भारत आज 77वां गणतंत्र दिवस मना रहा है। इस अवसर पर कर्तव्य पथ पर आयोजित भव्य परेड में देश की प्रगति, वंदे मातरम के 150 वर्ष, विकास यात्रा, सैन्य शक्ति और समृद्ध सांस्कृतिक विविधता की झलक देखने को मिल रही है। कार्यक्रम की शुरुआत में Narendra Modi ने राष्ट्रीय युद्ध स्मारक जाकर शहीद सैनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित की।
इसी बीच गणतंत्र दिवस से जुड़ा मथुरा-वृंदावन के प्रसिद्ध संत Premanand Maharaj का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में प्रेमानंद महाराज राष्ट्रप्रेम और बलिदान पर बात करते हुए भावुक नजर आ रहे हैं।
राष्ट्रप्रेम केवल नारे नहीं, जीवन का संकल्प है
गणतंत्र दिवस के मौके पर प्रेमानंद महाराज ने कहा कि “राष्ट्रप्रेम केवल शब्दों या नारों तक सीमित नहीं होता, बल्कि यह वह भावना है जो इंसान को अपने प्राणों से भी ऊपर देश को रखने की प्रेरणा देती है।”
उन्होंने कहा कि सच्चे देशभक्त वही हैं जिन्होंने ‘वंदे मातरम’ कहते हुए फांसी का फंदा स्वीकार किया, जिनकी गर्दनें उतार दी गईं लेकिन उनके कदम कभी पीछे नहीं हटे। यही जज्बा आज हमारे सैनिकों में दिखाई देता है, जो हथेली पर प्राण रखकर तिरंगे की रक्षा के लिए हर समय तैयार रहते हैं।
‘मृत्यु से नहीं डरता सच्चा राष्ट्रप्रेमी’
प्रेमानंद महाराज ने आगे कहा कि “सच्चा राष्ट्रप्रेमी या ईश्वर-प्रेमी मृत्यु से नहीं डरता। भय केवल शरीर से जुड़ा होता है, जो भोग और भौतिक सुखों में उलझा रहता है।”
उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति स्वयं से ऊपर किसी बड़े आदर्श—चाहे वह राष्ट्र हो या ईश्वर—को मान लेता है, उसके लिए मृत्यु अंत नहीं बल्कि कर्तव्य बन जाती है। यही कारण है कि हमारे सैनिक और सच्चे देशभक्त इतिहास में केवल नाम नहीं, बल्कि प्रेरणा बनकर जीवित रहते हैं।








