UP Sipahi & RO/ARO Paper Leak: ED की बड़ी कार्रवाई, 17 पर चार्जशीट, करोड़ों की मनी लॉन्ड्रिंग बेनकाब
उत्तर प्रदेश पुलिस कॉन्स्टेबल भर्ती परीक्षा-2023 और UPPSC RO/ARO परीक्षा 2023 के पेपर लीक मामले में Enforcement Directorate (ED) ने जांच को निर्णायक मोड़ पर पहुंचा दिया है। लखनऊ में ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (PMLA) के तहत 17 अभियुक्तों के खिलाफ सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल की है। जांच में पेपर लीक से लेकर अवैध कमाई को ठिकाने लगाने तक का पूरा नेटवर्क सामने आया है।
पेपर लीक से मनी लॉन्ड्रिंग तक का खुलासा
ईडी की जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने भर्ती परीक्षाओं के प्रश्नपत्र परीक्षा से पहले लीक कर अभ्यर्थियों को उपलब्ध कराए। इसके बदले मोटी रकम वसूली गई, जिसे बाद में बैंक खातों, नकद लेन-देन और संपत्तियों में निवेश कर छिपाने की कोशिश की गई। यही अवैध कमाई ईडी की जांच में ‘प्रोसीड्स ऑफ क्राइम’ के रूप में सामने आई।
1.02 करोड़ की संपत्तियां पहले ही अटैच
फॉलो-अप जांच में ईडी पहले ही 1.02 करोड़ रुपये की संपत्तियों को अटैच कर चुकी है। इनमें प्लॉट, फ्लैट, बैंक खाते और वाहन शामिल हैं। एजेंसी का कहना है कि ये सभी संपत्तियां पेपर लीक से हुई अवैध कमाई से खरीदी गई थीं, जिनका अटैचमेंट न्यायिक प्रक्रिया में वैध ठहराया जा चुका है।
तीन राज्यों में फैला संगठित नेटवर्क
ईडी की जांच में यह भी सामने आया कि यह पेपर लीक रैकेट केवल उत्तर प्रदेश तक सीमित नहीं था। नेटवर्क उत्तर प्रदेश, हरियाणा और मध्य प्रदेश तक फैला हुआ था।
हरियाणा के मानेसर में अभ्यर्थियों को रिसॉर्ट्स में ठहराया गया
मध्य प्रदेश के रीवा में सुरक्षित ठिकानों पर उम्मीदवारों को छिपाया गया
यहां उन्हें लीक हुए प्रश्नपत्र और उत्तर रटवाए गए, फिर तय रणनीति के तहत परीक्षा केंद्रों तक पहुंचाया गया।
उत्तर प्रदेश से रची गई साजिश
जांच एजेंसियों के मुताबिक, पूरे नेटवर्क का मुख्य संचालन उत्तर प्रदेश से किया जा रहा था। यहीं से प्रश्नपत्र लीक करने की साजिश रची गई, अभ्यर्थियों से संपर्क साधा गया और लाखों-करोड़ों रुपये की वसूली की गई।
बैंक ट्रांजैक्शन ने खोली पोल
ईडी को आरोपियों के बैंक खातों में परीक्षा विज्ञप्ति जारी होने के बाद और परीक्षा से ठीक पहले व बाद में भारी नकद जमा और संदिग्ध लेन-देन मिले। इससे यह साफ हो गया कि यह मामला किसी एक परीक्षा का नहीं, बल्कि योजनाबद्ध आर्थिक अपराध था।
रवि अत्री और सुभाष प्रकाश की अहम भूमिका
जांच में सामने आया है कि रवि अत्री और सुभाष प्रकाश ने अपने सहयोगियों के साथ मिलकर RO/ARO और सिपाही भर्ती दोनों परीक्षाओं के प्रश्नपत्र लीक किए। ईडी के अनुसार, RO/ARO परीक्षा से मिली रकम का इस्तेमाल आगे पुलिस कॉन्स्टेबल भर्ती परीक्षा का पेपर लीक कराने में किया गया।
UPSTF की FIR से शुरू हुई कार्रवाई
इस पूरे मामले की जांच की शुरुआत Uttar Pradesh STF और यूपी पुलिस द्वारा दर्ज एफआईआर से हुई थी। बाद में मनी लॉन्ड्रिंग का एंगल सामने आने पर ईडी ने केस अपने हाथ में लिया।







