Lucknow Terror Alert: नई कॉलोनियों में ISIS नेटवर्क का खुलासा, डॉक्टर शाहीन गिरफ्तार
दिल्ली ब्लास्ट के बाद देशभर में सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर हैं। इसी बीच जम्मू-कश्मीर पुलिस ने लखनऊ के लालबाग क्षेत्र से एक महिला डॉक्टर शाहीन को गिरफ्तार किया है। दावा किया जा रहा है कि शाहीन कई आतंकियों से लंबे समय से संपर्क में थी। इस गिरफ्तारी के बाद राजधानी लखनऊ की नई विकसित कॉलोनियों से आतंकियों के नेटवर्क को लेकर गंभीर सवाल उठने लगे हैं।
क्या लखनऊ की नई कॉलोनियां बन रही हैं आतंकियों का ठिकाना?
सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक, पिछले 20 वर्षों में लखनऊ से लेकर आसपास के इलाकों से हिजबुल मुजाहिद्दीन, लश्कर-ए-तैयबा, अलकायदा, ISIS और हूजी जैसे आतंकी संगठनों के कई सदस्य या तो गिरफ्तार किए गए हैं या मुठभेड़ों में मारे गए हैं।इन अभियानों में बड़ी मात्रा में हथियार और विस्फोटक सामग्री भी बरामद की गई है
2005 में गोमतीनगर में पहली बड़ी मुठभेड़
साल 2005 में, जब यूपी में ATS का गठन नहीं हुआ था, तब STF को सूचना मिली कि गोमतीनगर की नई कॉलोनी में कुछ विदेशी संदिग्ध रह रहे हैं।जांच के दौरान हुई मुठभेड़ में तीन आतंकी मारे गए — बाद में खुलासा हुआ कि तीनों पाकिस्तानी नागरिक थे और हिजबुल मुजाहिद्दीन से जुड़े थे।
2007–2021 तक आतंकियों की गिरफ्तारी और मुठभेड़
2007, देवा रोड: STF ने दो आतंकियों को मार गिराया, जिनमें एक पाकिस्तानी था।
2021, मड़ियांव और दुबग्गा: UP-ATS ने अलकायदा समर्थित अंसार गजवा तुल हिंद से जुड़े दो संदिग्धों — मिनहाज और नसीरुद्दीन — को गिरफ्तार किया।
इनके पास से प्रेशर कुकर बम और विस्फोटक बरामद किए गए।2017, हाजी कॉलोनी (काकोरी): आतंकी सैफुल्ला को एनकाउंटर में मार गिराया गया।
पुलिस का दावा था कि वह 15 अगस्त पर बड़ी आतंकी वारदात की साजिश रच रहा था।
लखनऊ में गिरफ्तार प्रमुख आतंकी और एजेंट
मई 2005: लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े सादात रशीद और इरफान गिरफ्तार।
दिसंबर 2006: ISI एजेंट अब्दुल शकूर और आदिल कैसरबाग से अरेस्ट।
जुलाई 2006: ISI एजेंट लारेब खान, जो आईटी चौराहे पर प्लेसमेंट एजेंसी चलाता था, गिरफ्तार।
जून 2007: हूजी कमांडर बाबू भाई और साथी नौशाद गिरफ्तार।
नवंबर 2007: जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े तीन आतंकी पकड़े गए।
मार्च 2007: मॉडल हाउस निवासी इजहार खान, जो असलहे सप्लाई करता था, गिरफ्तार।
सितंबर 2007: सिमी सदस्य शहबाज अहमद गिरफ्तार।
अगस्त 2008: जमात-उल-मुजाहिद्दीन से जुड़े मोहम्मद मसरूर को STF ने पकड़ा।








