अपने 70वें जन्मदिन के मौके पर पत्रकारों को संबोधित करते हुए Mayawati ने केंद्र और राज्य सरकारों पर बड़ा हमला बोला। उन्होंने कहा कि आज देश और प्रदेश में जो भी जनकल्याणकारी योजनाएं चल रही हैं, वे सभी बसपा सरकार की योजनाओं का नाम बदलकर लागू की जा रही हैं। मायावती ने आरोप लगाया कि विरोधी दलों ने साजिश के तहत भ्रम फैलाकर बसपा को कमजोर करने की कोशिश की है।
मायावती ने कहा कि कांग्रेस, बीजेपी और अन्य जातिवादी पार्टियां अलग-अलग हथकंडे अपनाकर बसपा को तोड़ने में लगी हैं, लेकिन पार्टी कार्यकर्ताओं को इसका मुंहतोड़ जवाब देना होगा। उन्होंने साफ कहा कि लक्ष्य उत्तर प्रदेश में पांचवीं बार बसपा की सरकार बनाना है।
ब्राह्मण सम्मान और सर्वसमाज की बात
बसपा सुप्रीमो ने कहा कि बसपा ने हमेशा ब्राह्मण समाज को भागीदारी और सम्मान दिया है।उन्होंने कहा, “ब्राह्मणों को किसी का चोखा-बाटी नहीं चाहिए। ब्राह्मण, क्षत्रिय और वैश्य समाज का पूरा ध्यान बसपा सरकार रखेगी।”
मायावती ने दावा किया कि बसपा ही एकमात्र ऐसी पार्टी है जिसने सभी जातियों और धर्मों का समान सम्मान किया है।
सरकारों पर उपेक्षा के आरोप
मायावती ने आरोप लगाया कि कांशीराम के निधन पर राष्ट्रीय शोक घोषित नहीं किया गया, जो दलित समाज का अपमान था। उन्होंने कहा कि दूसरी सरकारों में मुस्लिम समाज समेत कई वर्गों के साथ अन्याय हुआ, जबकि बसपा सरकार के कार्यकाल में दंगे-फसाद नहीं हुए और यादव समाज का भी पूरा ध्यान रखा गया।
गठबंधन पर बड़ा फैसला
आगामी चुनावों को लेकर मायावती ने बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि बसपा भविष्य में सभी चुनाव अकेले लड़ेगी। उन्होंने कहा कि गठबंधन से पार्टी को नुकसान होता है, खासकर अपर कास्ट का वोट जातिवादी दलों के पास चला जाता है।उन्होंने स्पष्ट किया कि जब अपर कास्ट का भरोसा पूरी तरह बसपा को मिलेगा, तभी गठबंधन पर विचार किया जाएगा, लेकिन इसमें अभी समय लगेगा।








