उत्तर प्रदेश विधानसभा में विधायकों के फोन न उठाने और सहयोग न करने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया गया है। विधानसभा अध्यक्ष Satish Mahana ने सदन में स्पष्ट कहा कि नियमों का उल्लंघन करने वाले अफसरों पर सेवा नियमावली के तहत कठोर कार्रवाई की जाएगी।यह मुद्दा नेता प्रतिपक्ष Mata Prasad Pandey द्वारा उठाया गया था, जिन्होंने अधिकारियों के असहयोग पर चिंता जताई।
संसदीय कार्य मंत्री को सख्त निर्देश
विधानसभा अध्यक्ष ने संसदीय कार्य मंत्री Suresh Khanna को निर्देश दिया कि पूर्व में जारी शासनादेशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराया जाए।
उन्होंने कहा कि जनहित के मुद्दों पर विधायकों को समय और सम्मान देना अधिकारियों की जिम्मेदारी है। जो अधिकारी ऐसा नहीं करेंगे, उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
‘अधिकारियों का रवैया चिंताजनक’
सतीश महाना ने कहा कि सदन में मिली जानकारी से साफ है कि कुछ अधिकारी विधायकों के साथ अपेक्षित सहयोग नहीं कर रहे, जो लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए चिंताजनक है।उन्होंने याद दिलाया कि पहले भी दोषी अधिकारियों को दंडित किया जा चुका है और जरूरत पड़ी तो दोबारा सख्त कदम उठाए जाएंगे।
लोकतांत्रिक संतुलन बनाए रखने पर जोर
स्पीकर ने कार्यपालिका, न्यायपालिका और विधायिका के बीच संतुलन की अहमियत पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि तीनों अंग एक-दूसरे के पूरक हैं और किसी भी तरह का अतिक्रमण लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर कर सकता है।महाना ने अधिकारियों से अपने दायित्वों का पालन करने और विधायकों से भी मर्यादा बनाए रखने की अपील की।







