पंजाब के पटियाला स्थित Rajiv Gandhi National University of Law (RGNUL) की अकादमिक काउंसिल ने विश्वविद्यालय के नाम से पूर्व प्रधानमंत्री Rajiv Gandhi का नाम हटाने की सिफारिश की है।प्रस्ताव के अनुसार, विश्वविद्यालय का नया नाम केवल “National Law University” रखा जा सकता है। इस फैसले की पुष्टि विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. जयशंकर सिंह ने की है।
उन्होंने बताया कि प्रस्ताव अकादमिक काउंसिल में पारित हो चुका है और अब इसे कार्यकारी परिषद और पंजाब सरकार की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। अंतिम निर्णय पंजाब सरकार के स्तर पर लिया जाएगा।
कांग्रेस सांसद का विरोध, राजनीतिक ध्रुवीकरण का आरोप
Patiala Law University से Rajiv Gandhi नाम हटाने की पहल पर राजनीतिक प्रतिक्रिया भी सामने आई है।पटियाला से कांग्रेस सांसद डॉ. धर्मवीर गांधी ने इस प्रस्ताव का विरोध किया है। उनका कहना है कि यह कदम चुनावों से पहले राजनीतिक ध्रुवीकरण की कोशिश हो सकता है।उन्होंने आम आदमी पार्टी (AAP), शिरोमणि अकाली दल (SAD) और भाजपा (BJP) पर ऐसे मुद्दों को उठाकर राजनीतिक लाभ लेने का आरोप लगाया।सांसद ने यह भी कहा कि देश में संस्थानों के नाम बदलने की प्रवृत्ति बढ़ रही है, जिससे ऐतिहासिक विरासत प्रभावित हो रही है।
2024 में भी उठी थी नाम बदलने की मांग
यह पहली बार नहीं है जब Patiala Law University का नाम बदलने की मांग उठी हो।नवंबर 2024 में अकाल तख्त के कार्यवाहक जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गर्गज ने केंद्र सरकार से विश्वविद्यालय का नाम बदलने की मांग की थी।उनका तर्क था कि 1984 के सिख विरोधी दंगों की पृष्ठभूमि में Rajiv Gandhi का नाम सिख समुदाय की भावनाओं को आहत करता है।
2006 में हुआ था विश्वविद्यालय का गठन
यह विश्वविद्यालय वर्ष 2006 में पंजाब सरकार द्वारा पारित एक अधिनियम के तहत स्थापित किया गया था।अब Patiala Law University Name Change को लेकर सभी की निगाहें पंजाब सरकार के अंतिम फैसले पर टिकी हैं कि वह इस सिफारिश को मंजूरी देती है या नहीं।








