिश मान रहे हैं। विजय ने साफ कहा है कि वे DMK और AIADMK—दोनों के खिलाफ राजनीति करेंगे। ऐसे में उन्हें तमिलनाडु की राजनीति में तीसरी बड़ी ताकत के रूप में देखा जा रहा है।
फैन्स का मानना है कि जन नायगन से जुड़ा सेंसर विवाद दरअसल विजय पर दबाव बनाने की कोशिश है।








