लखनऊ में Indian Overseas Bank (IOB) की शाखा से चोरी हुए लॉकर गहनों की पुलिस द्वारा की गई रिकवरी पर अब सवाल उठने लगे हैं। गहने लौटाए जाने के बाद ग्राहकों ने गहरी नाराजगी जताई है। उनका आरोप है कि उन्हें उनके असली जेवरों का केवल करीब 30 प्रतिशत हिस्सा ही वापस मिला, जबकि कई गहने टूटे हुए हैं और सील्ड डिब्बों से पहचान की पर्चियां भी गायब थीं।
मटियारी चौराहा IOB शाखा में हुई थी बड़ी चोरी
यह मामला मटियारी चौराहे स्थित इंडियन ओवरसीज बैंक शाखा का है, जहां 20–21 दिसंबर 2024 की रात चोरों ने बड़ी वारदात को अंजाम दिया था। चोरों ने बैंक की पिछली दीवार में सेंध लगाकर भीतर प्रवेश किया, अलार्म सिस्टम को डैमेज किया और लॉकर रूम में घुसकर 42 लॉकर काट डाले। इनमें से 4 लॉकर खाली थे, जबकि 38 लॉकरों से गहने, नकदी और जरूरी दस्तावेज चोरी कर लिए गए।
STF जांच, CCTV में कैद हुए चोर
वारदात के बाद STF और डॉग स्क्वायड की टीम ने जांच शुरू की। बैंक में लगे CCTV कैमरों में चार चोर कैद हुए, जिनके हाथों में इलेक्ट्रिक कटर दिखाई दिए। जांच में सामने आया कि चोर करीब डेढ़ घंटे तक बैंक के भीतर मौजूद रहे।
कोर्ट प्रक्रिया के बाद शुरू हुई रिकवरी
मामला कोर्ट तक पहुंचा, जहां कानूनी प्रक्रिया के बाद पुलिस ने जब्त गहनों को डिब्बों में सील कर ग्राहकों के सामने पैक किया। 27 जनवरी 2025 को 14 ग्राहकों को उनके गहने लौटाए गए, लेकिन इसके बाद ही असंतोष सामने आने लगा।
ग्राहकों का आरोप: गहने कम और टूटे हुए
ग्राहकों का कहना है कि जो जेवर लौटाए गए हैं, वे न सिर्फ मात्रा में कम हैं, बल्कि कई पुश्तैनी गहने टूटे हुए हैं। कुछ डिब्बों से पहचान से जुड़ी पर्चियां भी गायब बताई जा रही हैं। पीड़ितों का आरोप है कि उन्हें लंबी कानूनी लड़ाई के बाद भी पूरा न्याय नहीं मिला।








