लखनऊ नगर निगम अब शहर को स्ट्रीट डिजाइन मॉडल पर विकसित करने की तैयारी में है। अहमदाबाद की तर्ज पर लखनऊ को प्रदेश का पहला स्ट्रीट डिजाइन जिला बनाया जाएगा। इसके साथ ही फरवरी महीने में शहर में इंटरनेशनल फ्लावर शो का आयोजन भी किया जाएगा।
फरवरी में इंटरनेशनल फ्लावर शो
नगर निगम की ओर से फरवरी में प्रस्तावित इंटरनेशनल फ्लावर शो लखनऊ की जनता के लिए खास आकर्षण होगा। इस आयोजन में 100 से अधिक फूलों की प्रजातियां प्रदर्शित की जाएंगी। लोग यहां परिवार के साथ सैर कर सकेंगे और शहर को एक नया पर्यटन स्थल भी मिलेगा।
स्ट्रीट डिजाइन से सुंदरता और ट्रैफिक सुधार
अहमदाबाद मॉडल पर लागू होने वाले स्ट्रीट डिजाइन से शहर की सड़कें न सिर्फ सुंदर बनेंगी, बल्कि ट्रैफिक जाम से भी राहत मिलने की उम्मीद है। नगर निगम का दावा है कि सुव्यवस्थित डिजाइन से अवैध अतिक्रमण और अव्यवस्था पर रोक लगेगी।
अवैध होर्डिंग्स से मिलेगी निजात
स्ट्रीट डिजाइन योजना के तहत अवैध होर्डिंग्स हटाने पर भी जोर दिया जाएगा। इसके लिए यूनिपोल सिस्टम को लेकर 15 साल की अवधि का टेंडर प्रस्तावित है। अभी यह टेंडर सिर्फ दो साल के लिए होता है, जिससे बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित नहीं हो पाता।
फिलहाल शहर में वैध रूप से सीमित संख्या में यूनिपोल और एलईडी लगाने की अनुमति है, लेकिन हजरतगंज, पुराने लखनऊ, गोमतीनगर, अमौसी, कृष्णानगर, महानगर समेत कई इलाकों में 2 हजार से अधिक अवैध होर्डिंग्स लगे होने का अनुमान है।
गुजरात दौरे के बाद होगा अंतिम फैसला
नगर निगम का 60 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल इस समय अहमदाबाद दौरे पर है। प्रतिनिधिमंडल के 11 जनवरी को लौटने के बाद फ्लावर शो की तारीख तय की जाएगी। स्ट्रीट डिजाइन से जुड़े नियमों को आगामी कार्यकारिणी बैठक और सदन में पेश किया जाएगा।
वेस्ट टू एनर्जी और ड्रेनेज सिस्टम पर भी फोकस
गुजरात दौरे के दौरान नगर निगम ने वेस्ट टू एनर्जी प्लांट, सौर ऊर्जा, कूड़ा निस्तारण और नगरीय व्यवस्थाओं का अध्ययन किया है। अहमदाबाद में ड्रेनेज और सीवर के अलग-अलग सिस्टम को देखकर लखनऊ में भी नालों को कवर करने और बेहतर जल निकासी व्यवस्था लागू करने की तैयारी है, हालांकि बजट को लेकर चुनौतियां बनी हुई हैं।








