UP मर्डर केस में लखनऊ के आशियाना इलाके से दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है। पैथोलॉजी संचालक और शराब कारोबारी की हत्या के बाद आरोपी बेटे ने शव के चार टुकड़े कर दिए। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में पेट और पीठ पर आठ-आठ इंच गहरे कट के निशान मिलने से मामले में नया खुलासा हुआ है।
गोली मारकर हत्या, फिर बाथरूम में किए टुकड़े
पुलिस के मुताबिक आरोपी ने तीसरी मंजिल पर लाइसेंसी राइफल से पिता को गोली मारी। इसके बाद शव को भूतल पर लाकर बाथरूम में टुकड़े किए। रीढ़ की हड्डी नहीं काट पाने के कारण धड़ अलग नहीं हो सका।दुर्गंध छिपाने के लिए रूम फ्रेशनर का इस्तेमाल किया गया। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त राइफल, आरी और दो चाकू बरामद किए हैं।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में क्या सामने आया?
डॉक्टरों के पैनल द्वारा किए गए पोस्टमार्टम में पेट और पीठ पर गहरे कट के निशान मिले हैं। पूरे घटनाक्रम की वीडियोग्राफी भी कराई गई।फोरेंसिक टीम की मौजूदगी में पुलिस ने क्राइम सीन रीक्रिएट कर आरोपी से पूरी वारदात दोहरवाई।
धड़ को ड्रम में छिपाया, हाथ-पैर फेंके
हत्या के बाद आरोपी ने शव के हाथ और पैर अलग कर अलग-अलग स्थानों पर फेंक दिए। सिर सहित धड़ को घर में नीले ड्रम में छिपाया गया था।पकड़े जाने के डर से आरोपी धड़ को कार से ठिकाने लगाने ले जा रहा था, लेकिन बीच में रुकना पड़ा और पूरी साजिश बेनकाब हो गई।
खून के निशान मिटाने को किया पेंट
गोली लगने के बाद कमरे की दीवारों पर खून के छींटे पड़ गए थे। आरोपी बाजार से पेंट खरीदकर लाया और दीवारों को रंगकर सबूत मिटाने की कोशिश की।पुलिस के अनुसार घर से कोई ज्वलनशील पदार्थ बरामद नहीं हुआ। पैथोलॉजी से जुड़े केमिकल जरूर मिले हैं।
वाट्सएप ग्रुप बनाकर गुमराह करने की कोशिश
मामले को छिपाने के लिए आरोपी ने पिता के लापता होने की अफवाह फैलाई। उसने एक वाट्सएप ग्रुप बनाकर रिश्तेदारों और दोस्तों को जोड़ा और “पापा लौट आओ” जैसे संदेश पोस्ट करता रहा, ताकि किसी को शक न हो।सूत्रों के अनुसार यह ग्रुप गतिविधियों पर नजर रखने के लिए बनाया गया था।







