Lucknow Voter List Update: 14 लाख से ज्यादा फॉर्म लंबित, SIR अभियान की अवधि बढ़ने के आसार
लखनऊ में SIR अभियान के दौरान मतदाता सूची को लेकर बड़ी चिंता सामने आई है। शहर में करीब 38.87 प्रतिशत यानी 14 लाख से अधिक मतदाता ऐसे हैं, जिनके गणना प्रपत्र जमा नहीं होने के कारण उनके नाम वोटर लिस्ट में शामिल नहीं हो पा रहे हैं।
जिला निर्वाचन विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, SIR अभियान के दौरान यह स्पष्ट हुआ है कि बड़ी संख्या में मतदाताओं ने अब तक BLO को अपने गणना प्रपत्र जमा नहीं किए हैं। ऐसे मतदाताओं की पहचान के लिए विधानसभा क्षेत्रवार जांच शुरू कर दी गई है।
BLO Verification: सूचियों से हो रहा मिलान
अभियान की निगरानी कर रहे अधिकारी यह भी जांच कर रहे हैं कि
क्या सभी मतदाताओं तक गणना प्रपत्र पहुंचाए गए थे
और क्या मतदाताओं ने प्रपत्र भरकर वापस किए
इसके लिए BLO की सूचियों से मतदाताओं के नाम और फॉर्म की स्थिति का मिलान किया जा रहा है।साथ ही जिले के डिजिटलाइजेशन पोर्टल पर अपलोड किए गए आंकड़ों से भी क्रॉस वेरिफिकेशन किया जा रहा है।
Assembly-wise Status: क्षेत्रों में बड़ा अंतर
विधानसभा क्षेत्रों में गणना प्रपत्र जमा होने की स्थिति में बड़ा अंतर देखने को मिला है—
मलिहाबाद: 82.52%
मोहनलालगंज: 82.71%
कैंट: 77.68%
लखनऊ पश्चिम: 69.67%
बीकेटी: 68.13%
लखनऊ उत्तर: 60.59%
लखनऊ मध्य: 61.21%
लखनऊ पूर्व: 62.63%
सरोजनीनगर: 64.82%
Dead, Duplicate और Migrated Voters की पहचान
जांच में सामने आया है कि गणना प्रपत्र जमा न करने वाले मतदाताओं में
मृत मतदाता
डुप्लीकेट नाम
और विस्थापित वोटर भी शामिल हैं।
इनकी पहचान के लिए पार्षदों, ग्राम प्रधानों, पंचायत सचिवों और अन्य जनप्रतिनिधियों की मदद ली जा रही है।
क्यों घट रही वोटरों की संख्या?
जिला निर्वाचन अधिकारियों के अनुसार, SIR अभियान से पहले मतदाता सूची में
एक ही व्यक्ति के नाम दो या तीन जगह दर्ज थे
अब ऐसे मतदाता केवल एक ही स्थान पर फॉर्म भर रहे हैं
इसके अलावा मृत और विस्थापित मतदाताओं के नाम हटने से भी कुल वोटर संख्या में कमी दर्ज की जा रही है।
SIR Campaign Extension: तारीख बढ़ने की संभावना
फिलहाल लखनऊ में SIR अभियान की अवधि 26 दिसंबर तक तय है, लेकिन 30.37 प्रतिशत मतदाताओं का फॉर्म जमा न होना अधिकारियों के लिए गंभीर चिंता का विषय है।ऐसे में माना जा रहा है कि SIR अभियान की तारीख और बढ़ाई जा सकती है, ताकि कोई भी पात्र मतदाता वोटर लिस्ट से बाहर न रह जाए।इसके अलावा फरवरी से युवाओं को जोड़ने के लिए विशेष पुनरीक्षण अभियान भी शुरू किया जाएगा।








