UP STF ने ओवरलोड वाहनों से अवैध वसूली करने वाले एक बड़े संगठित वसूली नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। जांच में सामने आया कि यह नेटवर्क कई जिलों में सक्रिय था और ओवरलोड ट्रकों से हर महीने करोड़ों रुपये वसूल रहा था। एसटीएफ ने इस मामले में तीन जिलों के ARTO और PTO सहित 11 लोगों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया है।
STF ने दो लोगों को पकड़ा, कई अधिकारियों पर FIR
एसटीएफ ने नेटवर्क से जुड़े दो लोगों—एक दलाल और एक ट्रक चालक—को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार व्यक्तियों के पास से मिली वस्तुओं में शामिल हैं:
141 ओवरलोड वाहनों की सूची
बैंक पासबुक
कई मोबाइल फोन
बैंक कार्ड
एक SUV वाहन
पूछताछ में खुलासा हुआ कि यह नेटवर्क ओवरलोड ट्रकों को पास कराने के नाम पर ₹300 से लेकर हजारों रुपये तक वसूली करता था।
ऐसे होती थी अवैध वसूली की रकम की ‘बंटी’
एसटीएफ की रिपोर्ट के अनुसार:
प्रति ट्रक तय राशि में से एक हिस्सा नेटवर्क के फील्ड एजेंट रखते थे
बाकी रकम ARTO और PTO से जुड़े ड्राइवरों और कर्मचारियों तक पहुंचाई जाती थी
हर महीने खाते और नकद लेनदेन के जरिए रकम बांटी जाती थी
कई अधिकारियों की मिलीभगत से ट्रकों को बिना चालान पास कराया जाता था
पूछताछ में सामने आया कि एजेंट प्रतिगाड़ी लगभग ₹500 खुद रखता था, जबकि बाकी रकम विभागीय चैनल तक पहुंचाई जाती थी।
हर महीने की अवैध कमाई – ₹2.5 करोड़
एसटीएफ की प्रारंभिक जांच में अनुमान लगाया गया है कि यह नेटवर्क हर महीने करीब ₹2.5 करोड़ की अवैध वसूली कर रहा था। यह पूरा सिस्टम रायबरेली–फतेहपुर–लखनऊ रूट पर लंबे समय से संचालित हो रहा था।कई अधिकारियों और कर्मचारियों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है।इस एक्शन के बाद पूरे परिवहन विभाग में हड़कंप मचा हुआ है।








